फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   Arapeediarpi plan to cut 34 million was in jeopardy

34 करोड़ की कटौती से खटाई में पड़ी आरएपी-डीआरपी योजना

Sat, 05 Mar 2016 11:12 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद Updated Sat, 05 Mar 2016 11:12 PM IST
विज्ञापन
Arapeediarpi plan to cut 34 million was in jeopardy
संत टाकीज के पास सडक मे अन्डरग्राउन्ड बिजली की केबिल डालते मजदूर

विज्ञापन
 जनता को बेहतर आपूर्ति एवं लाइन लास 15 प्रतिशत लाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ की गई आरएपी-डीआरपी योजना धनाभाव के चलते खटाई में पड़ने जा रही है। शासन ने 34 करोड़ रुपये की कटौती कर दी है। बजट घटने से योजना को झटका लगा है। केंद्र सरकार ने 169 करोड़ की योजना की धनराशि घटाकर 135 करोड़  रुपये कर दी है, और अब करोड़ों रुपये कम होने के बाद अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के माथे पर बल नजर आ रहे हैं।

केंद्र सरकार ने वर्ष 2011-12 में विद्युत सुधार कार्य के लिए आरएपी-डीआरपी योजना लागू की है। इस योजना के अंतर्गत शहरी घनी आबादी वाले क्षेत्रों में जर्जर लाइनों को अंडरग्राउंड करने, बिजली घरों पर नई मशीनें स्थापित करने, ओवरलोड फीडरों को बाइपरकेट कर अतिरिक्त फीडर बनाने, हादसों को रोकने के लिए हाइटेंशन लाइनों को अंडरग्राउंड करने, बिजलीघरों पर नई ओसीबी लगाने, ओवरलोड ट्रांसफार्मरों का लोड घटाने को डबल ट्रांसफार्मर स्थापित करने, आर्मड केबिल से मीटर बदलने के साथ नए पोल स्थापित करने का कार्य कराया जाना था।
विज्ञापन


केंद्र सरकार द्वारा यह कार्य कराने की जिम्मेदारी नोएडा की कंपनी जेएसपी को सौंपी गई। जेएसपी कंपनी द्वारा शुरूआत में काफी धीमी गति से कार्य किया गया। शासन-प्रशासन की सख्ती के बाद कंपनी द्वारा कार्य में तेजी लाई गई। शहर में एक साथ कई स्थानों पर 11 केवी लाइनों के साथ विद्युत फीडरों को अंडरग्राउंड लाइन डालने का कार्य तेजी से चल रहा है। लेकिन अब 169 करोड़ की योजना 135 करोड़ की रह जाने से विकास कार्यों में रोड़ा अटकना तय माना जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नगर निगम के साथ जनता ने भी लगाया अडंगा
केंद्र व प्रदेश सरकार से अनुमति मिलने के बाद भी नगर निगम द्वारा करोड़ों की योजना में अड़ंगा लगाया गया। तत्कालीन डीएम विजय किरन आनंद ने नगर निगम, विद्युत विभाग व कार्यदायी संस्था के अफसरों की बैठक बुलाकर कार्य में गति प्रदान करने के निर्देश दिए थे। बैठक में सहमति बनने के बाद भी नगर निगम द्वारा कई स्थानों पर कार्य रुकवा कर अवरोध उत्पन्न किया गया। शहर के ओवरलोड ट्रांसफार्मरों के स्थानों पर नए ट्रांसफार्मर लगाने का जनता द्वारा कई स्थानों पर विरोध किया जा रहा है। शहर के तिलक नगर, डाकखाना चौराहा, हनुमान गंज सहित मुस्लिम आबादी के क्षेत्रों में जनता के विरोध के चलते कार्य नहीं हो पा रहा है।

योजना पर करीब 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण
केंद्र सरकार द्वारा आरएपी-डीआरपी योजना के अंतर्गत मार्च-16 तक हर हाल में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए थे लेकिन जेएसपी कंपनी की लेटलतीफी से कार्य में काफी विलंब हुआ। विद्युत विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो आरएपी-डीआरपी योजना पर कार्य करीब 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। 11 हजार की अतिभारित लाइनों को अंडरग्राउंड करने के साथ शहर के पुरुषोत्तम बिहार, आसफाबाद व गांधीपार्क फीडरों को पूर्णतया भूमिगत किया जा चुका है। नौ हजार में से चार हजार मीटर बदले गए हैं। 186 में 160 नए ट्रांसफार्मर स्थापित कराए जा चुक हैं।


जनता को बेहतर आपूर्ति देने, लाइन लास करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई आरएपी-डीआरपी योजना के अंतर्गत करीब 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण कराया जा चुका है। यह कार्य मार्च-16 तक पूर्ण होना था लेकिन विलंब के चलते यह कार्य अगस्त-16 तक पूर्ण होने की उम्मीद है।
महेश चंद्रा, अधिशासी अभियंता-द्वितीय
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed