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‘गाय के गोबर की खाद से वातावरण दूषित नहीं होता ’
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Sat, 12 Mar 2016 11:03 PM IST
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बीबीपुर किसान मेले में दी योजनाओं की जानकारी
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश भूमि सुधार निगम के तत्वावधान में शनिवार को विकास खंड सकीट के गांव वाहिद बीवीपुर में किसान मेला का आयोजन हुआ। किसानों को कृषि की नवीनतम तकनीकी जानकारी एवं किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बारे में बताया।
मेले का उद्घाटन एडीएम सतीश पाल ने फीता काटकर किया। वहीं जिला कृषि अधिकारी, जोनल अधिकारी सुभाष चंद्र शुक्ला ने दीप प्रज्ज्वलन करके किया। किसान मेले में कृषि उप निदेशक ,जिला कृषि अधिकारी ,भूमि संरक्षण अधिकारी, उद्यान विभाग अधिकारी और कृषि विशेषज्ञों ने जैविक खाद/गोबर की खाद का प्रयोग करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया। साथ ही पशुपालक को भी बढ़ाना देने पर बल दिया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि गाय के गोबर की खाद दूषित वातावरण को खत्म कर देती है। मेले में कई विभागों ने स्टाल लगाकर किसानों को नई योजनाओं की जानकारी देते हुए जागरूक किया। मेले में लाभार्थी किसानों को एडीएम ने सम्मानित किया। जोनल अधिकारी सुभाष चंद्र शुक्ला ,परियोजना प्रबंधक डा. जितेंद्र कुमार ने बताया कि सोडिक मिट्टी से सामान्य मिट्टी भिन्न होती है। ऊसर सुधार की तकनीकी का प्रबंधन करते हुए ऊसर भूमि को सुधार कर फसल योग्य बनाया जा सकता है।
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मेले का उद्घाटन एडीएम सतीश पाल ने फीता काटकर किया। वहीं जिला कृषि अधिकारी, जोनल अधिकारी सुभाष चंद्र शुक्ला ने दीप प्रज्ज्वलन करके किया। किसान मेले में कृषि उप निदेशक ,जिला कृषि अधिकारी ,भूमि संरक्षण अधिकारी, उद्यान विभाग अधिकारी और कृषि विशेषज्ञों ने जैविक खाद/गोबर की खाद का प्रयोग करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया। साथ ही पशुपालक को भी बढ़ाना देने पर बल दिया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि गाय के गोबर की खाद दूषित वातावरण को खत्म कर देती है। मेले में कई विभागों ने स्टाल लगाकर किसानों को नई योजनाओं की जानकारी देते हुए जागरूक किया। मेले में लाभार्थी किसानों को एडीएम ने सम्मानित किया। जोनल अधिकारी सुभाष चंद्र शुक्ला ,परियोजना प्रबंधक डा. जितेंद्र कुमार ने बताया कि सोडिक मिट्टी से सामान्य मिट्टी भिन्न होती है। ऊसर सुधार की तकनीकी का प्रबंधन करते हुए ऊसर भूमि को सुधार कर फसल योग्य बनाया जा सकता है।
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