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जेल में सजी सुरों की महफिल
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Sun, 13 Mar 2016 11:17 PM IST
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जेल में सजी सुरों की महफिल
- फोटो : अमर उजाला
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कारागार में निरुद्ध बंदियों में सुधार लाने को कार्य कर रही राष्ट्रीय युवा शक्ति के तत्वाधान में रविवार को जिला कारागार में संगीत की महफिल सजाई गई। कार्यक्रम में स्ट्रैंथ-द बैंड के कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति देकर पूरे जेल के वातावरण को सुरों से सराबोर कर दिया। यही नहीं कार्यक्रम में बंदियों ने राष्ट्रभक्ति के गीत सुनाकर राष्ट्र प्रेम, अनुशासन एवं एकजुटता का परिचय दिया।
जिला कारागार में आयोजित संगीत कार्यक्रम का उद्घाटन जेल अधीक्षक अनूप सिंह और संस्था प्रमुख प्रदीप रघुनंदन ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करके किया। उपस्थित बंदियों को संबोधित करते हुए जेल अधीक्षक ने कहा कि संगीत जीवन की शक्ति है और जब-जब व्यक्ति निराशा के भाव से घिरता है तब संगीत की उसमें ऊर्जा का संचार कर सकारात्मक भाव से भर देती है। वह व्यक्ति फिर से अपने उद्देश्य की ओर बढ़ने लगता है। उन्होंने बंदियों से आह्वान किया कि वह पूरे संयम एवं अनुशासन के साथ अपने जेल जीवन को व्यतीत करें और जेल में राष्ट्रीय युवा शक्ति के तत्वाधान में आयोजित होने वाले रचनात्मक कार्यक्रमों से अपने आप को जोडे़।
कार्यक्रम संयोजक प्रदीप रघुनंदन ने कहा कि जेल में रहकर भी वह बहुत कुछ सीखते हुए अपनी अपनी प्रतिभा को निखार सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि बंदी अपने आपको परिवर्तन करने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहें। इस दौरान जेलर पीके सिंह ने राष्ट्रीय युवा शक्ति के प्रयासों की प्रशंसा की। बैंड के सभी कलाकार भास्कर गौड़, वैभव, शशांक, हार्दिक, प्रियांशु एवं बासू का जेल प्रशासन की ओर से स्वागत किया गया। बंदी रक्षक दिलासा राम के गायन ने सभी का मन मोह लिया। उप जेलर संजय सिंह, रामनरेश गौतम, प्रशांत कुमार, डॉ. मनोज शर्मा, अमित स्वरूप एवं कैलाश चंद्र सविता सहित अनेक बंदी मौजूद रहे।
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जिला कारागार में आयोजित संगीत कार्यक्रम का उद्घाटन जेल अधीक्षक अनूप सिंह और संस्था प्रमुख प्रदीप रघुनंदन ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करके किया। उपस्थित बंदियों को संबोधित करते हुए जेल अधीक्षक ने कहा कि संगीत जीवन की शक्ति है और जब-जब व्यक्ति निराशा के भाव से घिरता है तब संगीत की उसमें ऊर्जा का संचार कर सकारात्मक भाव से भर देती है। वह व्यक्ति फिर से अपने उद्देश्य की ओर बढ़ने लगता है। उन्होंने बंदियों से आह्वान किया कि वह पूरे संयम एवं अनुशासन के साथ अपने जेल जीवन को व्यतीत करें और जेल में राष्ट्रीय युवा शक्ति के तत्वाधान में आयोजित होने वाले रचनात्मक कार्यक्रमों से अपने आप को जोडे़।
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कार्यक्रम संयोजक प्रदीप रघुनंदन ने कहा कि जेल में रहकर भी वह बहुत कुछ सीखते हुए अपनी अपनी प्रतिभा को निखार सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि बंदी अपने आपको परिवर्तन करने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहें। इस दौरान जेलर पीके सिंह ने राष्ट्रीय युवा शक्ति के प्रयासों की प्रशंसा की। बैंड के सभी कलाकार भास्कर गौड़, वैभव, शशांक, हार्दिक, प्रियांशु एवं बासू का जेल प्रशासन की ओर से स्वागत किया गया। बंदी रक्षक दिलासा राम के गायन ने सभी का मन मोह लिया। उप जेलर संजय सिंह, रामनरेश गौतम, प्रशांत कुमार, डॉ. मनोज शर्मा, अमित स्वरूप एवं कैलाश चंद्र सविता सहित अनेक बंदी मौजूद रहे।
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