{"_id":"56e1c1364f1c1b6b468b4589","slug":"in-any-case-the-right-to-be-brought-to-the-characters-dm","type":"story","status":"publish","title_hn":"पात्रों को हर हाल में दिलाया जाए हक : डीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पात्रों को हर हाल में दिलाया जाए हक : डीएम
बदायूं, ब्यूरो
Updated Fri, 11 Mar 2016 12:17 AM IST
विज्ञापन
खाद्य
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत गुरुवार को तहसील क्षेत्र के गांव बैरमई बुजुर्ग में जिलाधिकारी शंभूनाथ ने पात्र व्यक्तियों को अनाज वितरण कर योजना का शुभांरभ किया। इस मौके पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि रोटी, कपड़ा और मकान वर्तमान परिवेश में सभी की प्रमुख आवश्यकता है। इसके लिए व्यक्ति को कई तरह से संघर्ष भी करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में चल रही सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत करीब 15 फीसदी लोगों को ही अनाज मिल पाता था। मगर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के शुरू होने से जिले के करीब 75 फीसदी लोगों को इसका उचित लाभ मिल सकेगा। अंत्योदय और बीपीएल कार्डधारकों को पूर्व की भांति राशन मिलता रहेगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से यह अपेक्षा भी की इस योजना से कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहने पाए नहीं तो विभाग की लापरवाही मानी जाएगी। जो लोग योजना से वंचित रह गए हैं, उनके आवेदन जनसेवा और लोकवाणी केंद्र के माध्यम से शीघ्र करा दें ताकि उनको भी शीघ्र इसका लाभ मिल सके। इससे पहले जिला पूर्ति अधिकारी सत्यदेव सिंह ने कहा कि दुकानों पर तैनात पर्यवेक्षक अधिकारी वितरण पूरी ईमानदारी एवं निष्ठा से कराएं ताकि पात्रों को उनका हक मिल सके। उन्होंने कहा योजना के तहत प्रति यूनिट पर पांच किलोग्राम अनाज मिलेगा, जिसमें डेढ़ किलोग्राम चावल तीन रुपये एवं साढ़े तीन किलोग्राम गेहूं दो रुपए की दर से मिलेगा। एसडीएम विधान जायसवाल ने कहा कि तहसील क्षेत्र के सभी राशन कोटेदारों को निर्धारित अनाज का उठान गोदामों से करा दिया है। यदि किसी कोटेदार द्वारा धांधली की शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई कर दुकान को निरस्त कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी के हाथों से गांव की दयावती, नारायनी, शीलादेवी, विनीता, लाली, खिरजान, सरस्वती, जसोदा, गंगादेवी, जलधारा, सरोज, लक्ष्मी देवी, नीरज, चमेली समेत दर्जनों को अनाज देकर योजना शुरू कराई गई। इस मौके पर तहसीलदार बालकराम यादव, पूर्ति निरीक्षक राहुलदीप गुप्ता, एसओ नरेंद्र सिंह यादव, कुशलपाल सिंह, स्वंतत्रबाबू, नाथूराम भारती, सुनील माहेश्वरी, मुकेश यादव, देवेंद्र सिंह, सोमेंद्र माहेश्वरी, प्रमोद कुमार आदि मौजूद रहे।
00
कितना मिलेगा अनाज
बदायूं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अब प्रति यूनिट के आधार पर दो रुपये किलो गेहूं, तीन रुपये किलो चावल उपलब्ध कराया जाएगा। प्रति यूनिट की दर से साढ़े तीन किलो गेहूं तथा डेढ़ किलो चावल कुल पांच किलो अनाज उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना में यदि किसी अपात्र व्यक्ति का चयन हो गया होगा तो शिकायत के बाद सत्यापन कराकर उसका राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी बिल्सी विधान जायसवाल, जिलापूर्ति अधिकारी सत्यदेव मौजूद रहे।
विज्ञापन
00
इन्हें नहीं मिलेगा अधिनियम का लाभ
बदायूं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 का लाभ शहरी क्षेत्रों में ऐसे परिवारों को नहीं मिलेगा, जिस परिवार के सभी सदस्यों की प्रतिवर्ष आय तीन लाख से अधिक होगी या परिवार का सदस्य आयकर दाता हो और उसके पास किसी प्रकार का चार पहिया वाहन, एयर कंडीशनर हो अथवा पांच केवीए या उससे अधिक की क्षमता का जेनरेटर हो। परिवार में एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस धारक हो तथा किसी सदस्य के स्वामित्व में अकेले या अन्य सदस्यों के पास सौ वर्ग मीटर का स्वअर्जित आवासीय, स्वनिर्मित मकान फ्लैट होगा या अस्सी वर्ग मीटर का कार्पेट एरिया का व्यवसायिक स्थान होगा। ऐसे परिवारों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में सभी सदस्यों की वार्षिक आय दो लाख निर्धारित की गई है। पांच एकड़ से अधिक सिंचित भूमि होगी, परिवार आयकर दाता होगा, चार पहिया वाहन, वातानुकूलित यंत्र होगा उसे लाभ नहीं मिलेगा।
00
ये लोग उठा सकेंगे लाभ
बदायूं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भिक्षावृत्ति, घरेलू कामकाज, जूते-चप्पल की मरम्मत, फेरी, खोमचे लगाने, रिक्शा चलाने वाले परिवारों, कुष्ठ, एड्स से पीड़ित अनाथ बच्चे, स्वच्छकार, दैनिक वेतन भोगी, भूमिहीन मजदूर, गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले, निराश्रित महिलाएं, विकलांग, मानसिक रूप से विक्षिप्त परिवारों, आवासहीनों, कच्चे मकान वालों, ट्रांसजेंडर कम्युनिटी, किन्नर के परिवारों को लाभ दिया जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पूर्व में चल रही सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत करीब 15 फीसदी लोगों को ही अनाज मिल पाता था। मगर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के शुरू होने से जिले के करीब 75 फीसदी लोगों को इसका उचित लाभ मिल सकेगा। अंत्योदय और बीपीएल कार्डधारकों को पूर्व की भांति राशन मिलता रहेगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से यह अपेक्षा भी की इस योजना से कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहने पाए नहीं तो विभाग की लापरवाही मानी जाएगी। जो लोग योजना से वंचित रह गए हैं, उनके आवेदन जनसेवा और लोकवाणी केंद्र के माध्यम से शीघ्र करा दें ताकि उनको भी शीघ्र इसका लाभ मिल सके। इससे पहले जिला पूर्ति अधिकारी सत्यदेव सिंह ने कहा कि दुकानों पर तैनात पर्यवेक्षक अधिकारी वितरण पूरी ईमानदारी एवं निष्ठा से कराएं ताकि पात्रों को उनका हक मिल सके। उन्होंने कहा योजना के तहत प्रति यूनिट पर पांच किलोग्राम अनाज मिलेगा, जिसमें डेढ़ किलोग्राम चावल तीन रुपये एवं साढ़े तीन किलोग्राम गेहूं दो रुपए की दर से मिलेगा। एसडीएम विधान जायसवाल ने कहा कि तहसील क्षेत्र के सभी राशन कोटेदारों को निर्धारित अनाज का उठान गोदामों से करा दिया है। यदि किसी कोटेदार द्वारा धांधली की शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई कर दुकान को निरस्त कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी के हाथों से गांव की दयावती, नारायनी, शीलादेवी, विनीता, लाली, खिरजान, सरस्वती, जसोदा, गंगादेवी, जलधारा, सरोज, लक्ष्मी देवी, नीरज, चमेली समेत दर्जनों को अनाज देकर योजना शुरू कराई गई। इस मौके पर तहसीलदार बालकराम यादव, पूर्ति निरीक्षक राहुलदीप गुप्ता, एसओ नरेंद्र सिंह यादव, कुशलपाल सिंह, स्वंतत्रबाबू, नाथूराम भारती, सुनील माहेश्वरी, मुकेश यादव, देवेंद्र सिंह, सोमेंद्र माहेश्वरी, प्रमोद कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
00
कितना मिलेगा अनाज
बदायूं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अब प्रति यूनिट के आधार पर दो रुपये किलो गेहूं, तीन रुपये किलो चावल उपलब्ध कराया जाएगा। प्रति यूनिट की दर से साढ़े तीन किलो गेहूं तथा डेढ़ किलो चावल कुल पांच किलो अनाज उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना में यदि किसी अपात्र व्यक्ति का चयन हो गया होगा तो शिकायत के बाद सत्यापन कराकर उसका राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी बिल्सी विधान जायसवाल, जिलापूर्ति अधिकारी सत्यदेव मौजूद रहे।
विज्ञापन
00
इन्हें नहीं मिलेगा अधिनियम का लाभ
बदायूं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 का लाभ शहरी क्षेत्रों में ऐसे परिवारों को नहीं मिलेगा, जिस परिवार के सभी सदस्यों की प्रतिवर्ष आय तीन लाख से अधिक होगी या परिवार का सदस्य आयकर दाता हो और उसके पास किसी प्रकार का चार पहिया वाहन, एयर कंडीशनर हो अथवा पांच केवीए या उससे अधिक की क्षमता का जेनरेटर हो। परिवार में एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस धारक हो तथा किसी सदस्य के स्वामित्व में अकेले या अन्य सदस्यों के पास सौ वर्ग मीटर का स्वअर्जित आवासीय, स्वनिर्मित मकान फ्लैट होगा या अस्सी वर्ग मीटर का कार्पेट एरिया का व्यवसायिक स्थान होगा। ऐसे परिवारों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में सभी सदस्यों की वार्षिक आय दो लाख निर्धारित की गई है। पांच एकड़ से अधिक सिंचित भूमि होगी, परिवार आयकर दाता होगा, चार पहिया वाहन, वातानुकूलित यंत्र होगा उसे लाभ नहीं मिलेगा।
00
ये लोग उठा सकेंगे लाभ
बदायूं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भिक्षावृत्ति, घरेलू कामकाज, जूते-चप्पल की मरम्मत, फेरी, खोमचे लगाने, रिक्शा चलाने वाले परिवारों, कुष्ठ, एड्स से पीड़ित अनाथ बच्चे, स्वच्छकार, दैनिक वेतन भोगी, भूमिहीन मजदूर, गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले, निराश्रित महिलाएं, विकलांग, मानसिक रूप से विक्षिप्त परिवारों, आवासहीनों, कच्चे मकान वालों, ट्रांसजेंडर कम्युनिटी, किन्नर के परिवारों को लाभ दिया जाएगा।