{"_id":"56e5b6f34f1c1ba9478b456b","slug":"cms-on-negligence-in-treatment-and-emo-sue","type":"story","status":"publish","title_hn":"इलाज में लापरवाही पर सीएमएस और ईएमओ पर मुकदमा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
इलाज में लापरवाही पर सीएमएस और ईएमओ पर मुकदमा
बदायूं, ब्यूरो
Updated Mon, 14 Mar 2016 12:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलारी के दिवंगत विधायक हाजी मोहम्मद इरफान के इलाज में लापरवाही पर जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. शशि कुमार अग्निहोत्री और ईएमओ डॉ. राजेश वर्मा पर मुकदमा दर्ज हो गया है। रविवार को विधायक इरफान के पुत्र फहीम ने दोनो पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रभारी एसएसपी अनिल यादव को तहरीर दी थी।
रविवार को फहीम परिवार के साथ बदायूं पहुंचे और सदर विधायक आबिद रजा के साथ एडीएम प्रशासन एके श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट एके श्रीवास्तव और प्रभारी एसएसपी अनिल यादव से मिले। उन्होंने जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. शशि कुमार अग्निहोत्री, ईएमओ डॉ. राजेश वर्मा पर अपने पिता का कत्ल करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनके पिता को साजिश के तहत गलत दवाइयां दी गईं। विदित हो कि मुजरिया-कछला रोड पर 10 मार्च को बिलारी के सपा विधायक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें दो लोगों की मौके पर और विधायक की अस्पताल पहुंचकर मौत हो गई थी।
वर्जन
मामले में डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी गई है। पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। सीएमएस और ईएमओ पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
विज्ञापन
-अनिल यादव, प्रभारी एसएसपी
जांच के लिए लखनऊ से आई टीम
तीन घंटे तक की तफ्तीश, एंबुलेंस में मिली खामियां
विधायक के इलाज में लापरवाही का मामला
बदायूं। घायल सपा विधायक हाजी मोहम्मद इरफान की इलाज में लापरवाही से मौत के मामले को शासन स्तर पर गंभीरता से लिया गया है। रविवार को लखनऊ से आई दो सदस्यों की टीम ने जिला अस्पताल में तीन घंटे तक पड़ताल की। इस दौरान वह एंबुलेंस भी देखी, जिससे विधायक को बरेली ले जाया गया था। अस्पताल स्टाफ से भी पूछताछ की गई।
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. एसके त्रिपाठी और डॉ. एसपी आर्या की टीम रविवार दोपहर जिला अस्पताल पहुंचीं। यहां दोनों ने विधायक के साथ बरेली गए ट्रेनी फार्मासिस्ट अंसार, लखन के साथ ड्यूटी पर तैनात फार्मासिस्ट मुकेश यादव के बयान दर्ज किए। दोनों ने उस एंबुलेंस का मुआयना भी किया जिससे विधायक को बरेली भेजा गया था। एंबुलेंस के स्टाफ के भी बयान दर्ज किए। सूत्रों की अनुसार एंबुलेंस की हालत पर उन्होंने असंतुष्टि जताई। इस दौरान प्रभारी सीएमएस डॉ. एके गुप्ता भी रहे। डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि वह अपनी रिपोर्ट अगले दो दिन में शासन को सौंप देंगे।
शासन ने अभिसूचना इकाई से मांगी रिपोर्ट
बदायूं। शनिवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बिलारी विधायक के घर पहुंचे थे। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्थानीय अभिसूचना इकाई से पूरे मामले में रिपोर्ट तलब की है। इसके बाद ही मामला गंभीर हुआ। सूत्रों की माने तो अभिसूचना इकाई रिपोर्ट तैयार करने में जुट गई है। मजिस्ट्रेटी जांच भी चल रही है। इसके बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
एंबुलेंस कोआर्डिनेटर ने डीएम को किया गुमराह
सपा विधायक की मौत के बाद एंबुलेंस कोआर्डिनेटर डीएम शंभूनाथ को गुमराह करने से भी नहीं चूके। शनिवार को डीएम ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। डीएम ने उस एंबुलेंस को भी निरीक्षण के लिए अस्पताल में बुलाया, जिससे विधायक को बरेली रेफर किया गया था। एंबुलेंस कोआर्डिनेटर ने डीएम के निरीक्षण में एंबुलेंस ही बदल दी। यह बात अब सामने आई है।
धीरे-धीरे खुल रहीं लापरवाही की परतें
गौर करने वाली बात यह है कि विधायक को सुबह 8:35 बजे उझानी सीएचसी से बदायूं रेफर किया गया। बदायूं जिला अस्पताल में उनके आने का वक्त 9:45 उदर्ज किया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि विधायक की एंबुलेंस को 12 किलोमीटर का सफर तय करने में एक घंटे से भी ज्यादा का वक्त लगा।
विज्ञापन
रविवार को फहीम परिवार के साथ बदायूं पहुंचे और सदर विधायक आबिद रजा के साथ एडीएम प्रशासन एके श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट एके श्रीवास्तव और प्रभारी एसएसपी अनिल यादव से मिले। उन्होंने जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. शशि कुमार अग्निहोत्री, ईएमओ डॉ. राजेश वर्मा पर अपने पिता का कत्ल करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनके पिता को साजिश के तहत गलत दवाइयां दी गईं। विदित हो कि मुजरिया-कछला रोड पर 10 मार्च को बिलारी के सपा विधायक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें दो लोगों की मौके पर और विधायक की अस्पताल पहुंचकर मौत हो गई थी।
विज्ञापन
वर्जन
मामले में डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी गई है। पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। सीएमएस और ईएमओ पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
विज्ञापन
-अनिल यादव, प्रभारी एसएसपी
जांच के लिए लखनऊ से आई टीम
तीन घंटे तक की तफ्तीश, एंबुलेंस में मिली खामियां
विधायक के इलाज में लापरवाही का मामला
बदायूं। घायल सपा विधायक हाजी मोहम्मद इरफान की इलाज में लापरवाही से मौत के मामले को शासन स्तर पर गंभीरता से लिया गया है। रविवार को लखनऊ से आई दो सदस्यों की टीम ने जिला अस्पताल में तीन घंटे तक पड़ताल की। इस दौरान वह एंबुलेंस भी देखी, जिससे विधायक को बरेली ले जाया गया था। अस्पताल स्टाफ से भी पूछताछ की गई।
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. एसके त्रिपाठी और डॉ. एसपी आर्या की टीम रविवार दोपहर जिला अस्पताल पहुंचीं। यहां दोनों ने विधायक के साथ बरेली गए ट्रेनी फार्मासिस्ट अंसार, लखन के साथ ड्यूटी पर तैनात फार्मासिस्ट मुकेश यादव के बयान दर्ज किए। दोनों ने उस एंबुलेंस का मुआयना भी किया जिससे विधायक को बरेली भेजा गया था। एंबुलेंस के स्टाफ के भी बयान दर्ज किए। सूत्रों की अनुसार एंबुलेंस की हालत पर उन्होंने असंतुष्टि जताई। इस दौरान प्रभारी सीएमएस डॉ. एके गुप्ता भी रहे। डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि वह अपनी रिपोर्ट अगले दो दिन में शासन को सौंप देंगे।
शासन ने अभिसूचना इकाई से मांगी रिपोर्ट
बदायूं। शनिवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बिलारी विधायक के घर पहुंचे थे। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्थानीय अभिसूचना इकाई से पूरे मामले में रिपोर्ट तलब की है। इसके बाद ही मामला गंभीर हुआ। सूत्रों की माने तो अभिसूचना इकाई रिपोर्ट तैयार करने में जुट गई है। मजिस्ट्रेटी जांच भी चल रही है। इसके बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
एंबुलेंस कोआर्डिनेटर ने डीएम को किया गुमराह
सपा विधायक की मौत के बाद एंबुलेंस कोआर्डिनेटर डीएम शंभूनाथ को गुमराह करने से भी नहीं चूके। शनिवार को डीएम ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। डीएम ने उस एंबुलेंस को भी निरीक्षण के लिए अस्पताल में बुलाया, जिससे विधायक को बरेली रेफर किया गया था। एंबुलेंस कोआर्डिनेटर ने डीएम के निरीक्षण में एंबुलेंस ही बदल दी। यह बात अब सामने आई है।
धीरे-धीरे खुल रहीं लापरवाही की परतें
गौर करने वाली बात यह है कि विधायक को सुबह 8:35 बजे उझानी सीएचसी से बदायूं रेफर किया गया। बदायूं जिला अस्पताल में उनके आने का वक्त 9:45 उदर्ज किया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि विधायक की एंबुलेंस को 12 किलोमीटर का सफर तय करने में एक घंटे से भी ज्यादा का वक्त लगा।