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‘वैज्ञानिक विधि से खेती करें किसान’
basti
Updated Fri, 11 Mar 2016 12:58 AM IST
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किसान गोष्ठी एवं किसान मेले का आयोजन बृहस्पतिवार को को गन्ना विकास परिषद बभनान में हुआ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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राष्ट्रीय कृषि विकास योजनान्तर्गत एक दिवसीय किसान गोष्ठी एवं किसान मेले का आयोजन बृहस्पतिवार को को गन्ना विकास परिषद बभनान में हुआ।
स्टालों की जानकारी लेते हुए डीएम नरेन्द्र सिंह पटेल ने कहा कि किसानों को केवल रासायनिक खादों से अधिक पैदावार नहीं बढ़ेगी। इसके लिए उन्हें वैज्ञानिक विधि से खेती करनी पड़ेगी।
तभी कम लागत में अधिक उपज प्राप्त कर सकते हैं। किसान खुशहाल तो देश खुशहाल उन्होंने किसानों को सरकार की ओर से कृषि विभाग कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की बता कही।
वहीं उप गन्ना आयुक्त पूर्वी क्षेत्र गोरखपुर डॉ आरबी राम ने कहा कि गन्ना विभाग की ओर उन्नतशील प्रजातियों की बुवाई करके किसान उत्पादकता में बढ़ोतरी कर सकते हैं। गन्ना अनुसंधान संस्थान सेवरही कुशीनगर के वैज्ञानिक डॉ. विनय मिश्र ने कहा कि यहां के किसानों को उपयुक्त गन्ना प्रजाति कोशा 0238, कोशा 0239, 98014, 0118, 94184 व यूपी 05125 की बुवाई करके अधिक लाभ अर्जित कर सकते हैं।
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सहायक निदेशक गन्ना विकास संस्थान गोरखपुर डॉ ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि किसानों को मार्च माह में गन्ने की अच्छी उपज के लिए उत्तम प्रजातियों के साथ नई तकनीकों व टेंच विधि का प्रयोग करना चाहिए।
गन्ने की अधिक उपज प्राप्त करने पर किसान राजेन्द्र प्रसाद यादव, रमेश्वर, मोहम्मद इल्मात, पवन कुमार को डीएम ने शाल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। गोष्ठी को वैज्ञानिक डॉ. बच्चाराव, डॉ0 एसके तोमर ने भी सम्बोधित किया।
किसान मेले में चीनी मिल बभनान, कृषि विभाग, रेशम विभाग, पशुपालन व यूपी एग्रो सहित कई निजी संस्थाओं ने स्टाल लगाकर किसानों को उपयोगी जानकारियां दी। इससे पूर्व मुख्य अतिथि डीएम ने दीप जलाकर गोष्ठी की शुरुआत की।
अध्यक्षता सहकारी गन्ना विकास समिति बभनान अध्यक्ष प्रतिनिधि विनोद सिंह ने किया। इस मौके पर जिला गन्ना अधिकारी रंजीत कुमार निराला, जिला कृषि अधिकारी डॉ सतीश चन्द्र पाठक, चीनी मिल बभनान के महा प्रबन्धक गन्ना जीवी सिंह, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अजीत पाण्डेय, सचिव एसएन सिंह, डीएन शुक्ला, विष्णु प्रताप यादव, लक्ष्मी गुप्ता, राजेश यादव, बब्लू मिश्र, किसान नेता बन्धू चौधरी आदि उपस्थित रहे।
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स्टालों की जानकारी लेते हुए डीएम नरेन्द्र सिंह पटेल ने कहा कि किसानों को केवल रासायनिक खादों से अधिक पैदावार नहीं बढ़ेगी। इसके लिए उन्हें वैज्ञानिक विधि से खेती करनी पड़ेगी।
तभी कम लागत में अधिक उपज प्राप्त कर सकते हैं। किसान खुशहाल तो देश खुशहाल उन्होंने किसानों को सरकार की ओर से कृषि विभाग कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की बता कही।
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वहीं उप गन्ना आयुक्त पूर्वी क्षेत्र गोरखपुर डॉ आरबी राम ने कहा कि गन्ना विभाग की ओर उन्नतशील प्रजातियों की बुवाई करके किसान उत्पादकता में बढ़ोतरी कर सकते हैं। गन्ना अनुसंधान संस्थान सेवरही कुशीनगर के वैज्ञानिक डॉ. विनय मिश्र ने कहा कि यहां के किसानों को उपयुक्त गन्ना प्रजाति कोशा 0238, कोशा 0239, 98014, 0118, 94184 व यूपी 05125 की बुवाई करके अधिक लाभ अर्जित कर सकते हैं।
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सहायक निदेशक गन्ना विकास संस्थान गोरखपुर डॉ ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि किसानों को मार्च माह में गन्ने की अच्छी उपज के लिए उत्तम प्रजातियों के साथ नई तकनीकों व टेंच विधि का प्रयोग करना चाहिए।
गन्ने की अधिक उपज प्राप्त करने पर किसान राजेन्द्र प्रसाद यादव, रमेश्वर, मोहम्मद इल्मात, पवन कुमार को डीएम ने शाल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। गोष्ठी को वैज्ञानिक डॉ. बच्चाराव, डॉ0 एसके तोमर ने भी सम्बोधित किया।
किसान मेले में चीनी मिल बभनान, कृषि विभाग, रेशम विभाग, पशुपालन व यूपी एग्रो सहित कई निजी संस्थाओं ने स्टाल लगाकर किसानों को उपयोगी जानकारियां दी। इससे पूर्व मुख्य अतिथि डीएम ने दीप जलाकर गोष्ठी की शुरुआत की।
अध्यक्षता सहकारी गन्ना विकास समिति बभनान अध्यक्ष प्रतिनिधि विनोद सिंह ने किया। इस मौके पर जिला गन्ना अधिकारी रंजीत कुमार निराला, जिला कृषि अधिकारी डॉ सतीश चन्द्र पाठक, चीनी मिल बभनान के महा प्रबन्धक गन्ना जीवी सिंह, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अजीत पाण्डेय, सचिव एसएन सिंह, डीएन शुक्ला, विष्णु प्रताप यादव, लक्ष्मी गुप्ता, राजेश यादव, बब्लू मिश्र, किसान नेता बन्धू चौधरी आदि उपस्थित रहे।