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खसरा प्रभावित गांव पहुंची स्वास्थ्य टीम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Mar 2016 11:56 PM IST
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बानपुर में खसरे से पीड़ित बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
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बस्ती। बानपुर पीएचसी के बानपुर गांव में खसरे के प्रकोप को देखते हुए बुधवार को डिप्टी सीएमओ डॉ सीएल कन्नौजिया के साथ ही कुदरहा सीएचसी की टीम गांव में पहुंची। पीड़ितों को दवाएं दी गईं। डिप्टी सीएमओ ने बताया कि मुस्कान की मौत खसरे के चलते नहीं, शुगर का लेवल बढ़ जाने से हुई थी।
बता दें कि गांव के सेराज अहमद की आठ वर्षीय पुत्री मुस्कान सहित कई बच्चे खसरे की चपेट में थे। इनमें सेराज की ही पुत्री चार वर्षीय सोयबा खातून, आठ साल की सोनाली, छह साल की जारा खातून, दो साल के अभिषेक, पांच वर्षीय दिशा आदि अब भी पीड़ित हैं। बुधवार को गांव में कुदरहा सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ फैराज अहमद के अलावा डिप्टी सीएमओ प्रथम डॉ सीएल कन्नौजिया स्वास्थ्य कर्मियों के साथ गांव में पहुंचे।
टीम ने गांव के लोगों से पूछताछ की। दिवंगत मुस्कान की मां सलमा खातून ने बताया कि मुस्कान को खसरा हुआ था लेकिन वह काफी दिनों से शुगर की भी मरीज थी। गांव के माली बुद्धिराम के कहने पर इंसुलिन का इंजेक्शन बंद कर दिया था। डिप्टी सीएमओ ने बताया कि इंसुलिन इंजेक्शन बंद होने से शुगर लेवल बढ़ गया था, जिससेे जिला अस्पताल में मुस्कान की मौत हुई।
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डिप्टी साएमओ ने बताया कि फिलहाल गांव में पप्पू का चार माह का पुत्र नीरज और चार साल की पुत्री काजल, अनरजीत के तीन साल के पुत्र विजय के अलावा अन्य सभी स्वस्थ हैं। बाकी को सर्दी जुकाम, बुखार की शिकायत है। दवाएं दी गई हैं।
उन्होंने गांव वालों को नीम हकीमों से झाड़ फूंक कराने की बजाए इलाज कराने की सलाह दी है। फिलहाल कुदरहा सीएचसी के प्रभारी को निर्देश दिया गया है कि वे नियमित निगरानी कराएं।
परती टोले की शीला, गीता, शारदा आदि का कहना है कि उनके टोले पर भी सिकंदर, सोनमती आदि भी खसरे की चपेट में हैं। बताया कि गांव की आशा ऊषा देवी आई थी लेकिन कोई दवा नहीं दी। दूसरी ओर, सीएमओ डॉ जेपी सिंह ने बताया कि टीम के लौटने पर रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
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बता दें कि गांव के सेराज अहमद की आठ वर्षीय पुत्री मुस्कान सहित कई बच्चे खसरे की चपेट में थे। इनमें सेराज की ही पुत्री चार वर्षीय सोयबा खातून, आठ साल की सोनाली, छह साल की जारा खातून, दो साल के अभिषेक, पांच वर्षीय दिशा आदि अब भी पीड़ित हैं। बुधवार को गांव में कुदरहा सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ फैराज अहमद के अलावा डिप्टी सीएमओ प्रथम डॉ सीएल कन्नौजिया स्वास्थ्य कर्मियों के साथ गांव में पहुंचे।
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टीम ने गांव के लोगों से पूछताछ की। दिवंगत मुस्कान की मां सलमा खातून ने बताया कि मुस्कान को खसरा हुआ था लेकिन वह काफी दिनों से शुगर की भी मरीज थी। गांव के माली बुद्धिराम के कहने पर इंसुलिन का इंजेक्शन बंद कर दिया था। डिप्टी सीएमओ ने बताया कि इंसुलिन इंजेक्शन बंद होने से शुगर लेवल बढ़ गया था, जिससेे जिला अस्पताल में मुस्कान की मौत हुई।
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डिप्टी साएमओ ने बताया कि फिलहाल गांव में पप्पू का चार माह का पुत्र नीरज और चार साल की पुत्री काजल, अनरजीत के तीन साल के पुत्र विजय के अलावा अन्य सभी स्वस्थ हैं। बाकी को सर्दी जुकाम, बुखार की शिकायत है। दवाएं दी गई हैं।
उन्होंने गांव वालों को नीम हकीमों से झाड़ फूंक कराने की बजाए इलाज कराने की सलाह दी है। फिलहाल कुदरहा सीएचसी के प्रभारी को निर्देश दिया गया है कि वे नियमित निगरानी कराएं।
परती टोले की शीला, गीता, शारदा आदि का कहना है कि उनके टोले पर भी सिकंदर, सोनमती आदि भी खसरे की चपेट में हैं। बताया कि गांव की आशा ऊषा देवी आई थी लेकिन कोई दवा नहीं दी। दूसरी ओर, सीएमओ डॉ जेपी सिंह ने बताया कि टीम के लौटने पर रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।