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बहुत परेशान करता था डॉक्टर,जान ही ले ली

Wed, 09 Mar 2016 11:58 PM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली Updated Wed, 09 Mar 2016 11:58 PM IST
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The doctor was very upset , took the life
प‌िररिवार के लाोग
घर में तीन जवान बेटियां शादी के लायक हो रही हैं। उनके साथ ही बेटे की भी पढ़ाई की जिम्मेदारी है। पति की हत्या से टूट चुकी थान सिंह की पत्नी  हरप्यारी जितनी दुखी है उतनी ही गुस्से से भरी है। उसने बताया कि पति ने उससे अपनी परेशानियां बतायी थी तो उसने खुद डाक्टर के पास जाकर हाथ जोड़े थे लेकिन वह नहीं पसीजा। हत्या में नामजद डॉक्टर इंतजार हुसैन और सुपरवाइजर थान सिंह में किन किन बातों पर इतने गहरे मतभेद थे यह तो आगे जांच में साफ होगा लेकिन पोस्टमार्टम में गला दबा कर हत्या की पुष्टि होने से पहले ही हरप्यारी जान चुकी थी कि यह आत्महत्या नहीं हत्या है।  
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हर प्यारी ने बताया कि उसके पति थान सिंह को सीएचसी प्रभारी डॉ.इंतजार हुसैन और लिपिक सहारन अली मानसिक रूप से परेशान करते थे। 24 घंटे ड्यूटी लेने के साथ ही बीमार होने पर छुट्टी तक नहीं दी जाती थी।  वह अस्पताल में ही सो जाते थे।  लिपिक सहारन अली वेतन, फंड आदि के भुगताने में तंग करता था। विरोध करने पर बर्खास्त तक कराने की धमकी दी जाती थी। जाति सूचक गालियां देकर अपमानित किया जाता था। हर प्यारी ने बताया कि इससे थान सिंह  बेइज्जत महसूस भी करते थे।  उसने भी डॉक्टर से हाथ जोड़कर पति को प्रताड़ित न करने की मांग की थी, लेकिन डॉक्टर ने  उन्हें धमका कर भगा दिया। आरोप है कि  उसके पति को मंगलवार की रात साजिश के तहत अस्पताल में रोका गया और उसकी हत्या कर दी गई।  
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रिपोर्ट लिखे जाने तक नहीं उठने दी लाश
थानसिंह की मौत की खबर पाकर आसपास के लोग भी अस्पताल आ गए थे।  हरप्यारी चीख चीखकर पति की हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए  रिपोर्ट दर्ज करने की मांग करती रही, लेकिन पुलिस ने एक न सुनी। जब लोगों का गुस्सा भड़क उठा, भीड़ उग्र हो गई तो दोपहर में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। बसपा नेता दीन दयाल, अंगन मौर्य, आर.के. क्रांति, नाथ नगरी सेवा समिति के जिला उपाध्य सहित कई नेता भी मझगवां अस्पताल पहुंच गए थे। अस्पताल में हुई सुपरवाइजर की हत्या के बाद ओपीडी नहीं खुली। जिससे उपचार को आए मरीज निराश होकर घरों को लौटे। 
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साथियों में भी गुस्सा 
  साथी हेल्थ सुपरवाइजर की हत्या से जहां बेसिक हेल्थ वर्कर में रोष दिखा वहीं उनकी आंखें भी दुख से आंसुओं से डबडबा गई। उनका कहना था कि थान सिंह सरल स्वभाव के साथ ही बेहद मिलनसार थे। उनकी हत्या करने वालों को सजा मिलनी चाहिए। 
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कैसे होंगे बेटियों के हाथ पीले
थान सिंह सिंह अपने पीछे दो पुत्रियां 25 वर्षीय राजबाला, 23 वर्षीय रितुबाला के अलावा 20 वर्षीय पुत्र सौरभ और 18 वर्षीय गौरव और पत्नी हर प्यारी को रोता बिलखता छोड़ गए हैं। उनकी बेटियों की अभी शादी तक नहीं हुई है। अब उनकी हत्या के बाद जवान बेटियों के हाथ कैसे पीले होंगे यही चिंता हरप्यारी को सताए जा रही है। 

डॉक्टर के निलंबन का आश्वासन
घटना की जानकारी पर एसीएमओ डॉ.आलोक चंद्रा भी मझगवां सीएचसी पहुंच गए। उन्होंने एमओआईसी डॉ.इंतजार को निलंबित करने का भड़की भीड़ को आश्वासन दिया और सुपरवाइजर थान सिंह के परिवार को हरसंभव मदद का भी भरोसा दिया।  


मैं बाहर हूं, इसलिए पूरी जानकारी नहीं है। लेकिन मामले की जांच शुरू करा दी गई है। जांच रिपोर्ट में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी। 
- डॉ.विजय यादव, सीएमओ 
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सीएमओ के बाहर होने के कारण कोई एक्शन नहीं लिया गया है। उनके छुट्टी से लौटने पर आगे की कार्यवाही तय की जाएगी। हालांकि जांच शुरू कर दी गई है। 
- डॉ.सुबोध शर्मा, जेडी हेल्थ
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