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बस में गैंगरेप, गिर कर मर गया 14 दिन का बच्चा
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Wed, 09 Mar 2016 12:22 AM IST
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दुराचार
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शीशगढ़ कस्बे में प्राइवेट बस में क्लीनर और उसके साथी ने रामपुर की महिला को शराब पिलाकर अपनी हवस का शिकार बना लिया। इस दौरान बस की सीट पर लिटाए गए महिला के 14 दिन के मासूम बेटे की गिरकर मौत हो गई। रातभर महिला बस स्टैंड के एक कोने में बेहोशी की हालत में पड़ी रही। आधी रात बाद लोगों ने अस्तव्यस्त हालत में महिला को देखा तो पुलिस को सूचना दी। मगर पुलिस सुबह तब पहुंची जब वहां भीड़ जुटने लगी। पुलिस ने तो मामला रफादफा कर दिया था लेकिन खबर उच्चाधिकारियों तक पहुंच गई तो खलबली मची। डीआईजी, एसएसपी मौके पर पहुंचे और मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर चालक और क्लीनर को गिरफ्तार कर लिया है।
सोमवार को थाना खजुरिया (रामपुर) के एक गांव की रहने वाली 28 वर्षीय महिला खजुरिया गांव अपनी बहन के घर से लौट रही थी। शाम को वह चार साल की बेटी और 14 दिन के बेटे के साथ बस नंबर यूपी-15-ई-3688 में सवार हुई थी। करीब साढ़े आठ बजे बस शीशगढ़ के बरेली बस अड्डे पर पहुंची। महिला के मुताबिक वह बस से उतरने की कोशिश कर रही थी। उसका कहना है कि चालक ने क्लीनर को इशारा करके उसे रुकवा लिया। चालक ने उससे पूछा कि दारू पीनी है। उसने इनकार करते हुए अपने बच्चे को लेकर बस से उतरने की कोशिश की लेकिन चालक ने जबरन रोक लिया और छीनाझपटी करके उसका बच्चा छीनकर एक सीट पर लिटा दिया। डर की वजह से उसकी मासूम बेटी भी एक तरफ सहमकर बैठ गई। इसके बाद चालक और क्लीनर ने उसे बस में ही हवस का शिकार बनाया। उसके मासूम बेटे का रो-रोकर बुरा हाल था। वह दरिंदों ने अपने बेटे को देखने की मोहलत देने की गुहार करती रही। दोनों में से किसी ने उसकी नहीं सुनी। सीट से गिर जाने पर उसके मासूम बेटे की मौत हो गई। दुराचार करने के बाद चालक और क्लीनर उसे बेहोशी की हालत में बस अड्डे पर ही कोने में रखे खोखे के पास बैनर बिछाकर डाल आए। बेटे की लाश भी आरोपियों ने उसके पास में ही रख दी। आधी रात बाद मोहल्ले के लोगों ने उसे बेहोश पड़े देखा तो पुलिस को खबर कर दी, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। सुबह सात बजे भीड़ इकट्ठा हुई तो हल्का इंचार्ज फूल सिंह मौके पर पहुंच गए। महिला ने उन्हें होश में आने पर दरिंदगी की कहानी सुनाई तो पुलिस ने ईंट भट्टे पर काम करने वाले उसके पति को बुलाकर लाई और दोनों को समझा कर टेपों से घर भिजवा दिया।
सुबह व्हाट्सएप पर इस गैंगरेप के मैसेज चलने शुरू हुए तो यह मामला अफसरों तक भी पहुंच गया। सबसे पहले एसपी देहात मौके पर पहुंचे। इसके बाद एसएसपी आरके भारद्वाज और बाद में डीआईजी आशुतोष कुमार ने घटनास्थल का मुआयना करके शीशगढ़ पुलिस को आड़े हाथ लिया और इंस्पेक्टर व हल्का इंचार्ज को लताड़ा। इसके बाद पुलिस खुद पीड़िता को घर से थाने लाई और गैंगरेप के आरोप में मुकदमा लिखकर बस को बरेली में कब्जे में ले लिया गया। पीड़िता महिला ने बताया कि बलात्कार के आरोपी क्लीनर का नाम बईयां उर्फ पिपईया है। वह बसई गांव का रहने वाला है। उधर, किला पुलिस ने अफसरों के आदेश पर बसई गांव के रहने वाले बस के चालक होरीलाल और परिचालक ईश्वरी प्रसाद को हिरासत में ले लिया। बाद में असलियत खुली घटना करने वाला असली चालक गांव नवाबगंज (थाना शीशगढ़) का रहने वाला इलियास रिफाकत उर्फ बॉबी है तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया। होरीलाल और ईश्वरी प्रसाद तो बाद में बस पर पहुंचे थे और बस लेकर बरेली में किला पर आए थे। साथ ही क्लीनर बईयां उर्फ पिपईया को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
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घटना गंभीर है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। बस के चालक और परिचालक से हमारी बात हुई है। उनमें से तो कोई दोषी नहीं लग रहा है। यह हो सकता है कि क्लीनर के साथ कोई और लड़का रहा हो। क्लीनर के पकड़े जाने के बाद ही दूसरे आरोपी का पता लग पाएगा। इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका की भी जांच कराई जाएगी। - आशुतोष कुमार, डीआईजी
बच्चा छीना और मुंह में उड़ेल दी शराब
रेप पीड़िता ने सुनाई आपबीती
बरेली। बरेली अड्डा आ गया, सवारियां उतरने लगीं पर मुझे ड्राइवर ने आवाज देकर बैठे रहने को कहा। अंधेरा ढल चुका था, मैं अपने 15 दिन के बच्चे और एक चार साल की बेटी के साथ घर पहुंचने की चिंता में बैठी रही। क्लीनर बइया पास के गांव का ही था, मुझे जानता था, उसने बोला कि वह मुझे घर छुड़वा देगा। थोड़ी देर में बस रुकी और क्लीनर पास आकर मजाक करने लगा, मेरी तरफ रुपए बढ़ाए और साथ सोने की बात कहने लगा। मैंने उसे गाली दी, जिस पर वह मेरी गोद में सो रहे बच्चे को छीनने लगा। मैंने उसे मारने की कोशिश की तो उसने झटके से उसे छीना और मेरा लड़का बस के फर्श पर गिर गया। इतनी देर में एक दूसरा आदमी आ गया, उसने बच्चे को बस की सीट पर डाल दिया। फिर बइया मेरा गला दबाने लगा और दूसरे ने मेरे मुंह में पौव्वा खोलकर शराब उड़ेल दी। बइया जानता था कि मैं शराब पीती हूं पर गर्भवती होने के बाद से मैंने शराब पीना बंद कर दिया था। शराब पीने के बाद मुझे नशा होने लगा, मुझे अपने मासूम और छोटी लड़की के रोने की आवाजेें आ रही थीं। मैं धीरे-धीरे बेहोश होने लगी, बइया और दूसरे आदमी ने मेरे साथ बस में बलात्कार किया। मैं कब बेहोश हो गई, मुझे नहीं पता। सुबह पुलिस वालों ने जब मुझे हिला-डुलाकर उठाया, तब मुझे होश आया। मेरा लाल तब तक मर चुका था। पुलिस वालों ने मुझसे नाम-पता पूछकर मेरे आदमी को बुलवा लिया, थोड़ी देर में मुझे मेरे बच्चे की लाश, छोटी बेटी और पति के साथ टेंपो में बैठाकर घर पहुंचवा दिया गया।
बइया जानता था मैं शराब पीती हूं
पीड़िता ने बताया कि वह भी अपने पति की तरह शराब पी लेती थी। उसने बताया कि उसे यह आदत तब से पड़ी जब एक साल पहले उसके पेट में एक गांठ हो गई थी। वह अपने बड़े बेटे से पास की शराब भट्टी से पौव्वा मंगाया करती थी। भट्टी पर बसई गांव में रहने वाला बइयां आता था। उसे वहां से पता लगा था कि मैं शराब पीती हूं। सोमवार साढे़ आठ बजे बस रोककर उसने मुझे जबरदस्ती शराब पिलाई। जिससे मैं नशे और दर्द के कारण बेहोश हो गई। अपनी कहानी सुना रही पीड़िता के पास बैठा उसका बड़ा बेटा तपाक से बोला कि अम्मा जब भी शराब पीती है, वह बाप की तरह गाली-गलौज नहीं करती, बल्कि नशे में सो जाती है।
बच्चे का इलाज कराने गई थी पीड़िता
पीड़िता के पति ने बताया कि उसका 15 दिन का बच्चा ढंग से दूध नहीं पी रहा था। जिस कारण इतवार को उसने अपनी पत्नी को अपने फुफेरे भाई के घर मिर्जापुर इलाज को भेजा था। पीड़िता के मुताबिक वह इतवार दोपहर को वहां पहुंची, पर जेठ बाहर गए हुए थे। जिसके बाद वह लौट रही थी और उसे मिर्जापुर बाजार करने आई अपनी बड़ी बहन मिल गई। उसे बच्चे के लिए पाउडर वाले दूध का डिब्बा ख्ररीदना था, जिसके लिए उसने बहन से रुपए मांगे, बहन उसे अपने साथ दो किलोमीटर दूर घर साही खजुरिया चली गई।
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सोमवार को थाना खजुरिया (रामपुर) के एक गांव की रहने वाली 28 वर्षीय महिला खजुरिया गांव अपनी बहन के घर से लौट रही थी। शाम को वह चार साल की बेटी और 14 दिन के बेटे के साथ बस नंबर यूपी-15-ई-3688 में सवार हुई थी। करीब साढ़े आठ बजे बस शीशगढ़ के बरेली बस अड्डे पर पहुंची। महिला के मुताबिक वह बस से उतरने की कोशिश कर रही थी। उसका कहना है कि चालक ने क्लीनर को इशारा करके उसे रुकवा लिया। चालक ने उससे पूछा कि दारू पीनी है। उसने इनकार करते हुए अपने बच्चे को लेकर बस से उतरने की कोशिश की लेकिन चालक ने जबरन रोक लिया और छीनाझपटी करके उसका बच्चा छीनकर एक सीट पर लिटा दिया। डर की वजह से उसकी मासूम बेटी भी एक तरफ सहमकर बैठ गई। इसके बाद चालक और क्लीनर ने उसे बस में ही हवस का शिकार बनाया। उसके मासूम बेटे का रो-रोकर बुरा हाल था। वह दरिंदों ने अपने बेटे को देखने की मोहलत देने की गुहार करती रही। दोनों में से किसी ने उसकी नहीं सुनी। सीट से गिर जाने पर उसके मासूम बेटे की मौत हो गई। दुराचार करने के बाद चालक और क्लीनर उसे बेहोशी की हालत में बस अड्डे पर ही कोने में रखे खोखे के पास बैनर बिछाकर डाल आए। बेटे की लाश भी आरोपियों ने उसके पास में ही रख दी। आधी रात बाद मोहल्ले के लोगों ने उसे बेहोश पड़े देखा तो पुलिस को खबर कर दी, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। सुबह सात बजे भीड़ इकट्ठा हुई तो हल्का इंचार्ज फूल सिंह मौके पर पहुंच गए। महिला ने उन्हें होश में आने पर दरिंदगी की कहानी सुनाई तो पुलिस ने ईंट भट्टे पर काम करने वाले उसके पति को बुलाकर लाई और दोनों को समझा कर टेपों से घर भिजवा दिया।
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सुबह व्हाट्सएप पर इस गैंगरेप के मैसेज चलने शुरू हुए तो यह मामला अफसरों तक भी पहुंच गया। सबसे पहले एसपी देहात मौके पर पहुंचे। इसके बाद एसएसपी आरके भारद्वाज और बाद में डीआईजी आशुतोष कुमार ने घटनास्थल का मुआयना करके शीशगढ़ पुलिस को आड़े हाथ लिया और इंस्पेक्टर व हल्का इंचार्ज को लताड़ा। इसके बाद पुलिस खुद पीड़िता को घर से थाने लाई और गैंगरेप के आरोप में मुकदमा लिखकर बस को बरेली में कब्जे में ले लिया गया। पीड़िता महिला ने बताया कि बलात्कार के आरोपी क्लीनर का नाम बईयां उर्फ पिपईया है। वह बसई गांव का रहने वाला है। उधर, किला पुलिस ने अफसरों के आदेश पर बसई गांव के रहने वाले बस के चालक होरीलाल और परिचालक ईश्वरी प्रसाद को हिरासत में ले लिया। बाद में असलियत खुली घटना करने वाला असली चालक गांव नवाबगंज (थाना शीशगढ़) का रहने वाला इलियास रिफाकत उर्फ बॉबी है तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया। होरीलाल और ईश्वरी प्रसाद तो बाद में बस पर पहुंचे थे और बस लेकर बरेली में किला पर आए थे। साथ ही क्लीनर बईयां उर्फ पिपईया को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
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बच्चा छीना और मुंह में उड़ेल दी शराब
रेप पीड़िता ने सुनाई आपबीती
बरेली। बरेली अड्डा आ गया, सवारियां उतरने लगीं पर मुझे ड्राइवर ने आवाज देकर बैठे रहने को कहा। अंधेरा ढल चुका था, मैं अपने 15 दिन के बच्चे और एक चार साल की बेटी के साथ घर पहुंचने की चिंता में बैठी रही। क्लीनर बइया पास के गांव का ही था, मुझे जानता था, उसने बोला कि वह मुझे घर छुड़वा देगा। थोड़ी देर में बस रुकी और क्लीनर पास आकर मजाक करने लगा, मेरी तरफ रुपए बढ़ाए और साथ सोने की बात कहने लगा। मैंने उसे गाली दी, जिस पर वह मेरी गोद में सो रहे बच्चे को छीनने लगा। मैंने उसे मारने की कोशिश की तो उसने झटके से उसे छीना और मेरा लड़का बस के फर्श पर गिर गया। इतनी देर में एक दूसरा आदमी आ गया, उसने बच्चे को बस की सीट पर डाल दिया। फिर बइया मेरा गला दबाने लगा और दूसरे ने मेरे मुंह में पौव्वा खोलकर शराब उड़ेल दी। बइया जानता था कि मैं शराब पीती हूं पर गर्भवती होने के बाद से मैंने शराब पीना बंद कर दिया था। शराब पीने के बाद मुझे नशा होने लगा, मुझे अपने मासूम और छोटी लड़की के रोने की आवाजेें आ रही थीं। मैं धीरे-धीरे बेहोश होने लगी, बइया और दूसरे आदमी ने मेरे साथ बस में बलात्कार किया। मैं कब बेहोश हो गई, मुझे नहीं पता। सुबह पुलिस वालों ने जब मुझे हिला-डुलाकर उठाया, तब मुझे होश आया। मेरा लाल तब तक मर चुका था। पुलिस वालों ने मुझसे नाम-पता पूछकर मेरे आदमी को बुलवा लिया, थोड़ी देर में मुझे मेरे बच्चे की लाश, छोटी बेटी और पति के साथ टेंपो में बैठाकर घर पहुंचवा दिया गया।
बइया जानता था मैं शराब पीती हूं
पीड़िता ने बताया कि वह भी अपने पति की तरह शराब पी लेती थी। उसने बताया कि उसे यह आदत तब से पड़ी जब एक साल पहले उसके पेट में एक गांठ हो गई थी। वह अपने बड़े बेटे से पास की शराब भट्टी से पौव्वा मंगाया करती थी। भट्टी पर बसई गांव में रहने वाला बइयां आता था। उसे वहां से पता लगा था कि मैं शराब पीती हूं। सोमवार साढे़ आठ बजे बस रोककर उसने मुझे जबरदस्ती शराब पिलाई। जिससे मैं नशे और दर्द के कारण बेहोश हो गई। अपनी कहानी सुना रही पीड़िता के पास बैठा उसका बड़ा बेटा तपाक से बोला कि अम्मा जब भी शराब पीती है, वह बाप की तरह गाली-गलौज नहीं करती, बल्कि नशे में सो जाती है।
बच्चे का इलाज कराने गई थी पीड़िता
पीड़िता के पति ने बताया कि उसका 15 दिन का बच्चा ढंग से दूध नहीं पी रहा था। जिस कारण इतवार को उसने अपनी पत्नी को अपने फुफेरे भाई के घर मिर्जापुर इलाज को भेजा था। पीड़िता के मुताबिक वह इतवार दोपहर को वहां पहुंची, पर जेठ बाहर गए हुए थे। जिसके बाद वह लौट रही थी और उसे मिर्जापुर बाजार करने आई अपनी बड़ी बहन मिल गई। उसे बच्चे के लिए पाउडर वाले दूध का डिब्बा ख्ररीदना था, जिसके लिए उसने बहन से रुपए मांगे, बहन उसे अपने साथ दो किलोमीटर दूर घर साही खजुरिया चली गई।