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मस्जिदों में ऐलान, 7 जनवरी को इस्लामिया मैदान पहुंचें मुसलमान

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Fri, 31 Dec 2021 05:18 PM IST
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मस्जिदों में ऐलान, 7 जनवरी को इस्लामिया मैदान पहुंचें मुसलमान
फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
बरेली। हरिद्वार की धर्म संसद का मामला इन दिनों गरमाया हुआ है इस मामले में मौलाना तकरीर की ओर से पिछले दिनों बुलाई गई धर्म संसद के बाद 7 जनवरी को इस्लामिया इंटर कॉलेज में मुसलमानों के इकट्ठा होने का ऐलान किया गया था। इसके बाद शुक्रवार को जुमे की नमाज में भी तमाम इमामों ने मुसलमानों से इस्लामिया मैदान पहुंचने की अपील की। साथी अपनी तकरीरों में देश के मिजाज के खिलाफ बन रहे माहौल पर हुकूमत से कार्यवाही की उम्मीद जताई है। इस सिलसिले में खासतौर से शाही जामा मस्जिद के इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम ने जुमे की नमाज से पूर्व अपने बयान में कहा कि हम मुसलमान जुल्म के खात्मे के लिए पैदा हुए हैं ना जुल्म होने देते हैं ना जुल्म करने को अच्छा समझते हैं। मौजूदा माहौल में जो हालात हैं वह मुल्क के लिए बेहतर नहीं। उन्होंने कहा कि आए दिन एक मजहब को टारगेट बनाया जा रहा है चंद मकसूस खरीदे गए लोगों के जरिए लगातार नफरत फैलाने का काम किया जा रहा है। हिंदुस्तान की गंगा जमुनी तहजीब को खराब करने की कोशिश की जा रही है। एक मजहब के खिलाफ जहर उगला जा रहा है। ऐसे लोगों की जुबान पर लगाम कसनी चाहिए, यह हुकूमत हिंद की जिम्मेदारी है मगर मौजूदा हुकूमत अपनी जिम्मेदारी से गर्दन बचाती नजर आ रही है। जुल्म और ज्यादतियां हिंदुस्तान जैसे सेक्युलर मुल्क में किसी की नहीं चलने वाली है। उन्होंने कहा मुसलमान हर दौर में अपने मुल्क और मिल्लत का वफादार रहा है। इस मुल्क में जितने भी लोग रह रहे हैं वह सब इस देश से मोहब्बत करने वाले हैं। किसी एक को टारगेट बना कर उसके मजहब के खिलाफ उसके पैगंबर के खिलाफ टिप्पणी की जा रही है। जो हिंदुस्तान के सुलझे हुए लोगों के मिजाज के खिलाफ है। जो लोग भी माहौल को खराब कर रहे हैं उन्हें खुला न छोड़ा जाए उन्हें सलाखों के पीछे डाला जाए, हुकूमत से हम ऐसी उम्मीद करते हैं ताकि देश में अमन और भाईचारा कायम रहे सिर्फ चंद वोटों की खातिर एक खास धर्म के लोगों या धर्म को टारगेट बनाना इंसानियत नहीं है। यह वह लोग हैं जो आतंक फैलाने की कोशिश कर रहे हैं इसलिए हमें मुल्क की आवाम और हुकूमत को जगाने के लिए 7 जनवरी को इस्लाम इंटर कॉलेज मैदान पर पहुंचना है। इसी तरह शहर की तमाम मस्जिदों में इमामों ने इस मुद्दे पर तकरीर करते हुए 7 जनवरी को इस्लामिया पहुंचने का आह्वान किया।
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