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अब वेबसाइट और पोर्टल से भी जान सकेंगे कछुए की प्रजाति

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sun, 23 May 2021 08:13 PM IST
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अब वेबसाइट और पोर्टल से भी जान सकेंगे कछुए की प्रजाति
बहराइच में रविवार को कछुए को देखती सदस्य। - फोटो : Amar Ujala
अब दुर्लभ कछुओं को आसानी से पहचानने व बचाने में मिलेगा सहयोग
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विश्व कछुआ दिवस पर सुरक्षा के लिए वेबसाइट और एप हुई लांच फोटो है। संवाद न्यूज एजेंसी बहराइच। जिले में स्थित नदियों में विभिन्न प्रजाति के दुर्लभ कछुए पाए जाते हैं। लेकिन इनको पहचानने और सुरक्षा में काफी परेशानी होती है। इसको देखते हुए रविवार को विश्व कछुआ दिवस पर कछुए की पहचान व उनकी सुरक्षा के लिए वेबसाइट और एप लांच किया गया। इससे कछुओं की प्रजाति को पहचानने में मदद मिलेगी। बहराइच और कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में नदियां व तालाब प्रवाहित होती हैं। जिसमें विभिन्न प्रजाति के दुर्लभ कछुए विचरण करते हैं। इन कछुओं पर शिकारियों की भी नजर रहती है। जिले में टर्टल सवाइवल एलायंस इंडिया एक दशक से कछुआ के संरक्षण पर कार्य कर रही है। जिनमें कछुओं के पहचानने और उनकी सुरक्षा के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। वन विभाग के साथ, एसएसबी, पुलिस और संस्थाएं जलीय जीवों की सुरक्षा को लेकर कार्यक्रम कर रही हैं। लेकिन फिर भी जलीय जीवों की पहचान नहीं हो पाती है। इसको देखते हुए रविवार को विश्व कछुआ दिवस पर कछुए की प्रजाति को पहचानने और सुरक्षा के लिए एप डाउनलोड किया गया। टीएसए की अरुणिमा ने बताया कि वेबसाइट के साथ एप पर कछुओं की प्रजाति व उनकी सुरक्षा की जानकारी आसानी से हो सकेगी। अरुणिमा ने बताया कि इसके लिए मोबाइल से टेस्कटॉप तक कछुआ संरक्षण आईटीसीएनएन ने कुर्मा वेबसाइट जारी की है। प्रभागीय वनाधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि वेबसाइट लांच होने और एप बनने से कछुओं की पहचान आसानी से हो सकेगी। ग्रामीणों को भी प्रजाति पहचानने में सफलता मिलेगी।
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सोशल मीडिया के मंच पर पोस्ट होगी सूचना टीएसए की अरुणिमा ने बताया कि इस वर्ष मई माह को कछुआ माह के रूप में मनाया जाएगा। इसके लिए विभिन्न कलाकारों, चित्रकारों, लेखकों, फोटोग्राफरों व वन्यजीव उत्साहियों को कछुओं के संरक्षण के प्रति प्रोत्साहन करने पर बल मिलेगा। सोशल मीडिया के मंच पर प्रतिदिन कछुओं के मामले में जानकारी भी मिल सकेगी।
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