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गेंहू, सरसों, जौ, आलू सब तबाह
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 13 Mar 2016 02:06 AM IST
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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मौसम किसानों को खून के आंसू रुलाने पर आमादा है। खरीफ की फसल को जब पानी की जरूरत थी बादल धोखा दे गए। रबी की फसल तैयार हुई तो बेमौसम मेघा बरस गए। मार्च माह के आरंभ से शुरू हुई बरसात का सिलसिला रुक-रुक कर जारी है। शनिवार को जो बारिश हुई उसने जनपद के किसानों को तगड़ा झटका दिया। खेतों में खड़ी बची-खुची फसल भी बर्बाद हो गई। बारिश का गजब तमाशा यह कि शनिवार को शहर में तो बूंदा-बांदी हुई पर ग्रामीण इलाकों में झमाझम बरसात ने कहर ढा दिया। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक एक से दो दिन तक मौसम का मिजाज ऐसा बना रह सकता है। बारिश होने की भी संभावना है। बादल हटेंगे तो मौसम खुल जाएगा।
कई दिनों से तापमान में हो रहे उठापटक का असर शनिवार को एक बार फिर मौसम के मिजाज पर पड़ा। आसमान में सुबह से ही बादल छा गए। हल्की हवा के साथ बूंदाबांदी हुई लेकिन यमुनापार के कई इलाकों में बारिश से बची हुई फसल भी बर्बाद हो गई। किसानों का जबरदस्त झटका लगा है। फसलें पूरी तरह से पक गईं थीं। आंधी और बारिश से फसलें जमीन पर लोट गई हैं। इसका असर दाने पर भी पड़ा है।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक शनिवार को अधिकतम तापमान 30.3 एवं न्यूनतम 19.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अधिकतम तापमान में एक दिन पहले के मुकाबले पांच डिग्री कम हुआ है। सुबह बूंदाबांदी के बाद मौसम सुहावना हो गया। न्यूनतम नमी 31 फीसदी से बढ़कर 40 फीसदी पर पहुंच गई। हालांकि यमुनापार के शंकरगढ़ और आसपास के इलाके में आंधी के साथ बारिश हुई।
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इससे फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गईं। हवाओं के दिन भर चलने से बूंदाबांदी दिन में कई बार हुई। मौसम विभाग ऐसी बूंदाबांदी को रिकार्ड नहीं कर पाया है। मौसम विज्ञानी डॉ. अनुपम पांडेय कहते हैं कि तापमान तीस डिग्री सेल्सियस के ऊपर नीचे होने से वायु दाब बढ़ा और पश्चिमी हवाओं के साथ बादल आ गए। इसके चलते न केवल इलाहाबाद बल्कि आसपास के जिलों में भी बारिश हुई है। हालांकि बादल एक-दो दिनों तक ही आसमान में छाए रहने का अनुमान है। बारिश होने की भी संभावना बनी है। उसके बाद मौसम फिर वैसा ही हो जाएगा।
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कई दिनों से तापमान में हो रहे उठापटक का असर शनिवार को एक बार फिर मौसम के मिजाज पर पड़ा। आसमान में सुबह से ही बादल छा गए। हल्की हवा के साथ बूंदाबांदी हुई लेकिन यमुनापार के कई इलाकों में बारिश से बची हुई फसल भी बर्बाद हो गई। किसानों का जबरदस्त झटका लगा है। फसलें पूरी तरह से पक गईं थीं। आंधी और बारिश से फसलें जमीन पर लोट गई हैं। इसका असर दाने पर भी पड़ा है।
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मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक शनिवार को अधिकतम तापमान 30.3 एवं न्यूनतम 19.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अधिकतम तापमान में एक दिन पहले के मुकाबले पांच डिग्री कम हुआ है। सुबह बूंदाबांदी के बाद मौसम सुहावना हो गया। न्यूनतम नमी 31 फीसदी से बढ़कर 40 फीसदी पर पहुंच गई। हालांकि यमुनापार के शंकरगढ़ और आसपास के इलाके में आंधी के साथ बारिश हुई।
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इससे फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गईं। हवाओं के दिन भर चलने से बूंदाबांदी दिन में कई बार हुई। मौसम विभाग ऐसी बूंदाबांदी को रिकार्ड नहीं कर पाया है। मौसम विज्ञानी डॉ. अनुपम पांडेय कहते हैं कि तापमान तीस डिग्री सेल्सियस के ऊपर नीचे होने से वायु दाब बढ़ा और पश्चिमी हवाओं के साथ बादल आ गए। इसके चलते न केवल इलाहाबाद बल्कि आसपास के जिलों में भी बारिश हुई है। हालांकि बादल एक-दो दिनों तक ही आसमान में छाए रहने का अनुमान है। बारिश होने की भी संभावना बनी है। उसके बाद मौसम फिर वैसा ही हो जाएगा।