{"_id":"5e7c77358ebc3e77360e4f25","slug":"munafakhori112","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"मुनाफाखोरी ने 20 फ़ीसदी तक बढ़ाई कीमतें","category":{"title":"Local","title_hn":"लोकल","slug":"local"}}
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
जिला प्रशासन द्वारा तमाम सख्ती के दावे के बावजूद लॉक डाउन में कालाबाजारी का खेल खूब फल फूल रहा है। कुछ मुनाफाखोर मनमानी पर उतर आए हैं। गली मोहल्लों के कुछ परचून व्यापारी स्टॉक छुपाकर खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ा रहे हैं। 10 किलो खुले आटे का दाम भी ₹360 तक पहुंच गया है। नामी कंपनियों का आटा ढूंढने से भी नहीं मिल पा रहा लोगों को।
36से ₹38 किलो में बिकने वाली चीनी का दाम कुछ इलाकों में 40 से ₹65 किलो के बीच हो गया है। सरसों का तेल, चावल, अरहर की दाल आदि के दाम में भी बढ़ोतरी कई दुकानों में देखने को मिली है। लॉक डाउन की वजह से पुलिस ने शहर के तमाम इलाकों में लोगों को अपने अपने थाना क्षेत्रों तक ही सीमित रखने का प्रयास किया है। ऐसा इसलिए ताकि चौक ,कटरा , सिविल लाइंस जैसे बड़े बाजार की ओर लोगों का रुख कम से कम हो। जिला प्रशासन द्वारा सुबह 7:00 बजे से रात 10:00 बजे तक किराने की दुकान को खोलने की छूट देने के निर्णय के बाद, बुधवार के मुकाबले बृहस्पतिवार को दुकानों में भीड़ अपेक्षाकृत कम जुटी।
2 of 2
वास्तुु अनाज
हालांकि शहर के तमाम इलाकों में लोगों की शिकायत यही रही की दुकानदार आवश्यक वस्तुओं का दाम ज्यादा वसूल रहे हैं। काला डांडा हिम्मत गंज में रिटायर रेलकर्मी अरुण कुमार चीनी खरीदने को पहुंचे तो उन्हें 1 किलो चीनी के लिए ₹65 चुकाने पड़े। इसी तरह बाई का बाग निवासी राम जी जैन भी आटा खरीदने गए तो उन्हें राम भवन के पास खुला आटा ₹360 में 10 किलो उपलब्ध हुआ।
लॉक डाउन के पहले यही आटा अधिकतम 290 से 320 में मिल रहा था। आजाद नगर के व्यापारी दीपक केसरवानी ने बताया की आटे के थोक विक्रेताओं ने माल देने से मना कर दिया है। वजह पूछी तो बताया कि पीछे से ही सप्लाई बंद हो गई है। हालांकि इलाहाबाद गल्ला तिलहन व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतीश केसरवानी का कहना है कि बाजार में आटा, दाल, चावल अभी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। व्यापारी माल लेने ही नहीं आ रहे हैं।
सरसों का तेल पहुंचा 130, बासमती चावल का भरपूर स्टॉक - कीडगंज थाने वाली सड़क पर रहने वाले अरविंद मिश्रा बृहस्पतिवार को किराने की दुकान सरसों का टिकट खरीदने को पहुंचे तो उसकी कीमत सुनकर वह चौंक गए । उन्हें तेल का दाम ₹120 किलो बताया गया। एक दूसरी दुकान पर गए तो वहां दाम ₹130 बताया गया।
अरविंद ने कहा कि होली के पहले ही उन्होंने ₹100 किलो में तेल खरीदा था। इस पर दुकानदारों ने कहा लेना है तो नही तो यह भी नहीं मिलेगा । क्योंकि स्टॉक खत्म होने वाला है । इसी तरह राजरूपपुर के अनिकेत श्रीवास्तव ने बताया घर में चावल खत्म होने की वजह से उसे खरीदने वह पहुंचे। लेकिन दुकानदार उन्हें महंगा बासमती चावल देने पर ही उतारू था। अनिकेत ने कहा उसे महंगा वाला नहीं नॉर्मल चावल ही चाहिए। लेकिन दुकानदार ने माल उपलब्ध होने के बावजूद भी देने से इनकार कर दिया ।कहां अभी से बासमती चावल ही मिलेगा
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।