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ऑनलाइन होंगे मुकदमे, बस एक क्लिक में मिलेगा ब्यौरा

Sun, 13 Mar 2016 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 13 Mar 2016 02:06 AM IST
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cji in allahabad high court
उच्च न्यायालय - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
भारत के मुख्य न्यायाधीश तीरथ सिंह ठाकुर ने शनिवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेंटर फॉर इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी का उद्घाटन किया। देश में अपनी तरह के पहले केंद्र को न्यायपालिका के डिजिटाइजेशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। केंद्र में प्रतिवर्ष एक करोड़ फाइलों को डिजिटल फार्म में तब्दील किया जा सकेगा। जस्टिस ठाकुर ने सबसे पहले केंद्र के प्रवेश द्वार के समीप बने शिलापट का अनावरण किया। फिर पास ही लगे कंप्यूटर को ऑन कर ‘सेसक्यूसेनटेनियल ऑफ इलाहाबाद हाईकोर्ट’ वेबसाइट का उद्घाटन किया।
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केंद्र के बेसमेंट में करीब 30 लाख फाइलें स्टोर करने की व्यवस्था है। भूमितल पर दो वीडियो कांफ्रेंस हॉल, डाटा सेंटर, न्यायिक अधिकारियों के केबिन, ई-कोर्ट प्रोजेक्ट के केबिन तथा तकनीकी टीम के बैठने की जगह है। डिजिटाइजेशन का कार्य प्रथम तल पर किया जाएगा। सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कर्मचारियों का प्रवेश बायोमैट्रिक कार्ड के जरिए ही संभव होगा। केंद्र में उच्च क्षमता के बुक टू नेट स्कैनर और 288 टीवी क्षमता के सैन स्टोरेज सर्वर लगाए गए हैं, जो प्रतिदिन 35,000 फाइलों को स्कैन करेगा। एक वर्ष में 50 करोड़ पेज स्कैन किए जा सकेंगे। सेंटर हाईकोर्ट द्वारा निस्तारित मुकदमों की फाइलों को ऑनलाइन भी उपलब्ध कराएगा, ताकि कोई भी व्यक्ति अपने मुकदमे से संबंधित सूचना एक क्लिक में प्राप्त कर सके।
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हाईकोर्ट की स्थापना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में दो दिनी समारोह के पहले दिन इनफॉरर्मेशन सेंटर का उद्घाटन किया गया। दो हजार वर्गमीटर के क्षेत्रफल में बने केंद्र की स्थापना में लगभग 80 करोड़ रुपये की लागत आई है।
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तय कार्यक्रम के अनुसार भारत के मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर शनिवार को ही दोपहर में इलाहाबाद पहुंचे । हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ.डीवाई चंद्रचूड ने उनकी अगवानी की। फिर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर पर सूचना तकनीकी केंद्र को आकर्षक रूप से सजाया गया था। कार्यक्रम में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्तिगण, कई उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायमूर्ति, हाईकोर्ट के सभी जज, अवकाश प्राप्त जज तथा शहर के विशिष्ट एवं गणमान्य नागरिक मौजूद थे।


इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेंटर फॉर इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी की स्थापना हाईकोर्ट प्रशासन के लिए आसान लक्ष्य नहीं था लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति ने इस नामुमकिन जैसे दिखने वाले कार्य को मुमकिन बना दिया। चीफ जस्टिस डॉ.डीवाई चंद्रचूड के अक्तूबर 2013 में चार्ज लेने के बाद यहां फाइलों के रखरखाव और स्थान की कमी की जबर्दस्त समस्या को देखते हुए डिजिटाइजेशन का कार्य शुरू कराया गया। जिस भवन में सेंटर बना है उसके बेसमेंट में पांच फिट सीवेज का पानी भरा था, जो सेंटर के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। इसे दूर करने के लिए देश भर से बुलाए गए इंजीनियरों को समाधान खोजने में महीनों लग गए। देश का पहला डिजिटाइजेशन सेंटर शुरू करने की राह में और भी कई चुनौतियां थीं जिसमें निर्माण से लेकर उपकरण लगाने और सुरक्षा के प्रबंध जैसे काम शामिल थे। केंद्र के निर्माण में जस्टिस दिलीप गुप्ता, जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्र और और ई-कोर्ट प्रोजेक्ट देख रहे जस्टिस पीके श्रीवास्तव की समिति का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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