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प्रवेश पत्र न देने पर प्राचार्य को घेरा, हंगामा

Fri, 11 Mar 2016 02:22 AM IST
अलीगढ़/ब्यूरो
अलीगढ़/ब्यूरो Updated Fri, 11 Mar 2016 02:22 AM IST
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The letter to the principal if not the hoop , Hungama
परीक्षाएं - फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
एसवी कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष की एक छात्रा जब  प्रवेश पत्र लेने के लिए आई तो आरोप है कि इस छात्रा से यह कहा गया कि उसने लाइब्रेरी मे किताबें जमा नहीं की हैं। इसलिए उसे प्रवेश पत्र नहीं दिया जा सकता। उससे किताब की पांच गुना कीमत मांगी गई। इसकी सूचना मिलने पर वहां एबीवीपी के प्रदेश सहसंयोजक व अन्य छात्र नेता वहां पहुंच गए। इन छात्र नेताओं ने वहां प्राचार्य को घेरकर इसे अवैध वसूली करार दिया और हंगामा किया।
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प्राचार्य से इस समस्या के निदान की मांग की। इस पर प्राचार्य ने लेखा विभाग से जानकारी हासिल की। विद्यार्थी परिषद के नेताओं के मुताबिक छात्रा से 345 रुपये जमा करा उसे प्रवेश पत्र दिया गया। इस मौके पर जिला सह संयोजक धीरज चौधरी, रजत गौतम, सुमित भारद्वाज, सीटू चौधरी, राघव, आशीष, प्रशांत शर्मा, हिमांशु, पवन कश्यप आदि थे।
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इधर, कॉलेज के प्राचार्य डॉ अरुण कुमार दीक्षित ने पुस्तकालय प्रभारी को आदेश दिए हैं। इसमें उन्होंने कहा है कि समिति द्वारा यह प्रस्ताव पारित किया गया कि खोई पुस्तकोें का 10 गुना मूल्य ुवसूल किया जाए। प्राचार्य अथवा सचिव इसका 50 फीसदी कम कर सकते हैं। छात्र-छात्राओं को कोेई पुस्तक 15 दिन के लिए दी जाए। इसके बाद 1 रुपये प्रति दिन के हिसाब से विलंब शुल्क वसूला जाए। पुस्तक खोने की दशा में पुस्तक का मूल्या तथा पूरा शुल्क वसूला जाए। इसमें परिस्थितियों के हिसाब से 50 फीसदी की छूट दी जा सकती है। 
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