{"_id":"56dc9c9b4f1c1bf9578b4578","slug":"maha-shivratri-aligarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"बम-बम भोले.. के जयघोष के साथ जलाभिषेक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बम-बम भोले.. के जयघोष के साथ जलाभिषेक
ब्यूरो/अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Mon, 07 Mar 2016 02:40 AM IST
विज्ञापन
महािश्ाशिवराित्रत्रि
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अलीगढ़। महाशिवरात्रि पर भोले के भक्तों ने शिवालय में रात 12 बजे के बाद ‘बम-बम भोले...’ ‘जय भोले भंडारी..’ के जयघोषों के साथ भोले बाबा का जलाभिषेक किया। सबसे ज्यादा भीड़ श्रीखेरेश्वर धाम और श्री अचलेश्वर धाम पर रही। लंबी लाइनों में लगे हजारों भक्तों ने जलाभिषेक करने के बाद भोलेनाथ के समक्ष अपनी मनोकामना रखी।
घंटा घड़ियाल और शंखध्वनि के साथ बाबा भोलेनाथ की आरती होती रही। भोग और धूप अर्चन भी किया गया। दर्शन करने के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में ही जलपान कर अपना व्रत शुरू किया। पूरे दिन और पूरी रात रामघाट रोड से खैर रोड तक कांवड़ियों के घुंघरुओं से रुनझुन होता रहा। इस दौरान शिवालयों पर शिव भक्तों की सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स और कारसेवक तैनात रहे।
इस बार महाशिवरात्रि में कांवड़ लाने वालों में महिलाओं की संख्या खासी बढ़ी हुई थी। महिलाएं, युवतियां और कम उम्र के किशोरों का उत्साह देखते ही बनता था। रामघाट रोड पर लगे शिविरों में कांवड़ियों की जबरदस्त सेवा होती रही। स्वल्पाहार और पेयजल के साथ उनके पांव दबाने और कुछ देर थकान उतारने के लिए बिस्तर भी बिछवाए गए थे।
विज्ञापन
महानगर में सुबह से लेकर पूरी रात कांवड़ियां भोले के जयघोष करते हुए शिवालयों की तरह बढ़ते रहे। शाम से शिवालयों पर कांवड़ लाने वालों की भीड़ बढ़ने लगी थी। भंडारे (शिविरों) में लगे डीजे पर बज रहे भक्ति गीत सुनकर भक्त गुनगुनाते हुए आगे बढ़ रहे थे। जैसे रात बढ़ती जा रही थी, उसी के साथ-साथ भक्तों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही थी। पुलिस ने भक्तों की सुरक्षा को लेकर दोपहर बाद से ही रूट डायवर्ट कर दिया था।
सिद्धपीठ खेरेश्वरधाम समिति के अध्यक्ष ठा. सत्यपाल सिंह ने रविवार रात 12 बजे महाआरती के बाद भोले का जलाभिषेक समिति के पदाधिकारियों ने किया। इसके कुछ देर बाद मंदिर के पट भक्तों के लिए खोल दिए गए। पट खुलते ही भक्तों की भीड़ भोले का जलाभिषेक करने को आतुर थी।
भक्तों में होड़ लगी थी कि वह सबसे पहले जलाभिषेक करें। भक्तों की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए मंदिर परिसर में पुलिस कर्मियों के साथ-साथ करीब 250 सेवादार बदस्तूर लगे हुए थे। भक्तों की सुरक्षा के लिए करीब 26 सीसी टीवी कैमरे मंदिर में प्रवेश से लेकर गृभ गृह में स्थित शिवलिंग तक लगाए गए हैं। इसके साथ ही खोया पाया काउंटर भी बनाया गया है।
इसी तरह का अचलेश्वर महादेव मंदिर पर भी महाआरती के बाद जलाभिषेक शुरू हो गया। यहां भी देर शाम से भक्तों की भीड़ शुरू हो गई। यहां भी पुलिस अफसर भक्तों की सुरक्षा में तैनात थे। किसी भी वाहन को अचलताल की ओर आने नहीं दे रहे थे।
मंदिर श्री मंगलेश्वर महादेव समिति के भारतेंदु पंडित ने बताया देर रात पूजन के बाद जलाभिषेेक के लिए मंदिर के पट खोल दिए गए। उन्होंने बताया कि सोमवार शाम चार बजे मंदिर परिसर से शोभायात्रा निकलेगी, जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष ठा. उपेंद्र सिंह नीटू करेंगे।
विज्ञापन
घंटा घड़ियाल और शंखध्वनि के साथ बाबा भोलेनाथ की आरती होती रही। भोग और धूप अर्चन भी किया गया। दर्शन करने के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में ही जलपान कर अपना व्रत शुरू किया। पूरे दिन और पूरी रात रामघाट रोड से खैर रोड तक कांवड़ियों के घुंघरुओं से रुनझुन होता रहा। इस दौरान शिवालयों पर शिव भक्तों की सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स और कारसेवक तैनात रहे।
विज्ञापन
इस बार महाशिवरात्रि में कांवड़ लाने वालों में महिलाओं की संख्या खासी बढ़ी हुई थी। महिलाएं, युवतियां और कम उम्र के किशोरों का उत्साह देखते ही बनता था। रामघाट रोड पर लगे शिविरों में कांवड़ियों की जबरदस्त सेवा होती रही। स्वल्पाहार और पेयजल के साथ उनके पांव दबाने और कुछ देर थकान उतारने के लिए बिस्तर भी बिछवाए गए थे।
विज्ञापन
महानगर में सुबह से लेकर पूरी रात कांवड़ियां भोले के जयघोष करते हुए शिवालयों की तरह बढ़ते रहे। शाम से शिवालयों पर कांवड़ लाने वालों की भीड़ बढ़ने लगी थी। भंडारे (शिविरों) में लगे डीजे पर बज रहे भक्ति गीत सुनकर भक्त गुनगुनाते हुए आगे बढ़ रहे थे। जैसे रात बढ़ती जा रही थी, उसी के साथ-साथ भक्तों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही थी। पुलिस ने भक्तों की सुरक्षा को लेकर दोपहर बाद से ही रूट डायवर्ट कर दिया था।
सिद्धपीठ खेरेश्वरधाम समिति के अध्यक्ष ठा. सत्यपाल सिंह ने रविवार रात 12 बजे महाआरती के बाद भोले का जलाभिषेक समिति के पदाधिकारियों ने किया। इसके कुछ देर बाद मंदिर के पट भक्तों के लिए खोल दिए गए। पट खुलते ही भक्तों की भीड़ भोले का जलाभिषेक करने को आतुर थी।
भक्तों में होड़ लगी थी कि वह सबसे पहले जलाभिषेक करें। भक्तों की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए मंदिर परिसर में पुलिस कर्मियों के साथ-साथ करीब 250 सेवादार बदस्तूर लगे हुए थे। भक्तों की सुरक्षा के लिए करीब 26 सीसी टीवी कैमरे मंदिर में प्रवेश से लेकर गृभ गृह में स्थित शिवलिंग तक लगाए गए हैं। इसके साथ ही खोया पाया काउंटर भी बनाया गया है।
इसी तरह का अचलेश्वर महादेव मंदिर पर भी महाआरती के बाद जलाभिषेक शुरू हो गया। यहां भी देर शाम से भक्तों की भीड़ शुरू हो गई। यहां भी पुलिस अफसर भक्तों की सुरक्षा में तैनात थे। किसी भी वाहन को अचलताल की ओर आने नहीं दे रहे थे।
मंदिर श्री मंगलेश्वर महादेव समिति के भारतेंदु पंडित ने बताया देर रात पूजन के बाद जलाभिषेेक के लिए मंदिर के पट खोल दिए गए। उन्होंने बताया कि सोमवार शाम चार बजे मंदिर परिसर से शोभायात्रा निकलेगी, जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष ठा. उपेंद्र सिंह नीटू करेंगे।