{"_id":"56df2a264f1c1b807c8b45d4","slug":"divorce-and-save-muslim-women-from-three-government-hlala","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन तलाक और हलाला से मुस्लिम महिलाओं को बचाए सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन तलाक और हलाला से मुस्लिम महिलाओं को बचाए सरकार
ब्यूराे/अमर उजाला,अलीगढ़
Updated Wed, 09 Mar 2016 01:40 AM IST
विज्ञापन
महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करती जकिया सोमन।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन की संस्थापक सदस्य जकिया सोमन ने कहा कि तीन तलाक और हलाला जैसे गैर कुरानिक मनमानी से सरकार मुस्लिम महिलाओं की रक्षा करे। मंगलवार को जकिया सोमन एएमयू स्टाफ क्लब में शिक्षक एवं छात्रों को संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम का आयोजन अमुटा द्वारा किया गया था।
उन्होंने कहा कि कुरानिक अधिकार महिलाओं को भी मिले हैं, लेकिन तीन तलाक और हलाला आदि के नाम पर मौलवी महिलाओं पर जुल्म ढा रहे हैं। वे कुरान को गलत तरीके से पेश करते हैं। तीन तलाक कुरान की रौशनी में सही नहीं है।
एक से अधिक शादी की छूट कुरान में नहीं है। इससे पुरुष सभी के साथ न्याय नहीं कर पाएगा। लेकिन इस बात को दबा दिया गया। मौलवियों ने अपनी सोच के मुताबिक नियम बना दिए हैं। सब कुछ देखने के बावजूद मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड चुप रहता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि महिला दिवस पर महिलाएं एवं लड़कियां अपने साथ न्याय एवं समानता की मांग करती हैं, जो उन्हें कुरान से मिला है। दुनिया के कई मुस्लिम देशों में बदलाव आ रहे हैं और वहां महिलाओं के अधिकार का उल्लंघन आसानी से संभव नहीं है। हिंदुस्तानी समाज में भी बदलाव की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि 50 हजार मुस्लिम महिलाओं से बातचीत कर सर्वे किया गया। ज्यादातर को मालूम नहीं है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड क्या चीज है। 90 प्रतिशत महिलाएं तीन तलाक के खिलाफ हैं। इस पर कानून बनाया जाए।
उन्होंने मुंबई के हाजी अली दरगाह पर महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए जाने एवं गुजरात में मुस्लिम दलित परिवार के लिए अलग कब्रिस्तान पर भी सवाल उठाया। उन्होंने हिंदूवादी ताकतों द्वारा धर्म के नाम पर समाज का ध्रुवीकरण करने का उल्लेख करते हुए कहा कि सांप्रदायिक हिंसा से मुस्लिम भय में रहते हैं। कार्यक्रम में तीन तलाक से पीड़ित एक महिला भी शामिल हुई। जकिया सोमन ने कहा कि भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन महिला के साथ है और हर संभव सहयोग करेंगे।
स्टाफ क्लब में कार्यक्रम की अध्यक्षता अमुटा अध्यक्ष प्रो. मुजाहिद बेग ने किया। इस अवसर पर डॉ. गुलफिशां खान, डॉ. शादाब बानो, डॉ. अशरफ मलिक आदि मौजूद थे। इससे पूर्व जकिया सोमन ने वीमेंस कॉलेज में छात्राओं को संबोधित किया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि कुरानिक अधिकार महिलाओं को भी मिले हैं, लेकिन तीन तलाक और हलाला आदि के नाम पर मौलवी महिलाओं पर जुल्म ढा रहे हैं। वे कुरान को गलत तरीके से पेश करते हैं। तीन तलाक कुरान की रौशनी में सही नहीं है।
विज्ञापन
एक से अधिक शादी की छूट कुरान में नहीं है। इससे पुरुष सभी के साथ न्याय नहीं कर पाएगा। लेकिन इस बात को दबा दिया गया। मौलवियों ने अपनी सोच के मुताबिक नियम बना दिए हैं। सब कुछ देखने के बावजूद मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड चुप रहता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि महिला दिवस पर महिलाएं एवं लड़कियां अपने साथ न्याय एवं समानता की मांग करती हैं, जो उन्हें कुरान से मिला है। दुनिया के कई मुस्लिम देशों में बदलाव आ रहे हैं और वहां महिलाओं के अधिकार का उल्लंघन आसानी से संभव नहीं है। हिंदुस्तानी समाज में भी बदलाव की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि 50 हजार मुस्लिम महिलाओं से बातचीत कर सर्वे किया गया। ज्यादातर को मालूम नहीं है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड क्या चीज है। 90 प्रतिशत महिलाएं तीन तलाक के खिलाफ हैं। इस पर कानून बनाया जाए।
उन्होंने मुंबई के हाजी अली दरगाह पर महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए जाने एवं गुजरात में मुस्लिम दलित परिवार के लिए अलग कब्रिस्तान पर भी सवाल उठाया। उन्होंने हिंदूवादी ताकतों द्वारा धर्म के नाम पर समाज का ध्रुवीकरण करने का उल्लेख करते हुए कहा कि सांप्रदायिक हिंसा से मुस्लिम भय में रहते हैं। कार्यक्रम में तीन तलाक से पीड़ित एक महिला भी शामिल हुई। जकिया सोमन ने कहा कि भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन महिला के साथ है और हर संभव सहयोग करेंगे।
स्टाफ क्लब में कार्यक्रम की अध्यक्षता अमुटा अध्यक्ष प्रो. मुजाहिद बेग ने किया। इस अवसर पर डॉ. गुलफिशां खान, डॉ. शादाब बानो, डॉ. अशरफ मलिक आदि मौजूद थे। इससे पूर्व जकिया सोमन ने वीमेंस कॉलेज में छात्राओं को संबोधित किया।