{"_id":"56dc90a34f1c1bea568b4580","slug":"10-years-imprisonment-to-man-for-rape-with-daughter","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेटी संग दुष्कर्म में बाप को दस साल की कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बेटी संग दुष्कर्म में बाप को दस साल की कैद
ब्यूरो/अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Mon, 07 Mar 2016 01:48 AM IST
विज्ञापन
रेपकांड में सजा
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अलीगढ़। महानगर के देहली गेट इलाके में बाप द्वारा बेटी संग दुष्कर्म मामले में अदालत ने आरोपी बाप को दस साल की सजा से दंडित किया है। यह फैसला एडीजे-फास्ट ट्रैक प्रथम जमशेद अली के न्यायालय से सुनाया गया है। साथ में 15 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता महाराज सिंह के अनुसार खुद किशोरी ने थाने में तहरीर देकर अपने सरकारी सेवारत पिता पर मुकदमा दर्ज कराया था कि उसके पिता गैरजनपद में एक केंद्रीय संस्थान में नौकरी करते हैं। वह यहां परिजनों संग रहती है। वह पिछले दो साल से लगातार छुट्टी पर आने पर बेटी संग दुष्कर्म करते हैं।
मां के विरोध करने पर उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया गया है। इस काम में आरोपी की बहनें मदद करती हैं। वर्ष 2009 में यह प्रकरण उस समय उजागर हुआ, जब किशोरी को बूआ के घर में बंधक बनाकर रखा गया और कई दिन तक बाप ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
विज्ञापन
इस मामले में उस समय मेयर शकुंतला भारती आदि की मदद से किशोरी को बंधनमुक्त कराया गया था। तब जाकर मुकदमा दर्ज हुआ। इस चर्चित मामले में आरोपी जेल में है। न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान गवाही व साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दस साल की सजा व 15 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता महाराज सिंह के अनुसार खुद किशोरी ने थाने में तहरीर देकर अपने सरकारी सेवारत पिता पर मुकदमा दर्ज कराया था कि उसके पिता गैरजनपद में एक केंद्रीय संस्थान में नौकरी करते हैं। वह यहां परिजनों संग रहती है। वह पिछले दो साल से लगातार छुट्टी पर आने पर बेटी संग दुष्कर्म करते हैं।
विज्ञापन
मां के विरोध करने पर उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया गया है। इस काम में आरोपी की बहनें मदद करती हैं। वर्ष 2009 में यह प्रकरण उस समय उजागर हुआ, जब किशोरी को बूआ के घर में बंधक बनाकर रखा गया और कई दिन तक बाप ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
विज्ञापन
इस मामले में उस समय मेयर शकुंतला भारती आदि की मदद से किशोरी को बंधनमुक्त कराया गया था। तब जाकर मुकदमा दर्ज हुआ। इस चर्चित मामले में आरोपी जेल में है। न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान गवाही व साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दस साल की सजा व 15 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।