{"_id":"60fac5c28ebc3e57f242da48","slug":"aligarh1627047362","type":"story","status":"publish","title_hn":"पैसा देने के बाद भी साफ पानी को तरस रहे हैं शहर के लोग \n\n\nसामाजिक संस्थाओं सहित नागरिकों और राजनीतिक दलों के नेताओं ने पेयजल आपूर्ति पर उठाए सवाल","category":{"title":"Local","title_hn":"लोकल","slug":"local"}}
पैसा देने के बाद भी साफ पानी को तरस रहे हैं शहर के लोग सामाजिक संस्थाओं सहित नागरिकों और राजनीतिक दलों के नेताओं ने पेयजल आपूर्ति पर उठाए सवाल
विज्ञापन
दीपक शर्मा
विज्ञापन
अलीगढ़। जीवनगढ़ में दूषित पेयजल आपूर्ति के चलते हुए एक बच्चे की मौत और अन्य कई बच्चों के बीमार होने की घटना के बाद शहर के नागरिकों, सामाजिक संस्थाओं के साथ-साथ कांग्रेस, समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी स्मार्ट सिटी नगर निगम की योजनाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
इन सभी का कहना है कि पानी पर टैक्स देने के बाद भी साफ पानी को लोग तरस रहे हैं।
यह कहते हैं कहा हैं अटल अमृत योजना के तहत बनाए गए 40 नलकूप जिसमें से 15 नलकूपों के सुचारू रूप से काम करने का दावा किया गया था? जनप्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में नगर निगम के अधिकारियों ने दावा किया था कि जून महीने तक सभी नलकूपों को शुरू कर दिया जाएगा? 10 जून को जनप्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में नगर निगम अधिकारियों ने कहा था कि 11 नलकूप, 20 हैंडपंप और 30 टैंकरों को तैयार रखा गया है। इसके बाद भी जीवनगढ़ इलाके में दूषित पानी की आपूर्ति की सूचना के बाद वहां पर पानी के टैंकर नहीं भिजवाए गए।
इस तरह नगर निगम और जल निगम ने 12 सौ करोड़ रुपए की स्मार्ट सिटी योजना को पलीता लगाने का काम किया है। नगर निगम का यह भी दावा था कि नलकूप, ओवरहेड टैंक, एसटीपी, एमआरएफ प्लांट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। जिससे यहां की स्थिति पर नजर रखी जाएगी। लेकिन यह सभी योजनाएं केवल कागजों तक सिमट कर रह गई।
विज्ञापन
व्यवस्थाओं पर सवाल उठाने वालों में नागरिक चेतना समिति, सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन, जनहित मानव अधिकार एसोसिएशन आदि संस्थाएं शामिल हैं।
एक हफ्ते से जीवनगढ़ में दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या थी लोग शिकायत कर रहे थे। इसके बाद भी समाधान करना होना निराशाजनक है। जिलाधिकारी से फोन पर पूरी स्थिति को बताया था। उन्होंने मौके पर नगर निगम की टीम को भेजा। 2 दिन में समाधान होने की बात कही जा रही है। समाधान ना हुआ तो कांग्रेसी फिर से जनता के साथ खड़े होंगे
- विवेक बंसल, पूर्व विधायक कांग्रेस
स्मार्ट सिटी के नाम पर शहर खोद दिया। बुनियादी सुविधाएं ध्वस्त पड़ी हुई हैं। पानी जैसी चीज के लिए भी त्योहार पर लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। दूषित पानी जिंदगी के लिए खतरा बन गया है। नगर निगम ने 40 नए नलकूप शुरू होने का दावा किया था। 30 टैंकर और अन्य संसाधनों के उपलब्ध होने की बात कही थी। अगर यह सब कुछ किया जाता तो मासूम बच्चों को जान नहीं गंवानीन पड़ती
-हाजी जमीर उल्लाह पूर्व विधायक समाजवादी पार्टी
अक्सर ही लोग पेट खराब होने की समस्याओं को लेकर मेरे पास दवा लेने आते हैं। जानकारी करने पर पता चलता है कि उसका बड़ा कारण उनके क्षेत्र में गंदे पानी की आपूर्ति का होना है।
- राजीव गुप्ता, मेडिकल स्टोर संचालक
जीवन जीने का अधिकार कानूनी अधिकार है। साफ पानी आवश्यक बुनियादी सुविधाओं में से एक है। नगर निगम पानी पर टैक्स लेता है तो साफ पानी देना भी जिम्मेदारी है
-प्रतीक चौधरी एडवोकेट
पहले हम लोग रघुवीर पुरी में रहते थे। लेकिन वहां अक्सर ही दूषित पेयजल की आपूर्ति की समस्या के चलते पलायन करके राजेंद्र नगर कॉलोनी की ओर आना पड़ा
- दिनेश बाबू राजेंद्र नगर कॉलोनी
चिकित्सकों की सलाह पानी उबाल लें या अन्य तरीके से साफ कर लें
शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. विकास मल्होत्रा कहते हैं कि बरसात के दिनों में पेयजल को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। बेहतर होगा कि पानी को उबालकर उसे जीवाणु रहित कर लें। अगर अन्य कोई व्यवस्था आरओ प्लांट या फिल्टर आदि मौजूद है तो उसका भी प्रयोग कर सकते हैं।
70 साल पुरानी पाइप लाइनों से हो रही है पुराने शहर में जल आपूर्ति
अलीगढ़। शहर के घनी आबादी वाले पुराने मोहल्लों और इलाकों की बात करें तो यहां पर 70 साल पुरानी जर्जर पाइप लाइनों से पानी की आपूर्ति हो रही है। यह पाइप लाइनें नाले और नालियों से होकर गुजर रही हैं। मामू भांजा, फफाला स्ट्रीट, सराय हकीम, लक्ष्मीपुरी, अशोकनगर, शिवपुरी, मोहल्ला जयगंज, महेंद्र नगर, हाथरस अड्डा आदि क्षेत्रों में समय-समय पर गंदगी युक्त पानी की आपूर्ति की शिकायतें आती रहती हैं। लेकिन लाइन की मरम्मत करके तात्कालिक रूप से समस्या का समाधान कर दिया जाता है। जीवन गढ़ की घटना के बाद यह प्रश्न विचारणीय है कि क्या नगर निगम भविष्य में इन क्षेत्रों में भी कोई इसी तरह की घटना होने का इंतजार कर रहा है?
शहर में बहुत सी योजनाओं पर काम चल रहा है। कुछ पूरी होने वाली हैं तो कुछ अभी प्रक्रिया के बीच में हैं। जीवनगढ़ में अभी 2 दिन में लाइनों की मरम्मत का काम कर दिया जाएगा। नगर निगम की टीम लगातार काम कर रही है।
-पंकज रंजन, महाप्रबंधक, जल नगर निगम
विज्ञापन
विज्ञापन