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कोरोना को मात देने में आगे रहे नन्हे उस्ताद मेडिकल कॉलेज में दूसरी लहर में आठ केस बच्चों के आए, सभी स्वस्थ होकर घर गए
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अलीगढ़। कोरोना वायरस संक्रमण को मात देने में बच्चे सबसे आगे रहे हैं। जेएन मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस संक्रमण से ग्रस्त जितने भी बच्चे आए, उन्होंने कोरोना वायरस संक्रमण को पूरी तरह हराया और स्वस्थ होकर अपने घर गए।
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इस तरह उनके स्वस्थ होने की दर 100 फ़ीसदी रही। जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी कहते हैं कि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है। इसलिए वह संक्रमण से अच्छी तरह लड़ पाते हैं। जेएन मेडिकल कॉलेज में आठ मामले संक्रमण ग्रस्त बच्चों के आए थे, सभी पूरी तरह स्वस्थ होकर घर गए। इसके अलावा संक्रमण से लड़ने में नवजात बच्चों के लिए मां का दूध भी अहम भूमिका निभाता है। यही वजह है कि बच्चे संक्रमण से जल्दी मुक्त हो जाते हैं।
दूसरी लहर में ही नहीं पहली लहर में गत वर्ष भी बच्चों ने 100 फ़ीसदी कोरोना वायरस संक्रमण को हराया था। इसके अलावा जेएन मेडिकल कॉलेज में ऐसे प्रसव भी हुए हैं जिसमें मां संक्रमित थी लेकिन पैदा हुआ बच्चा संक्रमण से मुक्त था।
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लगातार घट रहे मरीज, आइसोलेशन वार्ड में अब सिर्फ 7
अलीगढ़। जेएन मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में अब भर्ती हुए मरीजों की संख्या मात्र 7 रह गई है। संक्रमण घटने की अगर यही दर रही तो अगले कुछ दिनों में आइसोलेशन वार्ड पूरी तरह से खाली हो सकता है। यह एक अच्छा संकेत है। इसके अलावा अब मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन पोर्ट के लिए भी कोई मारामारी नहीं है। अब 50 फ़ीसदी तक ऑक्सीजन बेड खाली हैं। हालांकि प्रिंसिपल शाहिद अली सिद्दीकी कहते हैं कि मेडिकल कॉलेज में बन रहा नया ऑक्सीजन प्लांट अगले हफ्ते तक शुरू हो सकता है। यह भविष्य की जरूरत को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
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