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वीडियो कॉल पर अंतरंग बातचीत हो सकती है रिकॉर्ड, बाद में ब्लैक मेलिंग पुलिस की सर्विलेंस शाखा के जवान अपने अनुभव से लोगों को कर रहे जागरूक
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सोशल मीडिया पर ब्लैकमेलिंग से बचाव के संबंध में सर्विलांस शाखा उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान एमपी सिंह द्वारा डाली गई सोशल मीडिया पर पोस्ट
- फोटो : Amar Ujala
अलीगढ़। पुलिस की सर्विलांस टीम के जवान एमपी सिंह ने सोशल मीडिया के छल से निपटने और लोगों को इसके चंगुल से बचाने के लिए सोशल मीडिया को ही हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने का प्रयोग किया है।
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केस नंबर 1
मध्यवर्गीय व्यापारी ने सोशल मीडिया पर वीडियो कॉलिंग के माध्यम से एक महिला से अंतरण बातचीत की। महिला के कहने के कहने के मुताबिक वह बेहद अंतरंग स्थिति में आए। यह पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड हो गया। बाद में ब्लैकमेल करने वालों ने इस वीडियो की एडिटिंग करके सबसे पहली कॉपी व्यापारी को भेजी। धमकी दी कि उनकी फेसबुक फ्रेंडशिप की लिस्ट उनके पास है। वह इसको वायरल कर सकते हैं। पहले 10 हजार रुपए मांगे। व्यापारी ने दिए। एक महीने बाद 25 हजार रुपए फिर मांगे। व्यापारी हैरान लेकिन पैसे दिए । एक महीने बाद 20,000 फिर मांगे। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई ब्लैकमेलिंग का पर्दाफाश हुआ। हालांकि आरोपी गैर राज्य के थे।
केस नंबर -2
थाना बन्नादेवी क्षेत्र के एक मोहल्ले में रहने वाले युवक से 3 दिन तक फोन करके कामुक बातें की गई । इसके बाद वीडियो कॉलिंग के माध्यम से कामुक बातों के साथ ही जाल में फंसाया गया। 10 हजार रुपये देने पर 3 महिलाओं के नंबर और हर तरह का संपर्क बनाने की सहमति देने की बात की गई। 10 हजार रुपये खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। बाद में कोई नंबर नहीं दिए गए। इसके लिए जब तकादा किया गया तो वीडियो कॉलिंग की फुटेज युवक को भेज दी। कहा शोर मचाया तो इसको वायरल कर देंगे।
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यह सिर्फ दो घटनाएं भर नहीं है। बल्कि सोशल मीडिया पर ब्लैक मेलिंग करने वालों के बड़े गिरोह की एक छोटी सी झलक है। लोग इसके चंगुल में न आएं, इसके लिए सर्विलांस सेल में पिछले 15 साल से अपनी सेवाएं दे रहे पुलिस के जवान एमपी सिंह सोशल मीडिया के माध्यम से ही लोगों को जागरूक करने में जुटे हुए हैं।
एमपी सिंह कहते कि वह फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप आदि पर शातिरों द्वारा अपनाए जा रहे तरीकों के विषय में बताते हैं। लोगों को अवगत कराते हैं कि इस तरह के घटनाक्रम का सामना करना पड़ सकता है और इस इस तरह की गतिविधियां आप से करवाई जा सकती हैं। अगर लोग चंगुल में फंस जाएं तो परेशान न हों। पुलिस को सूचित करें। पुलिस आपकी गोपनीयता का पूरा ध्यान रखेगी। साथ ही अपराध करने वालों तक पहुंच कर उनका पर्दाफाश भी करेगी।
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