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सोनीपत, गुरुग्राम से पैदल ही जाने को विवश हैं लोग

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Fri, 27 Mar 2020 11:58 AM IST
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no whecals, people come to our home foot move
- फोटो : AMAR UJALA
फिरोजाबाद। कोरोना वायरस के कारण देश भर में रेल,बस सेवा के साथ सभी रोजगार धंधे बंद होने के साथ रोजी-रोटी की तलाश में घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर पड़े युवक हैरान हो गए। पैदल-पैदल ही भूखे-प्यासे व पुलिस के डंडे खाते हुए घर तक पहुंचने की जद्दोजहद करने को मजदूर तबके के लोग विवश हैं। मैनपुरी जिले के थाना औछा के ग्राम चेतई निवासी नरेंद्र पुत्र गेंदालाल सोनीपत के खरखौंदा में सिक्सलेन बनाने का काम कर रहे थे। रोड बनाने के लिए रोलर चला रहे थे। काम के बंद होने से लॉकडाउन होने के साथ ही वह तीन दिन से पैदल चलते हुए अपने घर को जा रहे हैं। उनके साथ गुरुग्राम में फलों की ठेल लगाने वाले करहल मैनपुरी के निवासी अंकुर पुत्र हीरालाल है। वह उसी के साथ घर लौट रहा था। रास्ते में औरैय्या जिले के बिधूना थाना क्षेत्र के ग्राम देवरान निवासी करन कुमार पुत्र सोबरन सिंह व विकास पुत्र राम सिंह भी मिल गए। चारों तीन दिनों से पैदल सफर करते हुए अपने घर के लिए जा रहे हैं। इनका कहना था कि हर जिले के बार्डर पर पुलिस की टीम रोकने का प्रयास क रही थी। लेकिन हम रुकने के साथ अपने घर तक पहुंचने की जद्दोजहद में जुटे हैं। आखिर हम सभी इस खुले आसमान के नीचे कहां रहते। इसके कारण भूखे-प्यासे घर तक पहुंचने के लिए मजबूर है।
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