{"_id":"5bba4d57867a55684a227dcd","slug":"devendra-kumar-selected-for-para-asian-games-in-wheelchair-fencing","type":"story","status":"publish","title_hn":"देवेंद्र ने जमीन गिरवी रख ली तलवारबाजी की ट्रेनिंग, अब पैरा एशियन गेम्स में दिखाएंगे हुनर","category":{"title":"Local Sports","title_hn":"स्थानीय खेल","slug":"local-sports"}}
देवेंद्र ने जमीन गिरवी रख ली तलवारबाजी की ट्रेनिंग, अब पैरा एशियन गेम्स में दिखाएंगे हुनर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा/मथुरा
Updated Sun, 07 Oct 2018 11:45 PM IST
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तलवारबाज देवेंद्र कुमार
- फोटो : अमर उजाला
आगरा के किरावली तहसील क्षेत्र निवासी देवेंद्र कुमार का चयन पैरा एशियन गेम्स के लिए हुआ है। वह व्हील चेयर फेंसिंग में अपना हुनर दिखाएंगे। गरीब परिवार में पले-बड़े देवेंद्र ने कोच कन्हैया गुर्जर के निर्देशन में खुद को निखारा।
प्रतिभा की उड़ान के आगे संसाधनों का अभाव टिक न सका। ये ही वजह रही कि देवेंद्र नेशनल व्हील चेयर फेंसिंग में दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। उन्होंने 2014 में छत्तीसगढ़ में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसके बाद कनाडा खेलने गए।
बेटे के जुनून को देखते हुए पिता भगवान सिंह ने अपनी जमीन तक गिरवी रख दी। मथुरा में देवेंद्र ने व्हील चेयर फेंसिंग की ट्रेनिंग ली। देवेंद्र ने भी इसमें कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने अपने हुनर का लोहा मनवाया।
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कोच कन्हैया गुर्जर ने बताया कि देवेंद्र ने 2009 से कोचिंग शुरू की और लगातार तीन साल नेशनल चैंपियन रहने के बाद वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया। अब पैरा एशियन गेम्स में चयन के साथ ही उन्होंने खुद को साबित कर दिया।
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प्रतिभा की उड़ान के आगे संसाधनों का अभाव टिक न सका। ये ही वजह रही कि देवेंद्र नेशनल व्हील चेयर फेंसिंग में दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। उन्होंने 2014 में छत्तीसगढ़ में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसके बाद कनाडा खेलने गए।
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बेटे के जुनून को देखते हुए पिता भगवान सिंह ने अपनी जमीन तक गिरवी रख दी। मथुरा में देवेंद्र ने व्हील चेयर फेंसिंग की ट्रेनिंग ली। देवेंद्र ने भी इसमें कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने अपने हुनर का लोहा मनवाया।
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कोच कन्हैया गुर्जर ने बताया कि देवेंद्र ने 2009 से कोचिंग शुरू की और लगातार तीन साल नेशनल चैंपियन रहने के बाद वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया। अब पैरा एशियन गेम्स में चयन के साथ ही उन्होंने खुद को साबित कर दिया।