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फर्जी डिग्री धारकों ने मारा प्रशिक्षित बेरोजगारों का हक
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उत्तराखंड क्रांति दल ने की डीएलएड प्रशिक्षित बेरोजगारों को नियुक्ति देने की मांग
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माई सिटी रिपोर्टर
देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल ने बाहरी राज्य के फर्जी डिग्री धारकों पर प्रदेश के प्रशिक्षित बेरोजगारों के हक पर डाका डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सांठगांठ के दम पर फर्जी डिग्री धारक शिक्षक बन बैठे हैं जबकि प्रशिक्षित बेरोजगार नियुक्ति की मांग को लेकर निदेशालय पर दिन-रात धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
दल के केंद्रीय प्रवक्ता सुनील ध्यानी ने दस्तावेजों और ऑडियो रिकॉर्डिंग के साथ इसका खुलासा किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के कई प्राइवेट कॉलेज फर्जी ढंग से डीएलएड प्रशिक्षण करवा रहे हैं। इन लोगों के पास दोनों राज्यों के स्थाई निवास प्रमाण पत्र भी हैं। उत्तराखंड सरकार ने ऐसे फर्जी डिग्री धारकों के लिए दरवाजे खोल रखे हैं।
उन्होंने कहा कि ऑडियो रिकॉर्डिंग में कई प्राइवेट कॉलेज साफ कह रहे हैं कि डीएलएड प्रशिक्षण के लिए नियमित आने की जरूरत नहीं है। केवल फीस जमा कराने पर ही डिग्री दे दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारी डायट में डीएलएड प्रशिक्षण करने के लिए अभ्यर्थियों को जॉब ट्रेनिंग के लिए 96 दिनों तक दुर्गम के स्कूलों में भेजा जाता है। लेकिन राज्य से बाहर प्राइवेट डीएलएड करने वाले कॉलेजों में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार प्रशिक्षित बेरोजगारों के आंदोलन को लेकर भी बिल्कुल गंभीर नहीं हैं। सरकार को फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी कर रहे शिक्षकों को बर्खास्त कर उनकी जगह पर प्रशिक्षित बेरोजगारों को मौका देना चाहिए।
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