सरोजिनी नगर मार्केट में सस्ती कीमत पर अच्छी क्वालिटी के कपड़े कैसे मिल जाते हैं? वजह जानकर हो जाएंगे हैरान
क्या कभी आपने इस बारे में सोचा है कि सरोजिनी नगर मार्केट में अच्छी क्वालिटी के कपड़े इतनी सस्ती कीमत पर कैसे मिल जाते हैं? अगर नहीं, तो इस बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।
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जब भी हम सस्ते और ट्रेंडी कपड़ों की बात करते हैं, तो दिल्ली में सरोजिनी नगर मार्केट का नाम सबसे पहले दिमाग में आता है। दिल्ली के इस मशहूर बाजार में हर उम्र, वर्ग के लोगों के स्टाइल और उनकी पसंद के कपड़े आसानी से मिल जाएंगे। कॉलेज जाने वाले स्टूडेंट्स के लिए कैज़ुअल शर्ट चाहिए हो या आपको कार्गो चाहिए, या ऑफिस जाने के लिए प्रोफेशनल कपड़े सरोजनी नगर मार्केट में आपको हर तरह के आउटफिट मिलेंगे। इस मार्केट की सबसे खास बात यह है कि यहां पर हर किसी के बजट के आधार पर उनको कुछ न कुछ मिल जाता है। यहां पर आपको सस्ती कीमत पर बेहतरीन क्वालिटी के कपड़े मिलते हैं। वहीं क्या कभी आपने इस बारे में सोचा है कि सरोजिनी नगर मार्केट में अच्छी क्वालिटी के कपड़े इतनी सस्ती कीमत पर कैसे मिल जाते हैं? अगर नहीं, तो इस बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।
इस सवाल का जवाब सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर रिया ने अपने एक इंस्टाग्राम रील में दिया है। उन्होंने बताया कि भारत एक बड़ा इंपोर्टर है सेकंड हैंड कपड़ों का। हर साल करीब 4000 से 6000 करोड़ के सेकंड हैंड कपड़े भारत में इंपोर्ट होते हैं।
कनाडा, जर्मनी जैसे देशों में डोनेशन कल्चर काफी ज्यादा है। लोग दो-चार बार ही कपड़ों को पहनकर डोनेट कर देते हैं। इसके बाद वहां से डोनेट किए हुए कपड़े पहुंचते हैं पानीपत, क्योंकि पानीपत ऐसे कपड़ों का हब है। यहां पर कपड़े किलो के भाव में बिकते हैं।
यहां पर दुकानदारों को 80 किलो का बंडल सिर्फ 5000 रुपये की कीमत में मिल जाता है। अगर कोई सिंगल टॉप 100-200 ग्राम का है, तो वह उन्हें 8 से 10 रुपये का पड़ता है। इसके बाद दुकानदारों को कपड़ों की क्वालिटी को अच्छा करने के लिए कुछ और पैसे खर्च करने पड़ते हैं।
इसमें वॉशिंग और प्रेसिंग का खर्च करीब 5 से 7 रुपए प्रति पीस आता है। इसके अलावा फेक टैग ब्रांडिंग के लिए रुपये अलग से खर्च करने होते हैं। एक टॉप की कुल लागत 15 से 20 रुपए पड़ती है। वहीं यह सब करने के बाद दुकानदार यही टॉप सरोजिनी नगर मार्केट में 200 रुपये की कीमत पर आसानी से बेच देते हैं।