Char Dham Yatra: चारधाम की यात्रा शुरु हुए पांच दिन हो चुके हैं। लाखों की संख्या में श्रद्धालु यात्रा पर जा रहे हैं। एक ताजा आंकड़ा के मुताबिक, चार दिन में सिर्फ केदारनाथ धाम में एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे हैं। इस यात्रा के दौरान कई लोगों की मौत की भी खबरें आती हैं। श्रद्धालुओं की मौत की वजहें अलग-अलग होती हैं, लेकिन सबसे अधिक मौतें हार्ट अटैक की वजह से होती हैं।
Char Dham Yatra: चारधाम यात्रा के दौरान मौत होने पर मिलता है मुआवजा? जानिए क्या है इसकी प्रक्रिया और नियम
अगर चारधाम पर गए यात्री के पास दुर्घटना बीमा है, तो पॉलिसी की शर्तों के मुताबिक, बीमा कंपनी मुआवजा देती है। इसके साथ ही उत्तराखंड की सरकार की तरफ से सरकारी योजनाओं के मुताबिक, मृतक के परिजनों को वित्तीय सहायता भी दी जाती है। मुआवजा के लिए सबसे पहले हादसे की रिपोर्ट स्थानीय अधिकारियों या पुलिस को देनी होती है।
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यहां दें जानकारी
हम आपको कुछ उपयोगी संस्थानों के बारे में जानकारी दे रहे हैं। आप मुख्यमंत्री राहत कोष https://cmrf.uk.gov.in/ और उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग https://usdma.uk.gov.in/ की वेबसाइट पर जाकर मदद ले सकते हैं।
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प्रशासन द्वारा चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। तीर्थ यात्रियों की समस्याओं के निवारण के लिए यह 24 चालू रहते हैं। आप हेल्पलाइन नंबर पर हादसे के बारे में जानकारी दे सकते हैं। तीर्थ यात्रा के दौरान दुर्घटना, सड़क हादसा, पशु हमले के कारण किसी की मौत हुई है या फिर मौत की वजह कोई बीमारी हो, तो व्यक्ति मुआवजा के हकदार हैं।