मेवेदर बने फाइटर ऑफ द सेंचुरी, जीता 2500 करोड़ का महामुकाबला
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लास वेगास एयरपोर्ट पर सैकड़ों की तादाद में बेतरतीब खड़े निजी विमान, एमजीएम ग्रैंड एरेना में मौजूद दुनिया भर की हस्तियां, दांव पर लगे 2500 करोड़ रुपये और निगाहें सदी के सबसे बड़े बॉक्सिंग मुकाबले पर।
रविवार सुबह का नजारा कुछ हैरतअंगेज सा था। सभी की जुबान पर बस एक ही सवाल था, कि इतिहास की इस सबसे महंगी बॉक्सिंग फाइट में विजेता का ताज किसके सिर सजेगा। 12 राउंड के बाद जवाब सामने था... फ्लायड मेवेदर।
अमेरिका के सुपरस्टार मेवेदर और फिलीपींस के ‘पैकमैन’ मैनी पैकियाओ के बीच लड़ी गई इतिहास की सबसे बड़ी बॉक्सिंग फाइट में बाजी मेवेदर के हाथ लगी, जिन्होंने पेशेवर करियर में 48वीं फाइट जीतकर कभी न हारने का रिकॉर्ड कायम रखा।
16 हजार दर्शकों से खचाखच भरे एमजीएम एरेना में पहले और दूसरे जज ने 116-112 से फैसला मेवेदर के पक्ष में दिया, जबकि तीसरे जज का निर्णय भी 118-110 से अमेरिकी मुक्केबाज के पक्ष में रहा। शुरुआती तीन राउंड में दबदबा बनाने के बाद पैकियाओ कभी भी मेवेदर के डिफेंस में सेंध लगाते नहीं दिखे। वहीं मेवेदर समय-समय पर सटीक पंच लगाकर अंक अर्जित करने में सफल रहे।
सितंबर में अपना अंतिम फाइट खेलेंगे मेवेदर
फ्लायड मेवेदर ने यह मुकाबला जीत तीन खिताबों पर कब्जा जमाया। जहां उन्होंने अपना डब्ल्यूसी, डब्ल्यूए वेल्टरवेट खिताब बरकरार रखा, वहीं पैकियाओ की डब्ल्यूबीओ बेल्ट भी अपने नाम कर ली।
65 मुकाबलों में 57 मुकाबले जीतने वाले फीलीपींस के पैकियानो की यह छठी हार थी। 2 मुकाबले ड्रॉ रहे थे। इस जीत से मेवेदर को 1142 करोड़ रुपये मिले, जबकि पैकियाओ के हिस्से में 761 करोड़ रुपये आए।
मेवेदर ने इस बात की पुष्टि की है कि शोटाइम स्पोर्ट्स के साथ किए गए छह फाइट के करार के तहत वह सितंबर में अपनी आखिरी फाइट लड़ेंगे और इसके बाद रिटायर हो जाएंगे। अगर वह इसमें जीत दर्ज करने में सफल रहते हैं तो महान बॉक्सर रॉकी मैरीकैनो की बराबरी कर लेंगे, जिन्होंने अपने पेशेवर करियर में 49 फाइट लड़ी हैं और सभी में जीत हासिल की है। मेवेदर 48 फाइट जीत चुके हैं।
राउंड दर राउंड : कैसे क्या हुआ?
पहला राउंड: दोनों प्रतिद्वंद्वदी पंच से बचने के लिए एक-दूसरे के ज्यादा करीब रहने की कोशिश करते रहे। हालांकि मेवेदर ने कुछ राइट पंच लगाने की कोशिश की लेकिन पैकियाओ बचने में सफल रहे उनके चेहरे पर मुस्कुराहट भी नजर आई।
दूसरा राउंड: पैकियाओ ने आक्रामक रुख दिखाने की कोशिश की। मेवेदर ने अपने आपको कवर कर रक्षात्मक रुख अपना लिया।
तीसरा राउंड: मेवेदर ने राइट पंच जड़ा। पैकियाओ ने भी अपने लेफ्ट पंच मारने की कोशिश की लेकिन मेवेदर अपने को बचाने में सफल रहे।
चौथा राउंड: फिलिपींस के मुक्केबाज ने लगातार प्रहार किए। एक जोरदार लेफ्ट पंच मेवेदर के लगा भी था जिससे लड़खड़ाकर मेवेदर रिंग के किनारे पर पहुंच गए।
पांचवां राउंड: पैकियाओ ने इस राउंड में 16 पंच लगाए। मेवेदर शुरू में अपनी ज्यादा एनर्जी नहीं लगा रहे थे इसलिए पैकियाओ ने भी मुकाबले की स्पीड को कम किया।
छठा राउंड: पैकियाओ आलआउट शैली में आक्रामक हो गए लेकिन मेवेदर को इससे फर्क नहीं पड़ा। एक मर्तबा मेवेदर ने अपने सिर को जोर से हिलाया मानो अपने आपको झकझोर रहे हों।
सातवां राउंड: दोनों मुक्केबाज पंच जड़ने की फिराक में रिंग में इधर से उधर उछलते हुए अपना फुटवर्क दिखाते ज्यादा नजर आए। अंतिम 40 सेकेंड में पैकियाओ ने बाएं हाथ का पंच जड़ा।
आठवां राउंड: बेहद डिफेंसिव माने जाने मेवेदर ने अचानक पैंतरा बदलकर पहले एक लेफ्ट हुक लगाया और फिर दायां हाथ का एक ऐसा पंच जड़ा कि फिलिपींस का मुक्केबाज ही नहीं दर्शक भी सन्न रह गए।
नौवां राउंड: पैकियाओ ने बदला लेने की फिराक में बाएं और दाएं दोनों ओर से पंच लगाने की कोशिश की। मेवेदर का शुरुआत में एक तगड़ा पंच लगने से रह गया।
दसवां राउंड: बेशक पैकियाओ ज्यादा आक्रामक लग रहे थे और ज्यादातर मुक्कों की झड़ी लगाने का प्रयास कर रहे थे लेकिन मेवेदर की फुर्ती और टाइमिंग ज्यादा बेहतर थी।
11वां राउंड: इस बार मेवेदर ने तेजी पकड़ी और बड़ा पंच लगाया। बाद में डिफेंसिव हो गए। एक बार कॉर्नर में पहुंच गए थे लेकिन पैकियाओ कोई दमदार पंच नहीं लगा पाए।
12वां राउंड: अंकों में पिछड़ने के कारण पैकियाओ को नाकआउट पंच लगाने की जरूरत थी लेकिन वह ऐसा नहीं कर सके थे। मेवेदर ने पैकियाओ को घेर लिया। जब अंतिम घंटी बजी तो मेवेदर अंकों में आगे होने से ‘फाइट ऑफ द सेंचुरी’ जीतने में सफल हो गए।
फाइनल फाइटः मेवेदर Vs पैकियाओ
435 कुल पंच 429
148 निशाने पर 81
267 जैब्स 193
67 निशाने पर 18
168 पावरपंच 236
81 निशाने पर 63
जीत के बाद फैसले से खुश नहीं दिखे पैकियाओ
फाइट ऑफ सेंचुरी में मिली शिकस्त के बाद एशियाई मुक्केबाज पैकियाओ बेहद निराश नजर आए। उन्होंने कहा, "मुझे लगा कि मैं फाइट जीत गया क्योंकि मेवेदर ने कुछ भी नहीं किया। वह बस रिंग के चारो ओर घूम रहे थे। जब प्रतिद्वंद्वी ऐसा कर रहा हो तो पंच लगाना आसान नहीं होता। मगर मुकाबले के दौरान मैं कई बार उन तक पहुंचा और जोरदार पंच लगाए।"
दूसरी ओर लगातार 48 फाइट जीतने वाले मेवेदर ने कहा, मैं मैनी पैकियाओ को सलाम करता हूं। अब मैं समझ सकता हूं कि वह क्यों मुक्केबाजी के शिखर पर हैं। मेरे पिता चाहते थे कि मैं पैकियाओ पर अधिक हमले करूं, लेकिन मैं एक कैलकुलेटिड बॉक्सर हूं, जबकि पैकियाओ का तरीका अलग था। ऐसे में मैंने अपने रक्षात्मक रवैये पर ही भरोसा किया। मैं 40 साल का होने वाला हूं। 19 साल के अपने करियर में मैं 18 साल से चैंपियन हूं। मुझ पर ईश्वर का आशीर्वाद है।