स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि वह और अरशद नदीम कभी करीबी दोस्त नहीं थे। दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज ने कहा कि हालिया संघर्ष के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चीजें पहले जैसी नहीं रहेंगी। पिछले महीने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद अब स्थगित हो चुके एनसी क्लासिक भाला फेंक टूर्नामेंट में पाकिस्तान के नदीम को आमंत्रित करने के कारण नीरज को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। नीरज ने आरोप लगाया था कि उन्हें और उनके परिवार को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। इतना ही नहीं नदीम ने एनसी क्लासिक में हिस्सा लेने से भी मना कर दिया था। बाद में नीरज ने बताया था कि न्योता पहलगाम हमले से दो दिन पहले भेजा गया था। साथ ही उन्होंने ट्रोल्स को मुंहतोड़ जवाब दिया था।
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अरशद नदीम और नीरज चोपड़ा
- फोटो : PTI
नदीम के साथ समीकरण पर नीरज का बयान
दोहा में डायमंड लीग की पूर्व संध्या पर दो बार के ओलंपिक पदक विजेता और मौजूदा विश्व चैंपियन से जब नदीम के साथ उनके समीकरण के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस पर बयान दिए। नदीम ने पिछले साल पेरिस खेलों में स्वर्ण पदक जीता था, वहीं नीरज ने रजत पदक अपने नाम किया था। जबकि 2021 में टोक्यो संस्करण में भारतीय खिलाड़ी ने शीर्ष स्थान हासिल किया था। तब नदीम कोई पदक नहीं जीत सके थे।
'हम करीबी दोस्त या कुछ भी नहीं हैं'
नीरज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'सबसे पहले मैं यह स्पष्ट करना चाहूंगा कि मेरे नदीम के साथ बहुत मजबूत संबंध नहीं हैं। हम कभी भी करीबी दोस्त या कुछ और नहीं रहे। लेकिन इसके (भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव) कारण, यह पहले जैसा भी नहीं रहेगा। हालांकि, अगर कोई मुझसे सम्मानपूर्वक बात करता है तो मैं भी सम्मान के साथ बात करता हूं। एक एथलीट के तौर पर हमें बात करनी ही होगी। न केवल भाला फेंक में, बल्कि अन्य स्पर्धाओं में भी दुनिया भर के एथलीट समुदाय में मेरे कुछ अच्छे दोस्त हैं। अगर कोई मुझसे सम्मानपूर्वक बात करता है, तो मैं भी उससे पूरे सम्मान के साथ बात करूंगा।'
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अरशद नदीम और नीरज चोपड़ा
- फोटो : PTI
नदीम को न्योता भेजने को लेकर घिरे थे नीरज
नीरज ने कहा, 'भाला फेंक एक बहुत छोटा समुदाय है और हर कोई अपने देश के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहा है और हर कोई अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहता है।' हरियाणा के इस स्टार भालाफेंक खिलाड़ी को नदीम को न्योता भेजने पर अपमान सहना पड़ा था। बाद में नीरज ने इस मामले पर चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा कि नदीम को न्योता पहलगाम आतंकी हमले से दो दिन पहले भेजा गया था। उन्होंने कहा कि न्योता भेजने की वजह से देश के प्रति उनकी ईमानदारी पर सवाल उठे और यहां तक कि उनके परिवार को अपशब्द कहे गए। इसको वह बर्दाश्त नहीं करेंगे।
'मेरे परिवार के लिए अपशब्द कहे गए...'
एनसी (नीरज चोपड़ा) क्लासिक भालाफेंक में भाग लेने के लिए देश विदेश से कई खिलाड़ी आने वाले थे। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए हमले के बाद अरशद की भागीदारी का सवाल ही नहीं उठता। नीरज ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट किया और एक लंबा नोट लिखा था। उन्होंने लिखा, 'नीरज चोपड़ा क्लासिक जेवलिन थ्रो टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए अरशद नदीम को आमंत्रित करने के मेरे फैसले के बारे में बहुत सारी बातें हुई हैं और इसमें से अधिकांश नफरत और दुर्व्यवहार हैं। उन्होंने मेरे परिवार को भी नहीं छोड़ा। एनसी क्लासिक का उद्देश्य भारत में सर्वश्रेष्ठ एथलीटों को लाना है और हमारे देश के लिए विश्व स्तरीय खेल आयोजनों का घर बनना था। पहलगाम में आतंकवादी हमलों के बाद एनसी क्लासिक में अरशद के होने का सवाल ही नहीं उठता।'