Wimbledon 2021: भारतीय मूल के समीर बनर्जी ने विंबलडन में रचा इतिहास, लड़कों का एकल खिताब जीता
भारतीय मूल के टेनिस खिलाड़ी समीर बनर्जी ने विंबलडन में लड़कों का एकल खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने फाइनल में अमेरिका के विक्टर लिलोव को मात दी।
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भारतीय मूल के अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी समीर बनर्जी ने रविवार को विंबलडन में इतिहास रच दिया। उन्होंने फाइनल मुकाबले में हमवतन विक्टर लिलोव को सीधे सेटों में हराकर विंबलडन में लड़कों का एकल खिताब अपने नाम किया। अपना दूसरा जूनियर ग्रैंड स्लैम खेल रहे 17 साल के इस खिलाड़ी ने एक घंटे 22 मिनट तक चले फाइनल में 7-5, 6-3 से जीत हासिल की।
बनर्जी के माता-पिता भारत के रहने वाले थे लेकिन 1980 के दशक में वह अमेरिका गए और वहीं बस गए। इससे पहले समीर इस साल जूनियर फ्रेंच ओपन में कुछ खास कमाल नहीं कर पाए और उन्हें पहले दौर से बाहर होना पड़ा था। लेकिन इसके बाद उन्होंने हार नहीं मानी और विंबलडन में लड़कों का जूनियर खिताब जीतकर वापसी की।
Remember the name - Samir Banerjee 🇺🇸
— Wimbledon (@Wimbledon) July 11, 2021
The American wins his first junior Grand Slam singles title by beating Victor Lilov in the boys' singles final#Wimbledon pic.twitter.com/Xc3ueczg5m
युकी भांबरी जूनियर एकल खिताब जीतने वाले आखिरी भारतीय थे। उन्होंने 2009 में ऑस्ट्रेलियन ओपन में जीत हासिल की थी। सुमित नागल ने 2015 में वियतनाम के ली होआंग के साथ विम्बलडन लड़कों का युगल खिताब जीता था। वहीं रामनाथन कृष्णन 1954 जूनियर विंबलडन चैंपियनशिप जीत का जूनियर ग्रैंड स्लैम जीतने वाले पहले भारतीय थे।
उनके बेटे रमेश कृष्णन ने 1970 जूनियर विंबलडन और जूनियर फ्रेंच ओपन खिताब जीता था। लिएंडर पेस ने 1990 जूनियर विंबलडन और जूनियर यूएस ओपन जीता था। पेस जूनियर ऑस्ट्रेलियाई ओपन में भी उपविजेता रहे थे।