{"_id":"5b546be04f1c1b27618b636b","slug":"lakshya-sen-won-gold-medal-in-asian-junior-championships-2018","type":"story","status":"publish","title_hn":"एशिया जूनियर चैंपियनशिप 2018: लक्ष्य सेन ने रचा इतिहास, 53 साल बाद मेंस सिंगल में जीता गोल्ड","category":{"title":"Tennis","title_hn":"टेनिस","slug":"tennis"}}
एशिया जूनियर चैंपियनशिप 2018: लक्ष्य सेन ने रचा इतिहास, 53 साल बाद मेंस सिंगल में जीता गोल्ड
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 22 Jul 2018 05:07 PM IST
विज्ञापन
lakshya sen
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत के उभरते बैडमिंटन टैलेंट लक्ष्य सेन ने जकार्ता में हो रही एशिया जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप (2018) में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। 16 वर्षीय लक्ष्य ने दुनिया के नंबर-1 थाईलैंड के कुनलावुत वितिसरन को सीधे सेटों में 21-19, 21-18 से हराकर यह कीर्तिमान स्थापित किया है।
विज्ञापन
लक्ष्य सेन की करियर में यह अब तक की सबसे बड़ी जीता है। बता दें कि इस टूर्नामेंट की मेंस कैटेगरी में 53 साल बाद किसी भारतीय ने यह उपलब्धि हासिल की है। इसी के साथ लक्ष्य पूर्व चैंपियन गौतम ठक्कर और पीवी सिंधू के साथ स्पेशल क्लब में शामिल हो गए हैं। लक्ष्य से पहले व्यक्तिगत वर्ग में सिर्फ गौतम ठक्कर और पीवी सिंधू ही गोल्ड मेडल जीतने में कामयाब हुए थे।
विज्ञापन
पीवी सिंधू ने जहां 2012 में गोल्ड जीता था, वहीं गौतम ठक्कर 1965 में ऐसा करने में कामयाब हुए थे। अपनी इस उपलब्धि के बाद लक्ष्य ने बताया कि अपने प्रतिद्वंद्वियों से टूर्नामेंट में उन्हें कड़ी चुनौती मिली। लक्ष्य ने क्वार्टर फाइनल में चीन के नंबर दो वरीयता प्राप्त खिलाड़ी ली शिफेंग को 21-14, 21-12 से हराया था। वहीं सेमीफाइनल में इक्शान लियोनार्डो इमानुल रुम्बे को 21-7, 21-14 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
विज्ञापन