लगातार 17 जीत के बाद पहली बार इस साल हारे वर्ल्ड नंबर वन फेडरर, डेल पोत्रो चखाया हार का स्वाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अर्जेंटीना के टेनिस खिलाड़ी जुआन मार्टिन डेल पोत्रो ने स्विट्जरलैंड के दिग्गज रोजर फेडरर को हराकर उनका छठी बार इंडियन वेल्स मास्टर्स खिताब जीतने का सपना तोड़ दिया है। अधिकतर समय चोटों से परेशान रहने वाले डेल पोत्रो ने पुरुषों की एकल स्पर्धा के खिताबी मुकाबले में विश्व के नंबर एक खिलाड़ी फेडरर को तीन सेट तक चले मुकाबले में 6-4, 6-7 (8/10), 7-6 (7/2) से पराजित किया।
फेडरर की इस वर्ष लगातार 17 जीत के बाद पहली हार है। खिताबी जीत के बाद पोत्रो की रैंकिंग में भी इजाफा होगा। इस समय विश्व में उनकी रैंकिंग छठी है। उनकी 2014 के बाद पहली बार शीर्ष-10 खिलाड़ियों में वापसी हुई है।
वर्ष 2016 में बायीं कलाई की सर्जरी के बाद वह कई महीनों तक कोर्ट से दूर रहे थे। पोत्रो और फेडरर के बीच यह 25वीं भिड़ंत थी जिसमें पोत्रो सातवीं बार जीतने में सफल रहे। 29 साल के डेल पोत्रो का कहना है कि वह इस समय रैंकिंग के बारे में नहीं सोच रहे हैं। उनका कहना है कि वह अपने आप को फिट रखकर अधिक से अधिक समय तक खेलना चाहते हैं।
खिताब जीतने यकीन नहीं हो रहा
‘मुझे यकीन नहीं हो रहा कि मैंने यह टूर्नामेंट जीत लिया है। एक शानदार फाइनल में रोजर को हराना बेहतरीन था। सबकों पता है कि तीसरी बार जब बायीं कलाई की सर्जरी हुई उससे पहले मैं टेनिस छोड़ने के बहुत करीब था। मैंने वापसी के लिए बहुत मेहनत की।’- जुआन मार्टिन डेल पोत्रो
क्या गेम था
1000 एटीपी अंक मिले पोत्रो क
जुआन मार्टिन डेल पोत्रो को इस खिताबी जीत से 1000 एटीपी रैंकिंग अंक हासिल हुए। जबकि फेडरर ने 600 एटीपी रैंकिंग अंक अर्जित किए। पोत्रो ने इस वर्ष अपनी जीत की संख्या 11 पहुंचा दी है।