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Tokyo Olympics: महिला युगल में अब तक दूसरे दौर से आगे नहीं बढ़ी है भारतीय जोड़ी, सानिया-अंकिता से सर्वश्रेष्ठ की आस
Fri, 16 Jul 2021 11:33 AM IST
Rajeev Rai
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rajeev Rai
Updated Fri, 16 Jul 2021 11:33 AM IST
सार
- टेनिस में यह जोड़ी एकमात्र चुनौती होगी टोक्यो में
- महिला युगल में अब तक दूसरे दौर से आगे नहीं बढ़ सकी है भारतीय जोड़ी
- 1996 में लिएंडर पेस ने सिंगल्स में कांस्य पदक जीता
- 2004 में लिएंडर और महेश भूपति से कांस्य पदक की बेहद कड़ी लड़ाई में हारे
- 2008 में इन दोनों की जोड़ी क्वार्टर फाइनल तक पहुंची
- 2016 में सानिया और रोहन बोपन्ना को कांस्य की लड़ाई में हार का सामना करना पड़ा
- 2015 में विश्व नंबर एक डबल्स खिलाड़ी रह चुकी हैं सानिया
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अंकिता रैना और सानिया मिर्जा
- फोटो : social media
विस्तार
लिएंडर पेस की ओर से 1996 के अटलांटा ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद हर ओलंपिक में भारतीय डबल्स टेनिस खिलाड़ी पदक जीतने के दावेदार बनकर गए हैं, लेकिन इस बार टोक्यो में ऐसा नहीं है। पुरुष डबल्स में रोहन बोपन्ना और दिविज शरण की जोड़ी ओलंपिक केलिए क्वालिफाई ही नहीं कर पाई। वहीं सानिया मिर्जा को अपनी पुरानी सुरक्षित नौवीं विश्व रैंकिंग के चलते ओलंपिक खेलने का मौका मिल गया है। सानिया 191वीं विश्व रैंकिंग की अंकिता रैना के साथ टोक्यो में भारतीय चुनौती पेश करेंगी।
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मां बनने के बाद पहला ओलंपिक खेलेंगी सानिया
ओलंपिक में महिला डबल्स में भारतीय टेनिस का इतिहास अच्छा नहीं रहा है। सिर्फ बीजिंग ओलंपिक में ही सानिया मिर्जा और सुनीता राव की जोड़ी दूसरे दौर में पहुंच सकी है। लंदन ओलंपिक में रश्मि चक्रवर्ती और रियो ओलंपिक में प्रार्थना के साथ सानिया पहले दौर से आगे नहीं बढ़ पाईं। इससे पहले मनीषा मल्होत्रा और निरूपमा वैद्यनाथन की जोड़ी सिडनी ओलंपिक के पहले दौर में बाहर हुई थी। इस बार देखने वाली बात यह होगी कि सानिया और अंकिता की जोड़ी कितना सफर तय करती है। सानिया का यह चौथा ओलंपिक है। रियो में वह मिश्रित युगल में रोहन बोपन्ना के साथ कांस्य पदक की लड़ाई हार चुकी हैं। यह ओलंपिक उनके लिए बेहद खास है। मां बनने के बाद वह पहली बार ओलंपिक में उतरने जा रही हैं।
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सानिया ने तालमेल के लिए अंकिता को घर बुलाया था
अच्छा रैंकिंग नहीं होने के चलते सानिया और अंकिता को शुरूआती दौर में ही कड़े प्रतिद्वंद्वियों से सामना करना पड़ सकता है। फिर सानिया भी लंबे समय बाद विंबलडन में खेलने उतरीं है। कभी विश्व नंबर एक रहीं सानिया की वर्तमान डबल्स रैंकिंग 135 है। ओलंपिक के लिए अंकिता के साथ तालमेल बिठाने के लिए सानिया ने उन्हें अपने घर पर साथ भी रखा। सानिया अपने अनुभव के भरोसे महिला डबल्स में इस ओलंपिक में अपना सर्वश्रेष्ठ करना चाहेंगी।
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