एश्ले बार्टी: कभी खेलती थीं क्रिकेट, अब बनीं दुनिया की नंबर एक टेनिस खिलाड़ी
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ऑस्ट्रेलिया की एश्ले बार्टी सोमवार को टेनिस की नई क्वीन बन गईं। जूलिया गार्जेस को 6-3, 7-5 से हराकर रविवार को बर्मिंघम में नेचर वैली क्लासिक टूर्नामेंट का खिताब जीतने वाली फ्रेंच ओपन चैंपियन बार्टी जापान की नाओमी ओसाका को पछाड़कर दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनी। क्रिकेटर से टेनिस खिलाड़ी बनीं बार्टी ने पिछले महीने ही रोलां गैरां के रूप में अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीता था।
43 साल बाद बार्टी
बार्टी रैंकिंग में शीर्ष पर पहुुंचने वाली दूसरी ऑस्ट्रेलियाई महिला हैं। उनसे 43 साल पहले (1976 में) यावोनी गुलागोंग यह उपलब्धि हासिल करने वालीं पहली ऑस्ट्रेलियाई महिला खिलाड़ी बनी थीं।
पांच साल पहले टेनिस छोड़ बन गई थी क्रिकेटर
टेनिस से बेहद प्यार करने वाली बार्टी ने पांच साल पहले 2014 में यूएस ओपन के पहले ही दौर में बाहर होने के बाद इस खेल से ब्रेक लेने का एलान कर 2015 में बल्ला थाम लिया था। उन्होंने टेनिस खेलना तो दूर इसे देखना और इसके बारे में बात करना भी बंद कर दिया था। उस दौरान उनकी एकल रैंकिंग 216 और युगल 40 थी। उन्होंने 2015 में ऑलराउंउर के रूप में महिला बिग बैश में ब्रिसबेन हीट के लिए नौ और क्वींसलैंड वूमेन के लिए एक मैच खेला। इसके बाद 2016 में पेशेवर टेनिस में वापसी की। 1996 में क्वींसलैंड में जन्मी बार्टी 15 साल में 2011 में जूनियर विंबलडन चैंपियन बनीं।