French Open: कोरोना के डर से इस साल फ्रेंच ओपन नहीं खेलेंगी गत चैंपियन एश्ले बार्टी
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दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी व गत चैंपियन एश्ले बार्टी कोरोना महामारी के डर से इस साल फ्रेंच ओपन में हिस्सा नहीं लेंगी। उन्होंने खुद मंगलवार को इस बात की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए कठिन फैसला है, लेकिन परिवार और टीम पहले है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए बार्टी ने कहा, 'पिछले साल का फ्रेंच ओपन मेरे करियर का सबसे खास टूर्नामेंट था इसलिए यह फैसला कोई ऐसा-वैसा नहीं था, जिसे मैंने इतने हल्के में लिया है।'
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उन्होंने लिखा, 'यह फैसला लेना कठिन था लेकिन दुर्भाग्य से मैं इस साल यूरोप में प्रतिस्पर्धा नहीं करूंगी। पिछले साल का फ्रेंच ओपन मेरे करियर का सबसे खास टूर्नामेंट था इसलिए यह कोई ऐसा-वैसा फैसला नहीं था, जिसे मैंने इतने हल्के में लिया है।'
उन्होंने आगे लिखा, 'मेरे फैसले के दो कारण हैं। पहला स्वास्थ्य जोखिम है, जो अभी भी कोरोना के साथ मौजूद है और दूसरी मेरी तैयारी है, जो बगैर कोच के ट्रेनिंग बिना अच्छी नहीं है। इसकी वजह है ऑस्ट्रेलिया में राज्य की सीमा बंद होना।'
बार्टी ने कहा, 'मैं खिलाड़ियों और फ्रेंच फेडरेशन को सफल टूर्नामेंट के लिए शुभकामनाएं देती हूं। मैं अब ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टूर्नामेटं के लिए तत्पर हूं। यह सभी के लिए एक चुनौतीपूर्ण साल रहा है और हालांकि मैं एक टेनिस खिलाड़ी होने के नाते निराश जरूर हूं, लेकिन मेरा परिवार और मेरी टीम का स्वास्थ्य और कल्याण हमेशा मेरी प्राथमिकता होगी। मैं अपने प्रशंसकों को धन्यवाद देना चाहती हूं, जिन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया।'
फ्रेंच ओपन की शुरुआत 27 सितंबर से होगी
बता दें कि फ्रांस में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बावजूद इस महीने फ्रेंच ओपन की शुरुआत 27 सितंबर से होगी। फ्रेंच ओपन में दर्शकों को प्रवेश की अनुमति रहेगी। दरअसल, यह टूर्नामेंट मई के महीने में खेला जाता है लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। हालांकि, कोरोना का प्रकोप अभी भी थमा नहीं है। यही वजह है कि खिलाड़ी टूर्नामेंट से अपना नाम वापस ले रहे हैं। इससे पहले भी कई शीर्ष खिलाड़ी कोरोना के डर से यूएस ओपन से अपना नाम वापस ले लिए थे। बता दें कि फ्रांस में कोरोना वायरस के कारण 30 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।