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सानिया के बाद पेस भी हारे, विंबलडन में भारतीय चुनौती खत्म
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 08 Jul 2016 05:21 PM IST
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सानिया मिर्जा और मार्टिना हिंगिस
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रियो ओलंपिक से पहले खेले जा रहे विंबलडन में भारतीय खिलाड़ियों के अभियान को जोर का झटका लगा है। लिएंडर पेस और सानिया मिर्जा की हार के साथ ही भारत की चुनौती खत्म हो गई है।
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विंबलडन 2016 में मिश्रित युगल में पिछली बार की चैंपियन जोड़ी भारत के लिएंडर पेस और स्विट्जरलैंड की मार्टिना हिंगिस तीसरे ही दौर में हारकर बाहर हो गई।
टूर्नामेंट में 16वीं वरीयता प्राप्त पेस और हिंगिस को गैर सीडेड जोड़ी फिनलैंड के हेनरी कोंटीनेन और ब्रिटेन की हीदर वाटसन के हाथों 3-6, 6-3, 6-2 से हार का सामना करना पड़ा। पेस पुरुष युगल वर्ग के दूसरे ही दौर में हारकर बाहर हो गए थे।
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पेस और पोलैंड के उनके जोड़ीदार मार्सिन मतकोवस्की की जोड़ी ऑस्ट्रेलिया के जॉन पियर्स और फिनलैंड के हेनरी कोंटीनन की जोड़ी से सीधे सेटों में 6-3, 6-2 से हार गई थी। इसके बाद यही पियर्स और कोंटीनन की जोड़ी ने ही अगले दौर में भारत के रोहन बोपन्ना और उनके रोमानिया के फ्लोरीन मर्जिया की जोड़ी को बाहर का रास्ता दिखाया था।
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इस साल विंबलडन में रोहन बोपन्ना और सानिया मिर्जा की हार के बाद पेस ही भारत की ओर से आखिरी चुनौती थे लेकिन मिश्रित युगल में हार के साथ ही टूर्नामेंट में भारत की चुनौती भी खत्म हो गई।
सानिया के लिए भी इस साल विंबलडन में अच्छा नहीं रहा सफर
इससे पहले बृहस्पतिवार को ही महिला युगल वर्ग में गत चैंपियन भारत की सानिया मिर्जा और मार्टिना हिंगिस को क्वार्टर फाइनल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था। शीर्ष वरीयता प्राप्त सानिया और हिंगिस की जोड़ी को ताइमा बाबोस और यारोस्लावा शवेडोवा ने 68 मिनट तक चले मुकाबले में 6-2, 6-4 से हरा दिया।
सानिया के लिए भी इस साल विंबलडन में सफर अच्छा नहीं रहा। इससे पहले मिश्रित युगल में सानिया और क्रोएशियाई साझेदार इवान डोडिग को दूसरे दौर में ही हार का सामना करना पड़ा था।
भारतीय खिलाड़ियों का यहां से खिताब के साथ रियो जाने का ख्वाब अधूरा रह गया, लेकिन इन खिलाड़ियों के पास अब एक महीने का समय रह गया है और अपने-अपने भारतीय जोड़ी के साथ तैयारी में जुट सकते हैं।
सानिया के लिए भी इस साल विंबलडन में सफर अच्छा नहीं रहा। इससे पहले मिश्रित युगल में सानिया और क्रोएशियाई साझेदार इवान डोडिग को दूसरे दौर में ही हार का सामना करना पड़ा था।
भारतीय खिलाड़ियों का यहां से खिताब के साथ रियो जाने का ख्वाब अधूरा रह गया, लेकिन इन खिलाड़ियों के पास अब एक महीने का समय रह गया है और अपने-अपने भारतीय जोड़ी के साथ तैयारी में जुट सकते हैं।