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स्वर्ण पदक बना सहारा, मिले पैसों से कर्ज चुकाएगी यह गोल्डन गर्ल

Tue, 14 Oct 2014 03:43 PM IST
हेमंत रस्तोगी/अमर उजाला, दिल्ली
हेमंत रस्तोगी/अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 14 Oct 2014 03:43 PM IST
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seema to pay loan by winning money in asiad.
पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक और अब एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक डिस्कस थ्रोअर सीमा अंतिल पूनिया पर बरसे दुखों के पहाड़ से उन्हें सूद समेत उबारने जा रहा है।
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इन दोनों पदकों को हासिल करने के पीछे सीमा और उनके पति अंकुश पूनिया के त्याग की कहानी छुपी है। खेल मंत्रालय से 20 लाख रुपए का कैश अवॉर्ड हासिल करने से पूर्व सीमा के मुंह से यही निकला चलो अब इस रुपए से कर्ज चुकाऊंगी।
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सच्चाई यह है कि सीमा ने इन दोनों खेलों की तैयारियों के लिए तकरीबन 20 लाख रुपए की राशि बैंकों और महाजनों से ब्याज पर उठाई थी। आज तक उन पर यह कर्ज चढ़ा हुआ है।
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एथलीट सीमा खुलासा करती हैं कि 2011 में जब उन्हें एनआईएस पटियाला में चल रहे कैंप में नहीं रखा गया तो वह टांडा (मेरठ) स्थित अपनी ससुराल आ गईं। राष्ट्रीय स्तर के डिस्कस थ्रोअर पति अंकुश ने उन्हें इसी गांव में अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कराईं।

लड़ने के बाद तो मिली सब इंस्पेक्टर की नौकरी

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उन्होंने बताया कि अच्छे स्तर के फूड सप्लीमेंट के लिए काफी पैसा चाहिए था जो उनके पास नहीं था। तब उन्होंने बैंकों और महाजनों से सूद पर अंगूठा लगाकर लोन लिया। उस वक्त गांव वालों ने बोला भी कि यह कैसा खेल है कि जिसमें कर्ज भी लेना पड़ता है।

सीमा का कद छह फुट के आसपास है। इसी दौरान उन्होंने किस्तों पर एक आल्टो कार ली। उनके पैर कार में फिट नहीं बैठते हैं, लेकिन आज भी यही कार उनका सहारा है। यूपी की बहू बनने के बाद सीमा हरियाणा सरकार पर काफी गुस्सा हैं।

दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले हरियाणा की पुलिस भर्ती में उन्हें नहीं रखा गया। उन्होंने केस किया तब जाकर उन्हें सब इंस्पेक्टर पर भर्ती दी गई। इसके बाद उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीता। तब उन्होंने सरकार से डीएसपी पद देने की गुहार लगाई। उन्हें इंस्पेक्टर पद देने को कहा गया।

सीमा ने कहा, "मैं यह पद तो केस करके भी ले सकती हूं। 2014 के कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत जीतने के बाद जब उन्होंने सरकार से डीएसपी पद देने की मांग की तब भी उन्हें इंस्पेक्टर पद देने को कहा गया।" सीमा कहती हैं कि ज्यादातर पदक विजेताओं को डीएसपी पद दिया गया, लेकिन वह अब तक सब इंस्पेक्टर ही हैं।
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