{"_id":"67da473d4b690bdd750ee431","slug":"ruckus-in-boxing-federation-secretary-treasurer-suspended-action-on-financial-irregularities-before-election-2025-03-19","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"BFI: मुक्केबाजी महासंघ में घमासान, सचिव-कोषाध्यक्ष निलंबित; चुनाव से पहले वित्तीय अनियमितताओं पर भी कार्रवाई","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल","slug":"sports"}}
BFI: मुक्केबाजी महासंघ में घमासान, सचिव-कोषाध्यक्ष निलंबित; चुनाव से पहले वित्तीय अनियमितताओं पर भी कार्रवाई
Wed, 19 Mar 2025 09:55 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Wed, 19 Mar 2025 09:55 AM IST
सार
खेल संहिता के अनुसार अध्यक्ष चार साल के तीन लगातार कार्यकाल पूरे कर सकता है, जबकि महासचिव और कोषाध्यक्ष चार-चार वर्ष के दो कार्यकाल पूरे करने के बाद चार वर्ष के कूलिंग ऑफ पीरियड पर जाएंगे।
विज्ञापन
मुक्केबाजी (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
विस्तार
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) में चुनाव से पहले घमासान चरम पर पहुंच गया है। बीएफआई ने मंगलवार को महासचिव हेमंत कलिता और कोषाध्यक्ष दिग्विजय सिंह को वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में निलंबित कर दिया। साथ ही 28 मार्च को होने वाले चुनाव के लिए कलिता के अध्यक्ष पद पर नामांकन को भी रद्द कर दिया। बीएफआई ने दोनों का निलंबन दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जज सुधीर कुमार जैन की जांच रिपोर्ट के आधार पर किया है। जैन को बीएफआई ने ही महासंघ में वित्तीय अनियमितताओं की जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अध्यक्ष पद पर अब त्रिकोणीय मुकाबला
कलिता का नामांकन रद्द होने से अध्यक्ष पद पर मुकाबला अजय सिंह, राजेश भंडारी और डी चंद्रलाल के बीच रह गया है। खेल संहिता के अनुसार अध्यक्ष चार साल के तीन लगातार कार्यकाल पूरे कर सकता है, जबकि महासचिव और कोषाध्यक्ष चार-चार वर्ष के दो कार्यकाल पूरे करने के बाद चार वर्ष के कूलिंग ऑफ पीरियड पर जाएंगे। इसके बाद वे चार साल के एक कार्यकाल के लिए फिर से चुनाव लड़ने के योग्य होंगे। कर्नाटक के एन सतीश का नामांकन भी महासचिव पद पर रद्द किया गया है।
IPL 2025: बदल सकता है केकेआर-लखनऊ मैच का कार्यक्रम, जानें वजह; छह अप्रैल को कोलकाता में होना था मुकाबला
कलिता का नामांकन रद्द होने से अध्यक्ष पद पर मुकाबला अजय सिंह, राजेश भंडारी और डी चंद्रलाल के बीच रह गया है। खेल संहिता के अनुसार अध्यक्ष चार साल के तीन लगातार कार्यकाल पूरे कर सकता है, जबकि महासचिव और कोषाध्यक्ष चार-चार वर्ष के दो कार्यकाल पूरे करने के बाद चार वर्ष के कूलिंग ऑफ पीरियड पर जाएंगे। इसके बाद वे चार साल के एक कार्यकाल के लिए फिर से चुनाव लड़ने के योग्य होंगे। कर्नाटक के एन सतीश का नामांकन भी महासचिव पद पर रद्द किया गया है।
IPL 2025: बदल सकता है केकेआर-लखनऊ मैच का कार्यक्रम, जानें वजह; छह अप्रैल को कोलकाता में होना था मुकाबला
जांच रिपोर्ट खेल मंत्रालय को भेजी
बीएफआई के अध्यक्ष अजय सिंह की ओर से जारी पत्र में कहा गया, जस्टिस जैन ने अपनी जांच में दोनों पदाधिकारियों को वित्तीय अनियमितताओं और कुप्रबंधन का दोषी पाया है। महासंघ में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दोनों को उनके पदों से निलंबित किया जाता है। जस्टिस जैन की जांच रिपोर्ट खेल मंत्रालय को भी भेजी गई है। कलिता का नामांकन खेल संहिता के उल्लंघन पर रद्द किया गया है। जिसमें कहा गया है कि उनके बीएफआई में दो कार्यकाल पूरे हो गए हैं। उन्हें कूलिंग ऑफ पीरियड पर जाना जरूरी है।
बीएफआई के अध्यक्ष अजय सिंह की ओर से जारी पत्र में कहा गया, जस्टिस जैन ने अपनी जांच में दोनों पदाधिकारियों को वित्तीय अनियमितताओं और कुप्रबंधन का दोषी पाया है। महासंघ में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दोनों को उनके पदों से निलंबित किया जाता है। जस्टिस जैन की जांच रिपोर्ट खेल मंत्रालय को भी भेजी गई है। कलिता का नामांकन खेल संहिता के उल्लंघन पर रद्द किया गया है। जिसमें कहा गया है कि उनके बीएफआई में दो कार्यकाल पूरे हो गए हैं। उन्हें कूलिंग ऑफ पीरियड पर जाना जरूरी है।