दुनिया देखेगी योग का जलवा, रियो ओलंपिक में होगी अनोखी प्रस्तुति
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भारत सरकार ने योग का परचम दुनिया भर में लहराने के लिए पांच अगस्त से होने जा रहे रियो ओलंपिक के मंच को चुना है। ऐसा नहीं है कि योग को ओलंपिक खेलों में शामिल करा दिया गया है लेकिन सरकार ने रियो ओलंपिक के उद्घाटन या फिर समापन समारोह में योग और कबड्डी पर अनोखी प्रस्तुति देने को कमर जरूर कस ली है।
इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (आईओसी) और रियो ओलंपिक आर्गेनाइजिंग कमेटी ने अगर भारत सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया तो खेलों के महाकुंभ की शुरुआत या अंत में दुनिया योग का जलवा देखेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एजेंडे में योग शुरू से ही है। बीते वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित कराना मोदी सरकार की विजय माना जा रहा है। अब योग की अंतरराष्ट्रीय पहचान को और पुख्ता करने के लिए सरकार को रियो ओलंपिक से बेहतर कोई दूसरा मंच नहीं लग रहा।
ओलंपिक में योग पर प्रस्तुति दिलवाने की जिम्मेदारी सरकार ने इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) को सौंपी है। खेल मंत्रालय ने आईओए से कहा है कि सरकार योग और कबड्डी पर चार से पांच मिनट की अनोखी प्रस्तुति चाहती है।
सरकार के इस प्रस्ताव पर आईओए, आईओसी और ओलंपिक आर्गेनाइजिंग कमेटी से बात करे। मंत्रालय ने आईओए को इस संबंध में आईओसी के डायरेक्टर जनरल क्रिस्टोफर डि कैपर से बात करने का निर्देश दिया है।
दरअसल सरकार सीधे तौर पर आईओसी से बात नहीं कर सकती है, इसलिए यह जिम्मेदारी आईओए को सौंपी गई है। यही नहीं ब्राजील स्थित भारतीय दूतावास भी आर्गेनाइजिंग कमेटी और ब्राजील सरकार से इस संबंध में बात कर रहा है।
अब तक के संकेत सकारात्मक
आईओए के सेक्रेटरी जनरल राजीव मेहता ने बताया कि उन्हें सरकार का प्रस्ताव मिला है। अगर योग और कबड्डी की प्रस्तुति को रियो ओलंपिक के उद्घाटन या समापन समारोह में शामिल किया जाता है तो यह देश के लिए गौरव की बात होगी।
उन्होंने इस प्रस्ताव को आईओसी के पास भेज दिया है। हालांकि आईओसी ने अब तक लिखित में इस पर कोई जवाब नहीं दिया है, लेकिन मौखिक बातचीत में सकारात्मक संकेत मिले हैं।