रणजी चयन के लिए पास करना होगा 'यो-यो टेस्ट', बीसीसीआई ने जारी की गाइड लाइन
- 21 अक्तूबर से कमला क्लब में लगेगा रणजी कैंप
- बीसीसीआई की आई गाइड लाइन, परीक्षक नियुक्त
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अब रणजी ट्रॉफी के चयन को आए खिलाड़ियों को ‘यो-यो बीप टेस्ट’ देना होगा। अभी तक यह टेस्ट सिर्फ भारतीय टीम के खिलाड़ी ही देते थे। बीसीसीआई की इस संबंध में गाइड लाइन जारी हो चुकी है। 21-22 अक्तूबर को कानपुर के कमला क्लब में रणजी ट्रॉफी कासेलेक्शन कैंप लगेगा। यहां आने वाले हर खिलाड़ी को यो-यो टेस्ट देना होगा। रणजी ट्रॉफी टीम के ट्रेनर प्रदीप गौड़ा खिलाड़ियों का टेस्ट लेंगे।
यह पहली बार है जब अंडर 23 के खिलाड़ी यो-यो टेस्ट देंगे। मीडिया प्रभारी तालिब ने बताया कि उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ की ओर से 21 को रणजी का ट्रायल कराया जाएगा। 22 को अंडर 23 के ट्रायल कैंप लगेगा।
यह होता है यो-यो बीप टेस्ट
फुटबॉल, रग्बी और क्रिकेट में यो-यो बीप टेस्ट किसी खिलाड़ी में दमखम का परीक्षण करने के लिए अहम माना जाता है। इस कारण दुनिया भर की टीमों ने इसे अनिवार्य कर दिया है। इस टेस्ट में कई कोन्स की मदद से 20 मीटर की दूरी पर बनी दो रेखाओं के बीच लगातार दौड़ना होता है।
बीप के बजने पर मुड़ना होता है। तय समय में खिलाड़ी को मुड़ने के साथ तेजी पकड़नी होती है। जो खिलाड़ी मानकों के अनुसार गति नहीं पकड़ पाता है उसे अनफिट करार दिया जाता है। पूरी प्रक्रिया साफ्टवेयर पर आधारित होती है जिसके नतीजे रिकार्ड किए जाते हैं। भारतीय टीम में पहले भी यह टेस्ट होता था पर स्कोर नहीं देखे जाते थे।