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अखिल की साली ने जीता राष्ट्रीय मुक्केबाजी में स्वर्ण
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Fri, 30 Nov 2012 12:41 AM IST
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प्रीति बेनीवाल ने गुवाहाटी में सम्पन्न 13वीं राष्ट्रीय महिला मुक्केबाजी चैम्पियनिशप के 60 किलोग्राम वजन वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। रोमांचक फाइनल मुकाबले में हिसार की प्रीति ने उत्तराखंड की मोनिका को 18-15 से शिकस्त दी। इससे पहले अन्य मुकाबलों में प्रीति ने मिजोरम, रेलवे और पंजाब की मुक्केबाजों को हरा फाइनल में प्रवेश किया था।
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खास बात यह है कि प्रीति ऐसे परिवार से है जहां हर कोई मुक्केबाजी से जुड़ा है। प्रीति के पिता जहां मुक्केबाजी कोच हैं वहीं जीजा अखिल ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल तक का सफर पूरा कर चुके हैं। इतना ही नहीं प्रीति की बहन पूनम एनआईएस पटियाला में मुक्केबाजी की इंस्ट्रक्टर हैं।
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आपकी सफलता में आपके परिवार के लोगों का कितना हाथ है, पूछने पर प्रीति ने गुवाहाटी से फोन पर बताया कि वाकई परिवार का सपोर्ट न मिलता तो मैं सफल नहीं हो पाती। मैं 2009 में राष्ट्रीय चैंपियन रही थी। इसके अलावा कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भी हिस्सा ले चुकी हूं। इसके लिए मैं सबसे ज्यादा अपने पिता और फिर अखिल जीजाजी का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं।
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अखिल से तो मैं हर मुकाबले से पहले फोन पर बात करती थी। जब कोई टैक्निकल चीजें पूछने होती थीं तो अपनी बहन से फोन पर बात करती थी। तीनों ने ही मुझे बहुत सपोर्ट किया है। प्रीति हमेशा पढ़ाई में भी अव्वल रही हैं। 10वीं क्लास हो, 12वीं हो या फिर ग्रेजुएशन हर क्लास में 70 से 80 प्रतिशत अंकों से पास हुई हैं।
पढ़ाई में इतना अच्छा होने के बाद भी आपने मुक्केबाजी को क्यों चुना, पूछने पर प्रीति ने कहा, ‘पिताजी बचपन से ही स्टेडियम जाया करते थे कोचिंग कराने के लिए। उनके साथ हम भी चले जाते थे। वहीं देखते-देखते दोनों बहनों को मुक्केबाजी का शौक पड़ गया और फिर इसे ही कैरियर बना लिया।