विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में पंघाल को दूसरी वरीयता, चार भारतीय खिलाड़ियों को पहले दौर में मिला बाई
शानदार फार्म में चल रहे भारतीय मुक्केबाज अमित पंघाल (52 किग्रा) को सोमवार से शुरू हो रही पुरूषों की विश्व चैम्पियनशिप में दूसरी वरीयता से तीन अन्य भारतीय मुक्केबाजों के साथ प्री-क्वार्टरफाइनल में बाई मिला है।
रविवार को जारी हुए ड्रा में पंघाल के अलावा कविंदर बिष्ट (57 किग्रा और पांचवीं वरीयता), आशीष कुमार (75 किग्रा और सातवीं वरीयता प्राप्त) और दो बार के इंडिया ओपन विजेता संजीत (91 किग्रा) को अंतिम-16 में बाई मिला। इनमें से आशीष और संजीत पहली बार इस टूर्नामेंट में भाग ले रहे है जबकि पंघाल और बिष्ट हैम्बर्ग में हुए पिछले विश्व कप में क्वार्टर फाइनल में पहुंचे थे।
बृजेश यादव (81 किलो) के साथ भारत मंगलवार को अपने अभियान की शुरुआत करेगा। वह पहले दौर में पोलैंड के मालेउस गान्स्की से भिड़ेंगे।
ओलंपिक कोटा दाव पर नहीं होने के बावजूद भारतीय मुक्केबाज विश्व चैम्पियनशिप में अपना पुराना प्रदर्शन बेहतर करने के इरादे से उतरेंगे। सोमवार से शुरू हो रही पुरूषों की विश्व चैम्पियनशिप में उतरने पर भारतीय टीम का इरादा पिछले 20 सत्र में महज चार पदक जीतने के अपने रिकार्ड को बेहतर करने का होगा।
इस टूर्नामेंट में भारत के लिए अभी तक सिर्फ विजेंदर सिंह (2009), विकास कृष्णन (2011), शिवा थापा (2015) और गौरव बिधूड़ी (2017) ही विश्व चैम्पियनशिप में पदक जीत पाए हैं। इन सभी को कांस्य पदक मिले हैं और इस बार भारत की नजरें पदक का रंग बेहतर करने पर भी होगी।
87 देशों के 450 मुक्केबाज हिस्सा लेंगे
यह टूर्नामेंट ओलंपिक क्वालीफायर होना था जिसमें पारंपरिक दस भारवर्ग की बजाय संशोधित आठ (52 किलो, 57, 63, 69, 74, 81, 91 और प्लस 91 किलो) भारवर्ग रखे गए हैं। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (एआईबीए) में लंबे समय से चली आ रही प्रशासनिक अनियमितताओं के कारण इससे ओलंपिक क्वालीफायर का दर्जा छीन लिया। इसके बावजूद इसमें 87 देशों के 450 मुक्केबाज हिस्सा लेंगे।
अमित पंघाल से उम्मीदें
भारत की उम्मीदें अमित पंघाल (52 किलो) पर टिकी होंगी जो एक साल से शानदार फार्म में है। अमित ने एशियाई चैम्पियनशिप और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता है। वे 2017 में विश्व चैम्पियनशिप पदक के करीब पहुंचे लेकिन क्वार्टर फाइनल में हार गए। उनके अलावा कविंदर बिष्ट (57 किलो) भी दावेदारों में है जो 2017 क्वार्टर फाइनल में लहुलूहान हो गए थे। इस साल एशियाई चैम्पियनशिप में उन्होंने विश्व चैम्पियन कैरात येरालियेव को हराया। सतीश कुमार (प्लस 91 किलो) के पास भी विश्व चैम्पियनशिप का अनुभव है। एशियाई खेलों के पूर्व कांस्य पदक विजेता की नजरें टूर्नामेंट में पहले पदक पर होगी।
पिछले साल राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता मनीष कौशिक (63 किलो) भी पदक के दावेदार होंगे। संजीत (91 किलो) और आशीष कुमार (75 किलो) से भी उम्मीदें होंगी।
भारतीय टीम
अमित पंघाल (52 किलो), कविंदर बिष्ट (57 किलो), मनीष कौशिक (63 किलो), दुर्योधन सिंह नेगी (69 किलो), आशीष कुमार (75 किलो), बृजेश यादव (81 किलो), संजीत (91 किलो) और संतीश कुमार (प्लस 91 किलो)