'टोक्यो ओलंपिक को रद्द या स्थानांतरित करने का कोई मामला नहीं'
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आईओसी (IOC) के समन्वय आयोग के प्रमुख ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति से कहा है कि कोरोनो वायरस के चलते टोक्यो 2020 ओलंपिक को रद्द करने या स्थानांतरित करने का कोई मामला नहीं है।
हालांकि, इस मामले में डब्ल्यूएचओ (WHO) के प्रवक्ता फडेला चैब ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने शुक्रवार को जेनेवा में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इस मामले में डब्ल्यूएचओ के टॉप आपात विशेषज्ञ डॉ माइक रयान द्वारा ब्रीफिंग की जाएगी। इसके लिए आप सबको थोड़ा इंतजार करना होगा।'
वहीं, इस मामले में आईओसी सदस्य जॉन कोट्स ने कहा, 'डब्ल्यूएचओ ने हमें जो निर्देश दिया है उसके मुताबिक हमने इन खेलों को रद्द करने या कहीं और स्थानांतरण करने की कोई आकस्मिक योजना नहीं बनाई हैं।'
चीन से इन खेलों के लिए आ रहे 600 से अधिक खिलाड़ियों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, 'हमें बड़े स्तर पर संचार (खिलाड़ियों से संपर्क) कार्य करने की जरूरत है। हमें पता चला है कि चीन के ज्यादातर खिलाड़ी दूसरे देशों में हैं। मुझे नहीं पता कि यहां परीक्षण प्रतियोगिताओं में उनके कितने खिलाड़ी आ रहे हैं। अगर वह चीन की जगह किसी अन्य देश से आ रहे हैं तो मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई परेशानी है।'
बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी थी कि कोरोना वायरस दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकता है। किसी भी आतंकी हमले से ज्यादा घातक साबित हो सकता है। इस वायरस को लेकर करीब 25 देशों ने इस बात की पुष्टि की है कि उनके यहां कोरोना वायरस के केस मिले हैं। कई देशों ने हुबेई से अपने नागरिकों को निकाला है।
कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित चीन है। पूरे चीन में कोरोना से प्रभावित लोगों की संख्या 60 हजार के पार जा चुकी है। चीन में कोरोना वायरस का कहर बढ़ता ही जा रहा है। अब तक इसने चीन में हजारों लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है और करीब 1355 से ज्यादा लोग मौत के मुंह में समा चुके हैं। चिंता की सबसे बड़ी बात ये है जानलेवा वायरस धीरे-धीरे विश्व के अन्य देशों में भी फैल रहा है।