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रियो जाने वाले खिलाड़ियों को लगवाना होगा बुखार का टीका
हेमंत रस्तोगी/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 26 May 2016 03:35 PM IST
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sania mirza
- फोटो : getty
रियो ओलंपिक में खेलने वाले सभी देशों में जीका को लेकर पहले ही हड़कंप मचा है। अब इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) ने येलो फीवर (पीले बुखार) को लेकर पूरे भारतीय दल को हिदायतें जारी कर दी हैं।
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आईओए ने सभी खेल संघों को बुलाकर फरमान जारी कर दिया है कि रियो में जाने के लिए येलो फीवर का टीकाकरण अनिवार्य होगा। इस बुखार का देश भर में टीकाकरण करने वाले सेंटरों की सूची भी आईओए ने सभी खेल संघों को जारी कर दी है। आईओए के इस फरमान के बाद खेल संघों ने रियो के लिए क्वालीफाई करने वाले अपने खिलाड़ियों को येलो फीवर का टीकाकरण कराने को कह दिया है।
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जीका को लेकर अब तक कोई वैक्सीन की खोज नहीं की जा सकी है, लेकिन इसके बचाव के लिए रियो में क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए की सूची इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (आईओसी) की ओर से जारी की चुकी है। देश के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से भी रियो में जाने वाले खिलाड़ियों को इस तरह की सूची दी जा रही है।
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ब्राजील में येलो फीवर के मामले भी पहले प्रकाश में आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के पास जीका की काट तो नहीं है, लेकिन येलो फीवर से निपटने के लिए टीकाकरण किया जा सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने आईओए को हिदायत दी कि रियो जाने वाले भारतीय दल का येलो फीवर के लिए टीकाकरण कराया जाए। इसके बाद ही आईओए ने सभी खेल संघों के साथ बैठक कर इस बारे में उन्हें जानकारी देते हुए सभी खिलाड़ियों और रियो जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए येलो फीवर का टीकाकरण अनिवार्य कर दिया।
रियो में भारतीय दल के चेफ डि मिशन राकेश गुप्ता का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्रालय से हिदायतें मिलने के बाद येलो फीवर का टीकाकरण अनिवार्य किया गया है। टीकाकरण के बाद आधिकारिक सेंटर की ओर सी प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा, जिसे वापसी पर एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य अधिकारियों को दिखाना होगा। प्रमाण पत्र नहीं दिखाने की स्थिति में खिलाड़ी या उस व्यक्ति को कुछ दिनों केलिए अस्पताल में दाखिल कराया जा सकता है। इन्हीं मुश्किलों से बचाने के लिए खिलाड़ियों को टीकाकरण के आदेश दिए गए हैं।