विज्ञापन
विज्ञापन

सफर ओलंपिक ‘मशाल’ का, जिसमें विश्व के खेलों का शोला धधकता है

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 09 Nov 2019 09:03 AM IST
ओलंपिक मशाल
ओलंपिक मशाल - फोटो : सोशल मीडिया
ख़बर सुनें
टोक्यो ओलंपिक 2020 के लिए मैदान सजने लगा है। दुनिया भर के खिलाड़ी इसमें भाग लेने के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं। टोक्यो ओलंपिक के लिए मशाल का डिजाइन लोगों के सामने पेश कर दिया गया है, चेरी ब्लासम के आकार का मशाल 26 मार्च 2020 से विश्व भ्रमण की अपनी यात्रा प्रारंभ करेगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पहली बार मशाल किस ओलंपिक में जलाया गया था। आइए ओलंपिक के इतिहास से जुड़ी कुछ बातें आपको बताते हैं।
विज्ञापन
विश्व में खेलों का इतिहास प्राचिन काल से ही रहा है। तब शासकों के सैनिकों के बीच कुश्ती, दौड़, मुक्केबाजी और रथ दौड़ जैसे प्रतिस्पर्धी खेल हुआ करते थे, लेकिन ओलंपिक जैसे आधुनिक खेल को शुरु करने का श्रेय फ्रांस के अभिजात पुरूष बैरों पियरे डी कुवर्तेन को जाता है।

इस ओलंपिक के पीछे उनकी सोच यह थी कि आपसी तकरार में उलझे देश शांति के साथ एक मंच पर आकर खेलों को बढ़ावा दें। इसलिए 19वीं शताब्दी में डी कुवर्तेन ने प्राचीन काल के खेलों की परंपरा को जिंदा कर एक मंच पर सजाने के शुरूआत की।
विज्ञापन
आगे पढ़ें

एम्सटर्डम में सबसे पहली बार एक ऊंची मीनार पर जली ओलंपिक मशाल

विज्ञापन

Recommended

सफलता क्लास ने सरकारी नौकरियों के लिए शुरू किया नया फाउंडेशन कोर्स
safalta

सफलता क्लास ने सरकारी नौकरियों के लिए शुरू किया नया फाउंडेशन कोर्स

इस काल भैरव जयंती पर कालभैरव मंदिर (दिल्ली) में पूजा और प्रसाद अर्पण से बनेगी बिगड़ी बात : 19-नवंबर-2019
Astrology Services

इस काल भैरव जयंती पर कालभैरव मंदिर (दिल्ली) में पूजा और प्रसाद अर्पण से बनेगी बिगड़ी बात : 19-नवंबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Local Sports

हिमाचल की टीम से नेशनल खो-खो खेलेगी नेपाली मजदूर की बेटी

प्रतिभा अमीरी या संपन्नता के आश्रय की मोहताज नहीं होती। एक नेपाली मजदूर की बेटी सरिता ने इसका उदाहरण पेश किया है।

18 नवंबर 2019

विज्ञापन

शीतकालीन सत्र में नागरिकता संशोधन बिल : क्या एनडीए से अलग होने वाली शिवसेना करेगी बिल का विरोध?

नागरिकता (संशोधन) बिल को जनवरी 2019 में लोकसभा में पास कर दिया गया था लेकिन राज्यसभा में यह पास नहीं हो सका था।

18 नवंबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election