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खेल मंत्रालय ने उठाया बड़ा कदम, तीरंदाजी संघ के संविधान के खिलाफ गई सुप्रीम कोर्ट
Mon, 28 Jan 2019 11:47 PM IST
संदीप भट्ट
हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला
हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला
Published by: संदीप भट्ट
Updated Mon, 28 Jan 2019 11:47 PM IST
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तीरंदाजी
- फोटो : फाइल फोटो
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खेल मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी की ओर से तैयार भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) के संविधान के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की शरण ले ली है। मंत्रालय ने तीरंदाजी संघ के नए संविधान में नौकरशाहों (मंत्री, सांसद, अफसरशाह और सरकारी नौकर) को बाहर किए जाने के खिलाफ आवेदन दाखिल करते हुए अदालत से निर्देश जारी करने की अपील की है।
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मंत्रालय ने आवेदन में कहा है कि संविधान सरकार के स्पोट्र्स कोड के खिलाफ है। इस मामले में मंत्रालय का अदालत की शरण लेना इस वजह से महत्वपूर्ण है क्यों कि खुद सुप्रीम कोर्ट ने 16 जुलाई 2018 को जस्टिस आरएम लोढ़ा की ओर से तैयार बीसीसीआई के संविधान को हरी झंडी दे रखी है। जिसमें नौकरशाहों को बोर्ड से बाहर किए जाने का रास्ता दिखाया गया है।
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सरकार का आवेदन बनेगा बड़ा मुद्दा
सरकार की ओर इस मामले में स्पोट्र्स कोड का हवाला देते हुए अदालत की शरण लेना का मामला बड़ा मुद्दा बनने जा रहा है। खास बात यह है कि बीसीसीआई का मामला अभी भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। अदालत के आदेश पर ही शरद पवार, अनुराग ठाकुर, फारूख अब्दुल्ला समेत कई बड़े नेता और अफसरशाह बोर्ड की सियासत से बाहर हो गए। अब खुद सरकार ने ही इस मामले में पहल कर डाली है।
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संविधान में संशोधन कर दोबारा चुनाव कराने की अपील
मंत्रालय ने आवेदन में कहा है कि संविधान में स्पोट्र्स कोड के अनुसार संशोधन कर दोबारा से एएआई के चुनाव कराने के निर्देश दिए जाएं। मंत्रालय ने इस बात पर भी विरोध जताया है कि एएआई के संविधान में राज्यों के साथ एसोसिएट सदस्यों को भी वोटिंग के अधिकार दिए गए हैं, जबकि स्पोट्र्स कोड में सिर्फ राज्यों को वोट का अधिकार है।
वर्ल्ड आर्चरी भी खुश नहीं
मंत्रालय ने आवेदन में कहा है कि नए संविधान से वर्ल्ड आर्चरी भी खुश नहीं है। उसकी ओर से दो दिसंबर 2018 के पत्र का हवाला देते हुए मंत्रालय ने लिखा है कि नए संविधान पर उसने भी नाखुशी जताई है। उसकी ओर से इसकी समीक्षा की जा रही है। वल्र्ड आर्चरी ने भारतीय तीरंदाजों को प्रतिबंधित करने की भी धमकी दी है।