निशानेबाजी विश्व कप फाइनल्सः संजीव राजपुत फाइनल में जगह बनाने से चूके, राजेश्वरी ने बनाया रिकार्ड
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भारतीय निशानेबाज संजीव राजपूत, राइफल और पिस्टल के शीर्ष निशानेबाजों के प्रतिष्ठित विश्व कप फाइनल्स में मंगलवार को यहां खिताबी मुकाबले में जगह पक्की करने वाले अंतिम आठ खिलाड़ियों में अपना स्थान बनाने से एक अंक से चूक गए।
चेक गणराज्य के उभरते हुए निशानेबाज फिलिप नेपेज्चाल और ब्रिटेन की सिओनैड मैकइंटोश ने पहले दिन क्रमश पुरुषों और महिलाओं के 50 मीटर थ्री पोजीशन में स्वर्ण पदक हासिल किए। पहले ही ओलंपिक कोटा हासिल कर चुके राजपूत 1153 अंक के साथ नौवें स्थान पर रहे। पोलैंड के निशानेबाज तोमास्ज ब्रातनिक ने आठवां और आखिरी क्वालीफाइंग स्थान 1154 अंक के साथ हासिल किया।
संजीव अगर आखिरी दो निशाने 10-10 अंक के लगाते तो ब्रातनिक की बराबरी कर सकते थे। अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ के साल के इस आखिरी टूर्नामेंट की इस स्पर्धा में जगह बनाने वाले दूसरे भारतीय अखिल श्योराण 1147 अंक के साथ 13वें स्थान पर रहे। महिलाओं की थ्री पोजीशन स्पर्धा में अंजुम मोदगिल भी फाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाले शीर्ष आठ निशानेबाजों में जगह नहीं बना पाई। वह 1147 अंक के साथ 13वें स्थान पर रहीं।
भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने पुष्टि की है कि पंजाब की राजेश्वरी कुमार ने यहां चल रही 63वीं राष्ट्रीय शाटगन निशानेबाजी चैंपियनशिप के दौरान महिला ट्रैप स्पर्धा में राष्ट्रीय रिकार्ड बनाया। राजेश्वरी ने क्वालीफाइंग में 125 में से 118 अंक जुटाए और फिर स्पर्धा में रजत पदक जीतने में सफल रही। उन्होंने 69 निशानेबाजों के बीच 24, 23, 24, 24 और 23 की सीरीज बनाई।
राजेश्वरी का क्वालीफाइंग स्कोर पिछले रिकार्ड से दो अंक बेहतर है जो संयुक्त रूप से अनुभवी महिला ट्रैप निशानेबाजों सीमा तोमर, श्रेयसी सिंह और मनीषा कीर के नाम था। राजेश्वरी ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की।
उन्होंने कहा कि मैं हालांकि स्वर्ण पदक से चूक गई, लेकिन मुझे फिर भी राष्ट्रीय रिकार्ड बनाने का गर्व है। मैंने कुछ बड़े नामों को पछाड़ा। एक समय मेरे पिता के नाम पर भी रिकार्ड था और मुझे खुशी है कि वह अपने आदर्श की बराबरी कर पाई।
सीमा, श्रेयसी और मनीषा तीनों ने 2018 में 116 अंक जुटाए थे। सीमा और श्रेयसी ने इंडोनेशिया जबकि मनीष ने जयपुर में राष्ट्रीय चैंपियनशिप के दौरान यह स्कोर बनाया था। अनुभवी निशानेबाज शगुन चौधरी ने भी 117 अंक के साथ फाइनल में जगह बनाई थी।