तीरंदाजों की लापरवाही और अनुशासनहीनता पर सख्त हुआ साई, कार्रवाई की दी चेतावनी
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टोक्यो ओलंपिक की तैयारियों में जुटे भारतीय तीरंदाजों के मनमाने ढंग से कैंप से गायब रहने और जरूरी साइंटिफिक टेस्ट नहीं कराने के मामले सामने आए हैं। तीरंदाजों की इस अनुशासनहीनता पर अदालत की ओर से स्थापित अस्थाई समिति और साई बुरी तरह भड़क गए हैं। समिति ने आदेश जारी कर तीरंदाजों को साफ कर दिया है कि उन्हें इस अनुशासनहीनता पर न सिर्फ कैंप से निकाल दिया जाएगा बल्कि ओलंपिक की टीम में जगह बनाने की प्रक्रिया से भी बाहर कर दिया जाएगा।
टोक्यो ओलंपिक की तैयारियों के लिए आर्मी स्पोट्र्स इंस्टीट्यूट (एएसआई) पुणे में पुरुष और महिला तीरंदाजों का कैंप चल रहा है। पुरुष तीरंदाज ओलंपिक का टिकट हासिल कर चुके हैं जबकि महिला टीम को अभी क्वालिफाई करना है। समिति ने जब ओलंपिक की तैयारियों का जायजा लिया तो पता लगा कि आदेश के बावजूद तीरंदाजों ने जरूरी साइंटिफिक टेस्टों को नहीं कराया है। यही नहीं कई तीरंदाज कैंप से बिना किसी सूचना के लंबे समय तक गायब रहते हैं। यही नहीं समिति को यह भी पता कि तीरंदाजों की ओर से पूरी तरह ट्रेनिंग शेड्यूल का पालन नहीं किया जा रहा है। इसी पर समिति और साई ने कड़ा कदम उठाने का फैसला लिया।
समिति पास करेगी छुट्टी देना होगा साइंटिफिक टेस्ट
आदेश में साफ किया गया कि मेडिकल समस्या या फिर परीक्षा के बिना किसी भी कैंपर को छुट्टी नहीं दी जाएगी। छुट्टी के लिए तीरंदाजों को जरूरी कागजात लगाने होंगे, जिसकी समिति छानबीन करेगी तब छुट्टी दी जाएगी। सभी तीरंदाजों को चोट से बचाने के लिए साइंटिफिक टेस्ट अनिवार्य कर दिए गए हैं। इसके लिए सेंटर के इंचार्ज की जिम्मेदारी तय की गई है। सेंटर इंचार्ज ने ही पहले इन टेस्टों को कराने के लिए तीरंदाजों को कहा था। ओलंपिक की तैयारियों के लिए इस वक्त कैंप में पुरुष और महिला वर्ग में देश के टॉप 12-12 तीरंदाज शामिल हैं। इनमें जयंत तालुकदार, तरुणदीप रॉय, दीपिका कुमारी, अतानु दास, अतुल वर्मा, बोंबाइला देवी जैसे तीरंदाजों के अलावा अन्य तीरंदाज शामिल हैं।