24 साल के बजरंग पूनिया ने इस एशियाई खेलों में पहला गोल्ड दिलाकर भारत को खेल शुरू होने के पहले ही दिन खुश कर दिया था। दूसरे दिन हरियाणवी छोरी विनेश फोगाट ने दूसरा गोल्ड दिलाकर देश का सीनी गर्व से चौड़ा कर दिया।
इंडोनेशिया के जकार्ता-पालेमबांग में जारी 18वें एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता इन दोनों पहलवानों को अब ईनाम स्वरूप रेलवे में पदोन्नति मिलेगी। रेलवे ने मंगलवार को इन दोनों खिलाड़ियों को राजपत्रित अधिकारी (गैजेटेज ऑफिसर) का पद देने का ऐलान किया है।
रेलवे मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि इन दोनों को रेलवे के नियमों के आधार पर पदोन्नति मिलेगी। 3 अगस्त को रेल मंत्री पीयूष गोयल ने खिलाड़ियों की पदोन्नति के लिए एक नई पॉलिसी की घोषणा की है।
इस नई नीति के मुताबिक ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों और पद्मश्री से अलंकृत प्रशिक्षकों को अधिकारी के तौर पर पदोन्नत किया जाएगा। मंत्रालय ने खिलाड़ियों की मेहनत को सम्मान देते हुए दो बार ओलंपिक में जगह बनाने वाले और एशियाई खेलों तथा राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को अधिकारी रैंक पर पदोन्नत करने का फैसला किया है।
बताते चले कि बजरंग पूनिया ने जहां खेलों के पहले दिन 65 किग्रा. फ्री स्टाइल स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता था तो खेलों के दूसरे दिन विनेश ने महिलाओं की 50 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा के फाइनल में जापान की यूकी इरी को मात देकर स्वर्ण पदक जीता था।