NRIA ने IOA के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स के बहिष्कार का किया समर्थन
भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने रविवार को कहा कि वह भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों के बहिष्कार करने के प्रस्ताव का समर्थन करता है, जिसने निशानेबाजी स्पर्धा को अपने यहां होने वाले खेलों से बाहर कर दिया है।
आईओए ने शनिवार को बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों से निशानेबाजी को हटाने के लिये इन खेलों का बहिष्कार करने का प्रस्ताव रखा है और इसके लिये सरकार की मंजूरी मांगी है जिसके लिये अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने खेल मंत्री कीरेन रीजीजू को लिखा है।
एनआरएआई सचिव राजीव भाटिया ने कहा कि जहां तक राष्ट्रमंडल खेलों के बहिष्कार करने का संबंध है तो वे भी आईओए के साथ हैं। भाटिया ने कहा, ‘‘हम आईओए के साथ हैं। निश्चित रूप से हम उनके खेलों के बहिष्कार करने के प्रस्ताव का समर्थन करते हैं।
हम आईओए का हिस्सा हैं, 'हम उसके एनएसएफ (राष्ट्रीय खेल महासंघ) में से एक हैं।' उन्होंने कहा, 'आईओए अध्यक्ष ने अच्छा काम किया है और आईओए जो भी कदम उठायेगा, हम उसका समर्थन करते हैं।'
बहिष्कार मुद्दे पर सीजीएफ अब आईओए से चर्चा को तैयार
राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) ने रविवार को कहा कि वे चाहते हैं कि भारत 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा ले। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने राष्ट्रमंडल खेलों से निशानेबाजी को हटाने पर इन खेलों के बहिष्कार का प्रस्ताव सरकार के पास भेजा है जिसके बाद सीजीएफ ने यह प्रतिक्रिया दी । सीजीएफ ने कहा कि वे निकट भविष्य में आईओए अधिकारियों से मिलना चाहते हैं जिससे कि चिंताओं का हल निकाला जा सके।
सीजीएफ के मीडिया एवं कम्यूनिकेशन मैनेजर टास डीगन ने ईमेल पर दिए जवाब में कहा, 'हम चाहते हैं कि भारत 2022 बर्मिंघम खेलों में हिस्सा ले और आगामी महीनों में भारत में अपने साथियों के साथ बैठक को लेकर उत्सुक हैं जिससे कि उनकी चिंताओं और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हो सके।'
सीजीएफ अधिकारी ने कहा, 'स्वाभाविक रूप से हम निराश हैं कि भारत में हमारे साथियों ने रवांडा में 2019 सीजीएफ आम सभा में अन्य राष्ट्रमंडल देशों और क्षेत्रों के साथ नहीं आने का फैसला किया है, विशेषकर इसलिए क्योंकि यहां पर राष्ट्रमंडल खेल अभियान की भविष्य की रणनीतिक दिशा पर चर्चा होगी और हमारे 71 सदस्य इसे स्वीकृति देंगे।'
क्या है मामला : दरअसल 2022 में बर्मिंघम में होने वाले आगामी राष्ट्रमंडल खेलों में निशानेबाजी को शामिल नहीं किया गया है। भारत इस स्पर्धा में काफी पदक जीतता रहा है। भारतीय ओलंपिक संघ का मानना है कि भारत के प्रति अच्छी भावना न होने के चलते ऐसा किया गया है। आईओए ने राष्ट्रमंडल खेल 2022 के बहिष्कार का प्रस्ताव रखा है और सरकार से मंजूरी मांगी है। यही नहीं आईओए ने सीजीएफ की आम सभा से नाम वापिस ले लिया है जो सितंबर में रवांडा में होनी है।
हम काफी समय से देख रहे हैं कि भारत जब भी खेलों पर पकड़ बनाने लगता है, तब नियमों में बदलाव की कोशिश की जाती है। अब हमें कड़े सवाल पूछने होंगे और कड़े कदम उठाने होंगे।’ -नरेंदर बत्रा, आईओए अध्यक्ष