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नाडा हुआ शर्मसार, डोपिंग में फंसे शॉटपुटर इंदरजीत बरी
Sat, 15 Dec 2018 12:16 AM IST
Mukesh Jha
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: Mukesh Jha
Updated Sat, 15 Dec 2018 12:16 AM IST
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Inderjeet Singh
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रियो ओलंपिक से पहले डोप में फंसे एशियाई चैंपियन शॉटपुटर इंदरजीत सिंह को बड़ी राहत मिली है। नाडा के अपील पैनल ने हियरिंग पैनल के फैसले को पलटते उन्हें शुक्रवार को डोपिंग के आरोपों से बरी कर दिया। इसके साथ ही इंदरजीत पर हियरिंग पैनल की ओर से लगाया गया चार साल का प्रतिबंध खत्म हो गया है।
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अपील पैनल ने सैंपलिंग के दौरान नाडा की ओर से की गई खामियों का लाभ शॉटपुटर को दिया। नाडा यह साबित नहीं कर सकी किस तरह इंदरजीत के हैदराबाद में लिए गए सैंपल की मात्रा लैब पहुंचने तक 150 मिलीलीटर से 120 मिलीलीटर रह गई। हालांकि इस फैसले के खिलाफ वाडा और इंटरनेशनल एथलेटिक फेडरेशन (आईएएएफ) कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स (कैस) में अपील कर सकते हैं, लेकिन अब इंदरजीत खेलने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने साफ किया है कि उनकी निगाह टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने पर है।
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विभा मखीजा की अगुवाई वाले पैनल के समक्ष नाडा यह साबित नहीं कर पाई कि उनकी ओर से की गई खामियों का असर सैंपल के परिणाम पर नहीं पड़ेगा। 22 जून 2016 को भिवानी में लिए गए इंदरजीत के सैंपल को तकरीबन 14 घंटे डोप कंट्रोल ऑफिसर ने फ्रिज में रखा। नाडा ने प्रारंभिक रीव्यू में इस बात का जिक्र नहीं किया।
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यह प्रक्रिया के उलट था। इंदरजीत की ओर से पक्ष रखा गया जिस किट का इस्तेमाल हुआ उसमें छेड़छाड़ के अवसर बनते हैं। इसी तरह 29 जून 2016 को हैदराबाद इंटरस्टेट में लिया गए इंदरजीत के यूरिन सैंपल की मात्रा 150 एमएल थी लेकिन लैब में यह 120 एमएल पहुंचा। नाडा इस बात को भी साबित नहीं कर सकी कि सैंपल की मात्रा किस तरह कम हुई। इन्हीं बातों का लाभ पैनल ने इंदरजीत को दिया।